गिरिडीह अवैध शराब कार्रवाई : झारखंड के गिरिडीह जिले में अवैध शराब के निर्माण और कारोबार पर शिकंजा कसते हुए उत्पाद विभाग और पुलिस ने बड़ी संयुक्त कार्रवाई की है। मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के बराहमोरिया गांव में चलाए गए विशेष छापेमारी अभियान के दौरान अधिकारियों ने करीब 4000 किलोग्राम जावा महुआ को नष्ट कर दिया, जबकि 300 लीटर अवैध महुआ शराब जब्त की गई। इस दौरान शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को भी नष्ट किया गया। हालांकि, पुलिस टीम के पहुंचते ही कई आरोपी मौके से फरार हो गए। उनके खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
उपायुक्त के निर्देश पर चला विशेष अभियान
गिरिडीह जिले में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन लगातार अभियान चला रहा है। इसी क्रम में उपायुक्त के निर्देश पर उत्पाद विभाग और मुफ्फसिल थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने बराहमोरिया गांव में छापेमारी की। प्रशासन को सूचना मिली थी कि गांव के कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर अवैध महुआ शराब बनाई जा रही है। सूचना के आधार पर टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की।
4000 किलो जावा महुआ किया गया नष्ट
छापेमारी के दौरान टीम को अलग-अलग स्थानों पर भारी मात्रा में जावा महुआ मिला। अधिकारियों ने लगभग 4000 किलोग्राम जावा महुआ को मौके पर ही नष्ट कर दिया, ताकि इसका उपयोग दोबारा अवैध शराब बनाने में न हो सके। इसके अलावा करीब 300 लीटर तैयार महुआ शराब भी बरामद की गई, जिसे जब्त कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
अधिकारियों के अनुसार, इतनी बड़ी मात्रा में जावा महुआ और शराब की बरामदगी यह दर्शाती है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब का कारोबार संचालित किया जा रहा था।
पुलिस को देखते ही फरार हुए कारोबारी
संयुक्त टीम जैसे ही गांव में पहुंची, अवैध शराब के कारोबार से जुड़े कई लोग मौके से भाग निकले। पुलिस ने उनकी पहचान कर ली है और उनके खिलाफ झारखंड उत्पाद अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
कई अधिकारियों की रही अहम भूमिका
इस अभियान का नेतृत्व उत्पाद अवर निरीक्षक महेंद्र देवगम और पुलिस अवर निरीक्षक गौतम कुमार ने किया। इनके साथ पुलिस सहायक अवर निरीक्षक लक्ष्मण महतो, राधेश्याम झा, उत्पाद विभाग के कर्मचारी, गृह रक्षक बल तथा पुलिस बल के जवान भी मौजूद रहे। संयुक्त टीम ने गांव के कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाकर अवैध शराब निर्माण से जुड़े ठिकानों को ध्वस्त किया।
अवैध शराब के खिलाफ आगे भी जारी रहेगा अभियान
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गिरिडीह में अवैध शराब के कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में नियमित रूप से संयुक्त छापेमारी अभियान चलाया जाएगा। जहां भी अवैध शराब निर्माण या बिक्री की सूचना मिलेगी, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य और समाज के लिए बड़ा खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, अवैध रूप से तैयार की जाने वाली महुआ शराब स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकती है। बिना किसी गुणवत्ता जांच के तैयार होने वाली शराब में जहरीले तत्व मिल जाने का खतरा रहता है, जिससे लोगों की जान तक जा सकती है। देश के कई राज्यों में जहरीली शराब पीने से मौत और गंभीर बीमारी के मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में प्रशासन की यह कार्रवाई जनहित और सार्वजनिक सुरक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
ग्रामीणों से सहयोग की अपील
उत्पाद विभाग और पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कहीं भी अवैध शराब का निर्माण, बिक्री या भंडारण हो रहा हो तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जनता के सहयोग से ही इस अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
झारखंड में लगातार बढ़ रही सख्ती
झारखंड सरकार ने हाल के वर्षों में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। राज्य के विभिन्न जिलों में उत्पाद विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमें नियमित रूप से छापेमारी कर रही हैं। इसका उद्देश्य न केवल अवैध शराब कारोबार पर रोक लगाना है, बल्कि जहरीली शराब से होने वाली दुर्घटनाओं को भी रोकना है। गिरिडीह में हुई यह कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है।
निष्कर्ष
गिरिडीह के बराहमोरिया गांव में हुई संयुक्त कार्रवाई यह संदेश देती है कि प्रशासन अवैध शराब कारोबार के खिलाफ पूरी तरह सख्त है। 4000 किलो जावा महुआ को नष्ट करना और 300 लीटर अवैध शराब जब्त करना इस अभियान की बड़ी सफलता मानी जा रही है। आने वाले दिनों में भी जिले के अन्य संवेदनशील इलाकों में इसी तरह की कार्रवाई जारी रहने की संभावना है। प्रशासन ने साफ किया है कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।







