मनोहरपुर में संदिग्ध विस्फोटक : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सोनपोखरी गांव में मंगलवार को खेत की जुताई के दौरान एक संदिग्ध विस्फोटक जैसी वस्तु मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। खेत में ट्रैक्टर से जुताई कर रहे चालक को जमीन के अंदर दबा एक भारी धातु का उपकरण दिखाई दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी। घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए और क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सोनपोखरी गांव निवासी किसान अपने खेत की जुताई करवा रहे थे। इसी दौरान ट्रैक्टर चालक को खेत के बीचोंबीच जमीन में दबा एक बड़ा और जंग लगा धातु का उपकरण दिखाई दिया। प्रारंभिक तौर पर यह किसी पुराने बम, मोर्टार शेल या विस्फोटक सामग्री जैसा प्रतीत हो रहा था। चालक ने तुरंत ट्रैक्टर रोक दिया और खेत मालिक को इसकी सूचना दी।
खेत में दबा था भारी धातु का उपकरण
ग्रामीणों के अनुसार खेत में मिला उपकरण लगभग दो फीट लंबा है और उसका वजन करीब 30 किलोग्राम तक हो सकता है। मिट्टी के अंदर कई वर्षों से दबे रहने के कारण उस पर जंग लग चुकी है। हालांकि उसकी वास्तविक पहचान अभी तक नहीं हो सकी है।
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। लोगों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि कहीं यह कोई पुराना विस्फोटक तो नहीं है। कई ग्रामीणों ने आशंका जताई कि अगर जुताई के दौरान उपकरण सक्रिय हो जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलने के बाद मनोहरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया। पुलिस ने ग्रामीणों को संदिग्ध वस्तु से दूर रहने की सलाह दी है। साथ ही विशेषज्ञों की मदद से वस्तु की जांच कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि खेत में मिला उपकरण वास्तव में विस्फोटक है या कोई पुराना धातु का हिस्सा। सुरक्षा के मद्देनजर क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी गई है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण बढ़ी चिंता
मनोहरपुर और कोल्हान का इलाका लंबे समय तक नक्सल गतिविधियों से प्रभावित रहा है। ऐसे में संदिग्ध विस्फोटक मिलने की घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां इस पहलू की भी जांच कर रही हैं कि कहीं यह नक्सलियों द्वारा वर्षों पहले छिपाकर रखा गया विस्फोटक तो नहीं है।
हालांकि फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। विशेषज्ञों की जांच के बाद ही यह तय हो सकेगा कि यह वस्तु किस प्रकार की है और कितने समय से जमीन के अंदर दबी हुई थी।
ग्रामीणों ने की व्यापक जांच की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे क्षेत्र की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि खेत में एक संदिग्ध वस्तु मिल सकती है तो आसपास के इलाकों में भी ऐसी सामग्री दबे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मेटल डिटेक्टर और बम निरोधक दस्ते की मदद से इलाके की जांच कराने की अपील की है ताकि भविष्य में किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएं
झारखंड के कई जिलों में पहले भी खेतों, जंगलों और पहाड़ी इलाकों से पुराने विस्फोटक, मोर्टार शेल और आईईडी मिलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। विशेष रूप से कोल्हान और पश्चिमी सिंहभूम क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा समय-समय पर नक्सलियों के छिपाए गए विस्फोटक बरामद किए जाते रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि कई बार वर्षों पुराने विस्फोटक जमीन के अंदर दबे रहने के बावजूद खतरनाक बने रहते हैं। ऐसे में किसी भी संदिग्ध वस्तु को छूने या हटाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए और तुरंत पुलिस को सूचना देनी चाहिए।
क्या करें यदि मिले संदिग्ध वस्तु?
यदि किसी खेत, जंगल या सार्वजनिक स्थान पर संदिग्ध धातु की वस्तु मिले तो:
- उसे हाथ न लगाएं।
- आसपास के लोगों को दूर रखें।
- तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दें।
- फोटो या वीडियो बनाते समय सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
- स्वयं उसे हटाने का प्रयास न करें।
निष्कर्ष
मनोहरपुर के सोनपोखरी गांव में खेत की जुताई के दौरान मिला संदिग्ध विस्फोटक पूरे क्षेत्र के लिए चिंता का विषय बन गया है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। फिलहाल ग्रामीणों को सतर्क रहने और अफवाहों से बचने की सलाह दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि खेत में मिला उपकरण वास्तव में विस्फोटक था या कोई अन्य धातु सामग्री। तब तक प्रशासन सुरक्षा के सभी आवश्यक कदम उठा रहा है।







