नई ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना : देशभर में ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्र सरकार ने 1 जुलाई 2026 से नई विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) – VB-G RAM G योजना लागू कर दी है। इसके साथ ही ग्रामीण श्रमिकों के लिए रोजगार की गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। वहीं, सभी राज्यों के लिए नई मजदूरी दरें भी अधिसूचित की गई हैं, जिसके तहत झारखंड के ग्रामीण मजदूरों को पहले की तुलना में अधिक दैनिक मजदूरी मिलेगी।
यह बदलाव ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, पलायन रोकने और मजदूरों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। झारखंड जैसे राज्य, जहां बड़ी आबादी आज भी ग्रामीण रोजगार योजनाओं पर निर्भर है, वहां इस योजना का सीधा लाभ लाखों परिवारों तक पहुंचेगा।
क्या है नई ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना?
नई योजना का आधिकारिक नाम विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) है। यह पहले की मनरेगा व्यवस्था का स्थान लेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के साथ-साथ टिकाऊ विकास कार्यों को भी बढ़ावा देगी। सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य केवल मजदूरी देना नहीं, बल्कि गांवों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाना भी है।
नई व्यवस्था में रोजगार, कौशल, आजीविका और ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया गया है।
झारखंड के मजदूरों को क्या मिलेगा फायदा?
झारखंड में हजारों पंचायतों के लाखों ग्रामीण परिवार रोजगार गारंटी योजना पर निर्भर रहते हैं। नई योजना लागू होने के बाद उन्हें निम्नलिखित लाभ मिलेंगे—
- दैनिक मजदूरी में वृद्धि।
- 100 की जगह 125 दिनों तक रोजगार की कानूनी गारंटी।
- समय पर मजदूरी भुगतान की व्यवस्था।
- रोजगार नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ते का प्रावधान।
- बैंक खाते में सीधे DBT के माध्यम से भुगतान।
सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ेगी और गांवों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
मजदूरी में कितना बदलाव?
केंद्र सरकार ने सभी राज्यों के लिए संशोधित मजदूरी दरें अधिसूचित कर दी हैं। नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण रोजगार कार्यों में न्यूनतम दैनिक मजदूरी 300 रुपये से कम नहीं होगी। राज्यवार दरों में अंतर हो सकता है, लेकिन झारखंड के श्रमिकों को भी पहले की तुलना में अधिक मजदूरी मिलेगी।
इसका सीधा असर ग्रामीण मजदूरों की मासिक आय पर पड़ेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।
125 दिन रोजगार की गारंटी क्यों है खास?
पहले ग्रामीण परिवारों को अधिकतम 100 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलती थी। नई योजना में इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है।
इस बदलाव से—
- खेती के ऑफ-सीजन में भी रोजगार मिलेगा।
- ग्रामीण पलायन कम होगा।
- गरीब परिवारों की वार्षिक आय बढ़ेगी।
- महिलाओं और कमजोर वर्गों को अधिक रोजगार के अवसर मिलेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव ग्रामीण अर्थव्यवस्था को लंबे समय तक सकारात्मक दिशा दे सकता है।
किन कार्यों में मिलेगा रोजगार?
नई योजना के तहत पंचायत स्तर पर कई विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनमें शामिल हैं—
- ग्रामीण सड़क निर्माण
- तालाब और जल संरक्षण
- सिंचाई परियोजनाएं
- पौधारोपण
- वर्षा जल संचयन
- पंचायत भवन और सार्वजनिक परिसंपत्तियों का निर्माण
- कृषि से जुड़े विकास कार्य
इन परियोजनाओं का उद्देश्य रोजगार देने के साथ-साथ गांवों की आधारभूत संरचना को मजबूत बनाना भी है।
महिलाओं के लिए भी विशेष प्रावधान
नई योजना में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। यदि किसी कार्यस्थल पर पांच या उससे अधिक छोटे बच्चे मौजूद हैं, तो उनकी देखभाल के लिए एक महिला कार्यकर्ता की नियुक्ति की जाएगी। इससे महिला मजदूरों को बिना बाधा काम करने में सुविधा मिलेगी।
पुराने जॉब कार्ड का क्या होगा?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन श्रमिकों के पुराने ई-केवाईसी सत्यापित जॉब कार्ड हैं, वे फिलहाल मान्य रहेंगे। नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी होने तक उन्हीं कार्डों के आधार पर रोजगार मिलता रहेगा। पहले से चल रहे सभी कार्य भी बिना किसी रुकावट के जारी रहेंगे।
झारखंड में कितना असर पड़ेगा?
झारखंड के ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में परिवार रोजगार गारंटी योजना के माध्यम से अपनी आजीविका चलाते हैं। राज्य के पलामू, गढ़वा, लातेहार, गुमला, सिमडेगा, खूंटी, चतरा, दुमका, पाकुड़ और साहिबगंज जैसे जिलों में इस योजना की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
ग्रामीण विकास विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ी हुई मजदूरी और अतिरिक्त 25 दिनों के रोजगार से राज्य के लाखों परिवारों की वार्षिक आय में उल्लेखनीय सुधार होगा। इससे स्थानीय बाजारों में क्रय शक्ति भी बढ़ेगी और छोटे कारोबार को लाभ मिलेगा।
सरकार का उद्देश्य
केंद्र सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना के लिए 95,692 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है, जबकि राज्यों के योगदान के साथ कुल व्यय 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। सरकार का लक्ष्य रोजगार के साथ ग्रामीण आधारभूत संरचना, जल संरक्षण, कृषि उत्पादकता और आजीविका को मजबूत करना है।
निष्कर्ष
1 जुलाई 2026 से लागू हुई नई ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना झारखंड सहित पूरे देश के ग्रामीण श्रमिकों के लिए बड़ा बदलाव लेकर आई है। रोजगार की अवधि 100 से बढ़ाकर 125 दिन करना, मजदूरी दरों में वृद्धि, समय पर भुगतान और महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान इस योजना को पहले से अधिक व्यापक बनाते हैं। यदि इसका प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो यह झारखंड के लाखों ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और गांवों के समग्र विकास में अहम भूमिका निभा सकती है।







