Homeझारखंड न्यूज़NGT की रोक के बावजूद पलामू में धड़ल्ले से अवैध बालू खनन,...

NGT की रोक के बावजूद पलामू में धड़ल्ले से अवैध बालू खनन, पुलिस ने तीन ट्रैक्टर किए जब्त | Jharkhand News | Bhaiyajii News |

- Advertisement -spot_img

पलामू अवैध बालू खनन : झारखंड के पलामू जिले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की रोक के बावजूद अवैध बालू खनन और परिवहन का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है, लेकिन बालू माफिया नए-नए तरीकों से नियमों को धता बताते हुए अवैध खनन में लगे हुए हैं। इसी क्रम में पलामू के पांकी थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध बालू से लदे तीन ट्रैक्टर जब्त किए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध बालू कारोबार में शामिल लोगों के बीच हड़कंप मच गया है।

गुप्त सूचना के आधार पर हुई छापेमारी

पांकी थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि थाना क्षेत्र के आसेहार-सगालिम मार्ग से अवैध रूप से बालू का परिवहन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने विशेष अभियान चलाया और संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की। जांच के दौरान बालू से लदे तीन ट्रैक्टर पकड़े गए। चालक मौके से फरार होने में सफल रहे, जबकि पुलिस ने ट्रैक्टरों को जब्त कर लिया।

दो ट्रैक्टर थाना पहुंचे, तीसरे को भी कब्जे में लिया जाएगा

पुलिस अधिकारियों के अनुसार जब्त किए गए तीन ट्रैक्टरों में से दो को पांकी थाना परिसर लाया गया है। तीसरे ट्रैक्टर का टायर पंचर होने के कारण उसे तत्काल थाना नहीं लाया जा सका। पुलिस उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उसे भी जल्द थाना लाने की प्रक्रिया पूरी कर रही है।

ट्रैक्टर मालिकों और बालू माफिया की तलाश

पुलिस अब जब्त ट्रैक्टरों के पंजीकरण दस्तावेजों की जांच कर रही है। इसके आधार पर वाहन मालिकों की पहचान की जाएगी। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि अवैध बालू खनन और परिवहन के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। दोषियों के खिलाफ खनन अधिनियम, पर्यावरण संरक्षण कानून और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।

NGT की रोक के बावजूद क्यों जारी है अवैध बालू खनन?

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने पर्यावरण संरक्षण और नदियों के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने के लिए कई क्षेत्रों में बालू खनन पर प्रतिबंध या कड़े दिशा-निर्देश लागू किए हैं। इसके बावजूद पलामू सहित झारखंड के कई जिलों में अवैध बालू खनन की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि अवैध खनन से नदियों की धारा प्रभावित होती है, भूजल स्तर नीचे चला जाता है और नदी किनारे बसे गांवों में कटाव का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा जैव विविधता पर भी इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है।

सरकार को राजस्व का भारी नुकसान

अवैध बालू खनन का सबसे बड़ा नुकसान सरकारी राजस्व को होता है। बिना रॉयल्टी और वैध अनुमति के निकाली गई बालू खुले बाजार में बेची जाती है, जिससे सरकार को लाखों रुपये का नुकसान होता है। दूसरी ओर वैध लाइसेंसधारियों का व्यवसाय भी प्रभावित होता है।

खनन विभाग समय-समय पर कार्रवाई करता है, लेकिन सीमित संसाधनों और बड़े नेटवर्क के कारण बालू माफिया कई बार बच निकलते हैं।

प्रशासन ने सख्ती बढ़ाने के दिए संकेत

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। संवेदनशील इलाकों में नियमित गश्त की जाएगी और रात के समय विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। संदिग्ध वाहनों की जांच के साथ-साथ ड्रोन और अन्य तकनीकी संसाधनों का भी उपयोग किया जा सकता है।

प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध बालू खनन या परिवहन की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस या जिला प्रशासन को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी है जनभागीदारी

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल प्रशासनिक कार्रवाई से अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगाना संभव नहीं है। इसके लिए स्थानीय लोगों की जागरूकता और सहयोग भी जरूरी है। यदि ग्रामीण और सामाजिक संगठन समय पर सूचना दें तो अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

नदियां प्राकृतिक संसाधन हैं और उनका संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए आवश्यक है। इसलिए अवैध खनन के खिलाफ सामूहिक प्रयास की जरूरत है।

पलामू में लगातार हो रही कार्रवाई

पिछले कुछ महीनों में पलामू जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में अवैध बालू, पत्थर और खनिजों के खिलाफ कई अभियान चलाए गए हैं। प्रशासन का दावा है कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी ताकि अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

निष्कर्ष

पांकी थाना पुलिस द्वारा तीन ट्रैक्टर जब्त किए जाने की कार्रवाई यह दिखाती है कि प्रशासन अवैध बालू खनन के खिलाफ सक्रिय है। हालांकि, NGT की रोक के बावजूद लगातार सामने आ रहे मामलों से यह भी स्पष्ट होता है कि बालू माफिया अब भी सक्रिय हैं। ऐसे में सख्त निगरानी, नियमित छापेमारी, कानूनी कार्रवाई और जनता के सहयोग से ही इस अवैध कारोबार पर स्थायी रोक लगाई जा सकती है।

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img
Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
- Advertisement -spot_img
Related News
- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here