HomeLocal newsधनबाद के तेतुलमारी में जमीन फटी, भू-धंसान की आशंका से सड़क जाम,...

धनबाद के तेतुलमारी में जमीन फटी, भू-धंसान की आशंका से सड़क जाम, ग्रामीणों ने उठाए अवैध खनन पर सवाल | Jharkhand News | Bhaiyajii News |

- Advertisement -spot_img

धनबाद तेतुलमारी जमीन फटी : झारखंड के धनबाद जिले के तेतुलमारी क्षेत्र में शुक्रवार देर रात जमीन में लंबी दरार पड़ने से इलाके में दहशत का माहौल बन गया। सिजुआ-तेतुलमारी मार्ग स्थित मनसा मंदिर के पास पाण्डेयडीह टिल्हा के समीप अचानक जमीन फटने की घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने संभावित भू-धंसान की आशंका जताते हुए नया मोड़-तेतुलमारी मुख्य सड़क को जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे कथित अवैध कोयला उत्खनन के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और लोगों को शांत रहने की अपील की है।

जमीन में आई लंबी दरार, सहमे ग्रामीण

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार देर रात अचानक जमीन में लंबी दरार दिखाई दी। देखते ही देखते आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। दरार की सूचना पूरे इलाके में फैलते ही लोगों में भय का माहौल बन गया। कई परिवारों ने एहतियात के तौर पर अपने घरों से बाहर निकलना उचित समझा।

ग्रामीणों का कहना है कि जमीन में इस तरह की दरार भविष्य में बड़े भू-धंसान का संकेत हो सकती है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल वैज्ञानिक जांच कराने और क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

सड़क जाम कर जताया विरोध

घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने नया मोड़-तेतुलमारी मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि अवैध कोयला खनन की शिकायतें पहले भी कई बार की गई थीं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि अवैध खनन पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में किसी बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता। उनका कहना है कि लोगों की सुरक्षा प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

अवैध खनन पर उठाए गंभीर सवाल

स्थानीय लोगों का आरोप है कि उनके घरों के पीछे लंबे समय से अवैध तरीके से बड़े पैमाने पर कोयले का उत्खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार काली मंदिर के आसपास कथित अवैध खनन गतिविधियों के कारण जमीन कमजोर हो गई है, जिससे दरारें पड़ने लगी हैं।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे क्षेत्र का तकनीकी और भू-वैज्ञानिक सर्वे कराया जाए तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने प्रभावित इलाके को सुरक्षित घोषित कर आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग भी की है।

पुलिस ने संभाली स्थिति

सड़क जाम की सूचना मिलते ही तेतुलमारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और समझा-बुझाकर सड़क जाम समाप्त कराया। इसके बाद यातायात सामान्य हो सका।

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। यदि तकनीकी जांच में किसी प्रकार का खतरा सामने आता है तो आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

भू-धंसान की घटनाओं से पहले भी जूझ चुका है क्षेत्र

धनबाद और झरिया का कोयला क्षेत्र लंबे समय से भू-धंसान और भूमिगत आग जैसी समस्याओं के लिए जाना जाता है। कई स्थानों पर पहले भी जमीन धंसने और मकानों में दरार आने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने भूमिगत खनन, आग और अनियंत्रित उत्खनन के कारण ऐसे क्षेत्रों में जमीन कमजोर हो जाती है।

तेतुलमारी के ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते वैज्ञानिक सर्वे और सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो भविष्य में गंभीर हादसा हो सकता है।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष कई मांगें रखी हैं। इनमें पूरे क्षेत्र का भू-वैज्ञानिक सर्वे, कथित अवैध खनन पर तत्काल रोक, प्रभावित स्थानों की निगरानी, जोखिम वाले क्षेत्रों को चिन्हित करना तथा लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाना शामिल है।

स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर

फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है। तकनीकी विशेषज्ञों की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस बार उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और संभावित खतरे को टालने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में नियमित भू-वैज्ञानिक सर्वे, आधुनिक निगरानी प्रणाली और अवैध खनन पर सख्त नियंत्रण ही ऐसी घटनाओं को रोकने का प्रभावी उपाय हो सकता है।

निष्कर्ष

तेतुलमारी में जमीन फटने की घटना ने एक बार फिर खनन प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते वैज्ञानिक जांच और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। फिलहाल प्रशासन जांच कर रहा है, जबकि स्थानीय लोग अपनी सुरक्षा और अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img
Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
- Advertisement -spot_img
Related News
- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here