PM Viksit Bharat Rozgar Yojana 2026: केंद्र सरकार ने देश में रोजगार के अवसर बढ़ाने और युवाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं को आर्थिक प्रोत्साहन देना और कंपनियों को नए रोजगार पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना के तहत पात्र First-Time Employees को एक महीने की मजदूरी के बराबर अधिकतम ₹15,000 तक का प्रोत्साहन दिया जाता है। वहीं नए कर्मचारियों की भर्ती करने वाले पात्र नियोक्ताओं को प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी पर ₹3,000 प्रति माह तक की प्रोत्साहन राशि मिल सकती है।
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana क्या है?
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) केंद्र सरकार की रोजगार-केंद्रित योजना है। इसे पहले Employment Linked Incentive (ELI) Scheme के नाम से जाना जाता था। केंद्र सरकार ने इसे औपचारिक रोजगार बढ़ाने, युवाओं को EPFO के सामाजिक सुरक्षा दायरे में लाने और कंपनियों को अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लागू किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 को लाल किले से इस योजना की घोषणा की थी। योजना का कुल वित्तीय परिव्यय ₹99,446 करोड़ है और इसका लक्ष्य दो वर्षों में देशभर में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार के अवसरों को प्रोत्साहित करना है। इनमें लगभग 1.92 करोड़ First-Time Employees के औपचारिक कार्यबल में शामिल होने का अनुमान है।
योजना के तहत रोजगार से जुड़े लाभ 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित नौकरियों पर लागू हैं।
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana का उद्देश्य
इस योजना के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य केवल नौकरी की संख्या बढ़ाना नहीं है, बल्कि युवाओं को Formal Employment से जोड़ना भी है। औपचारिक नौकरी मिलने पर कर्मचारी EPFO जैसी सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ सकता है।
योजना के प्रमुख उद्देश्य हैं:
- पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं को प्रोत्साहन देना
- देश में नए रोजगार के अवसर बढ़ाना
- EPFO के तहत औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देना
- युवाओं की employability बढ़ाना
- कंपनियों को अतिरिक्त भर्ती के लिए प्रोत्साहित करना
- विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार को बढ़ावा देना
- सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाना
- विकसित भारत के रोजगार लक्ष्यों को मजबूत करना
सरकार के अनुसार PMVBRY सभी क्षेत्रों में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है, लेकिन manufacturing sector पर विशेष जोर दिया गया है।
युवाओं को कितना पैसा मिलेगा?
PMVBRY का सबसे महत्वपूर्ण लाभ पहली बार नौकरी पाने वाले कर्मचारियों के लिए है।
योजना के Part A के तहत पात्र First-Time Employee को एक पूर्ण माह के EPF wage के बराबर प्रोत्साहन दिया जाता है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹15,000 है।
यह राशि एक साथ नहीं बल्कि दो किस्तों में दी जाती है।
पहली किस्त
पहली किस्त कर्मचारी के 6 महीने की लगातार सेवा पूरी करने के बाद देय होती है।
दूसरी किस्त
दूसरी किस्त के लिए कर्मचारी को कुल 12 महीने की सेवा पूरी करनी होती है और निर्धारित Financial Literacy Programme पूरा करना होता है।
इसका उद्देश्य युवाओं को सिर्फ नौकरी मिलने तक सीमित लाभ देना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार में टिके रहने और बचत की आदत विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना भी है।
कौन ले सकता है ₹15,000 तक का लाभ?
PMVBRY के Part A में मुख्य रूप से ऐसे कर्मचारी शामिल हैं जो पहली बार formal workforce में प्रवेश कर रहे हैं और EPFO के तहत पात्र रोजगार में शामिल हुए हैं।
आधिकारिक दिशानिर्देशों के अनुसार First-Time Employee के लिए joining के समय gross wages ₹1 लाख प्रति माह तक होने चाहिए। योजना में अन्य eligibility conditions भी लागू होती हैं।
इसलिए यह समझना जरूरी है कि हर नौकरी करने वाले व्यक्ति को अपने-आप ₹15,000 नहीं मिलेगा। कर्मचारी को योजना की निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी।
First-Time Employee का क्या मतलब है?
First-Time Employee से आशय ऐसे कर्मचारी से है जो पहली बार EPFO-covered formal employment में प्रवेश कर रहा है और योजना के नियमों के अनुसार पात्र है।
इसका मतलब यह नहीं है कि किसी व्यक्ति ने जीवन में कभी कोई छोटा-मोटा काम नहीं किया हो। योजना में First-Timer की पहचान EPFO/UAN और निर्धारित सरकारी नियमों के आधार पर की जाती है।
इसीलिए नौकरी शुरू करने वाले युवाओं के लिए UAN और EPFO records सही रखना महत्वपूर्ण है।
Employer को मिलेगा ₹3,000 तक का प्रोत्साहन
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana केवल कर्मचारियों के लिए नहीं है। सरकार ने employers के लिए भी incentive रखा है।
योजना के Part B के तहत पात्र employer को अतिरिक्त रोजगार पैदा करने पर प्रति कर्मचारी प्रति माह अधिकतम ₹3,000 तक का incentive मिल सकता है।
इसके लिए कर्मचारी का रोजगार निर्धारित अवधि तक बना रहना जरूरी है। सामान्य रूप से sustained employment की शर्त कम से कम 6 महीने की है।
इसका उद्देश्य कंपनियों को अधिक लोगों को formal payroll पर रखने के लिए प्रोत्साहित करना है।
Employer के लिए कितनी भर्ती जरूरी है?
योजना के नियमों के अनुसार EPFO-registered establishments के लिए additional employment की eligibility में establishment के आकार के आधार पर भर्ती की शर्तें लागू होती हैं।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार:
- 50 से कम कर्मचारियों वाले establishments को कम से कम 2 अतिरिक्त employees रखने होते हैं।
- 50 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले establishments को कम से कम 5 अतिरिक्त employees रखने होते हैं।
इसके अलावा baseline, additionality और अन्य scheme conditions भी लागू होती हैं।
इसलिए employer को केवल एक कर्मचारी नियुक्त करने पर हर स्थिति में incentive मिलने की गारंटी नहीं है।
Manufacturing Sector को अतिरिक्त लाभ
PMVBRY में manufacturing sector को विशेष महत्व दिया गया है।
सामान्य sectors में eligible employers को additional employment के लिए incentive अधिकतम दो वर्षों तक मिल सकता है। Manufacturing sector में निर्धारित शर्तों को पूरा करने पर यह incentive अतिरिक्त दो वर्षों तक बढ़ाया जा सकता है, यानी कुल चार वर्ष तक लाभ की व्यवस्था है।
सरकार का उद्देश्य manufacturing को अधिक रोजगार पैदा करने वाले क्षेत्र के रूप में मजबूत करना है।
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana की पात्रता
योजना में कर्मचारी और employer के लिए अलग-अलग eligibility criteria हैं।
कर्मचारी के लिए मुख्य पात्रता
- कर्मचारी पहली बार formal employment में प्रवेश कर रहा हो।
- रोजगार EPFO के दायरे में आने वाली पात्र establishment में हो।
- Joining के समय gross wages निर्धारित सीमा के भीतर हों।
- योजना की अवधि में पात्र रोजगार शुरू हुआ हो।
- निर्धारित अवधि तक continuous service की शर्त पूरी करनी हो।
- UAN और EPFO से संबंधित रिकॉर्ड सही होना चाहिए।
- दूसरी किस्त के लिए निर्धारित financial literacy requirement पूरी करनी होगी।
आधिकारिक guidelines के अनुसार Part A में first-timer की eligibility और ECR contribution से जुड़ी शर्तें भी लागू होती हैं।
Employer के लिए पात्रता
Employer के लिए भी EPFO registration और additional employment से संबंधित शर्तें हैं।
मुख्य रूप से employer को:
- EPFO के तहत registered होना चाहिए।
- निर्धारित संख्या में additional employees नियुक्त करने चाहिए।
- कर्मचारियों को निर्धारित अवधि तक बनाए रखना चाहिए।
- EPFO में आवश्यक ECR और contribution records सही तरीके से जमा करने चाहिए।
- scheme की baseline और net additionality conditions पूरी करनी चाहिए।
नई establishments के लिए भी अलग baseline provisions निर्धारित किए गए हैं।
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana में आवेदन कैसे करें?
योजना में कर्मचारी को सामान्य सरकारी योजना की तरह केवल एक form भरकर ₹15,000 claim करने की प्रक्रिया नहीं समझनी चाहिए। लाभ EPFO-based employment records और निर्धारित eligibility के आधार पर दिया जाता है।
First-Time Employees के लिए Universal Account Number (UAN) जरूरी है। सरकार की जानकारी के अनुसार First-Timers को UMANG App में उपलब्ध Face Authentication Technology (FAT) के माध्यम से UAN generate करने की व्यवस्था की गई है।
Employer PMVBRY के official portal पर जाकर one-time registration प्रक्रिया पूरी कर सकता है।
आधिकारिक PMVBRY portal EPFO के माध्यम से उपलब्ध है:
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana Official Portal
इसके अलावा EPFO की official website से भी योजना से संबंधित जानकारी देखी जा सकती है:
UAN क्यों जरूरी है?
UAN यानी Universal Account Number EPFO से जुड़े कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण पहचान संख्या है।
PMVBRY में First-Time Employee की eligibility EPFO records से जुड़ी होने के कारण UAN की भूमिका महत्वपूर्ण है।
नौकरी शुरू करने वाले युवाओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि:
- UAN सही हो
- नाम और अन्य details सही हों
- Aadhaar details में कोई mismatch न हो
- employer ने सही employee details EPFO में जमा की हों
- ECR में योगदान सही तरीके से दर्ज हो
किसी भी mismatch की स्थिति में कर्मचारी को अपने employer/HR या EPFO से संपर्क करना चाहिए।
पैसा कैसे मिलेगा?
First-Time Employees को मिलने वाला incentive Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से दिया जाता है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार Part A के payments के लिए Aadhaar Bridge Payment System (ABPS) का इस्तेमाल किया जाता है।
वहीं employer को मिलने वाला incentive उसके PAN-linked bank account में जमा किया जाता है।
इसलिए बैंक खाता, Aadhaar और EPFO से संबंधित जानकारी सही रखना जरूरी है।
योजना से अब तक कितने लोगों को फायदा?
PMVBRY को लागू हुए समय के दौरान सरकार ने इसके तहत रोजगार सृजन के शुरुआती परिणाम भी साझा किए हैं।
17 जून 2026 को PIB ने बताया था कि योजना के तहत 15 लाख beneficiaries के लिए employment facilitation हुई थी और 19 जून 2026 को लगभग ₹2,400 करोड़ के incentives वितरित किए जाने थे।
यह आंकड़ा योजना के शुरुआती implementation phase को दर्शाता है और आगे इसका दायरा बढ़ने की उम्मीद है।
Jharkhand के युवाओं के लिए PMVBRY क्यों महत्वपूर्ण है?
Jharkhand में Ranchi, Jamshedpur, Bokaro, Dhanbad, Hazaribagh और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में manufacturing, services, MSME और अन्य sectors में रोजगार के अवसर मौजूद हैं।
PMVBRY से formal employment को बढ़ावा मिलने पर ऐसे युवाओं को फायदा मिल सकता है जो पहली बार EPFO-covered नौकरी में प्रवेश कर रहे हैं।
खास तौर पर manufacturing और labour-intensive sectors में काम करने वाले युवाओं के लिए यह योजना महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि Jharkhand के लिए अलग से कोई ₹15,000 की राज्य स्तरीय राशि नहीं है; यह केंद्र सरकार की PMVBRY योजना के पात्र लाभार्थियों के लिए है।
क्या सभी बेरोजगार युवाओं को ₹15,000 मिलेंगे?
नहीं।
यह योजना बेरोजगार युवाओं को केवल बेरोजगार रहने के आधार पर ₹15,000 देने वाली योजना नहीं है।
₹15,000 तक का incentive मुख्य रूप से eligible First-Time Employees के लिए है, जो योजना की पात्रता शर्तों को पूरा करते हुए formal employment में प्रवेश करते हैं।
इसलिए यदि कोई व्यक्ति नौकरी नहीं कर रहा है या EPFO-covered eligible employment में नहीं आया है, तो केवल बेरोजगार होने के आधार पर PMVBRY का ₹15,000 incentive नहीं मिलेगा।
PMVBRY की महत्वपूर्ण बातें एक नजर में
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना |
| Short Name | PMVBRY / PM-VBRY |
| पुराना नाम | Employment Linked Incentive Scheme |
| कुल परिव्यय | ₹99,446 करोड़ |
| योजना अवधि | 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 |
| First-Time Employee Benefit | एक महीने की wage, अधिकतम ₹15,000 |
| कर्मचारी भुगतान | 2 किस्तों में |
| Employer Benefit | अधिकतम ₹3,000 प्रति कर्मचारी प्रति माह |
| सामान्य employer incentive अवधि | अधिकतम 2 वर्ष |
| Manufacturing incentive | निर्धारित शर्तों पर अतिरिक्त 2 वर्ष |
| Implementing Agency | EPFO |
| Wage eligibility for Part A | Joining पर gross wages ₹1 लाख/माह तक |
| लक्ष्य | 3.5 करोड़ से अधिक jobs को incentivise करना |
उपरोक्त विवरण केंद्र सरकार और EPFO की आधिकारिक जानकारी पर आधारित है।
Official government websites:
- PM Viksit Bharat Rozgar Yojana Official Portal
- EPFO Official Website
- PIB – Press Information Bureau
- Ministry of Labour & Employment
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana से जुड़ी सावधानियां
योजना का लाभ लेने के नाम पर किसी व्यक्ति को निजी एजेंट को पैसे देने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। सरकार की official websites और EPFO के माध्यम से ही जानकारी की पुष्टि करें।
खासकर सोशल मीडिया पर ऐसे दावों से सावधान रहें जिनमें कहा जाए कि “₹15,000 पाने के लिए अभी WhatsApp link पर registration करें” या “पहले ₹500 जमा करें।”
सरकारी योजना के नाम पर फर्जी वेबसाइट और phishing links से बचना जरूरी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana क्या है?
यह केंद्र सरकार की employment-linked incentive scheme है, जिसका उद्देश्य formal employment बढ़ाना और पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं तथा नए रोजगार पैदा करने वाले employers को incentive देना है।
PMVBRY में युवाओं को कितने रुपये मिलेंगे?
पात्र First-Time Employee को एक महीने की EPF wage के बराबर incentive मिल सकता है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹15,000 है।
क्या ₹15,000 एक साथ मिलेंगे?
नहीं। पात्रता पूरी होने पर incentive दो किस्तों में दिया जाता है। पहली किस्त 6 महीने की continuous service के बाद और दूसरी निर्धारित शर्तों के तहत 12 महीने की service पूरी होने के बाद देय है।
क्या बेरोजगार व्यक्ति सीधे ₹15,000 के लिए आवेदन कर सकता है?
नहीं। यह बेरोजगारी भत्ता योजना नहीं है। लाभ के लिए पात्र First-Time Employee के रूप में EPFO-covered employment में शामिल होना और scheme conditions पूरी करना जरूरी है।
PMVBRY की अंतिम तारीख क्या है?
योजना के तहत eligible jobs के लिए अवधि 31 जुलाई 2027 तक है। रोजगार creation और registration से जुड़ी अन्य conditions scheme guidelines के अनुसार लागू होती हैं।
PMVBRY की official website कौन सी है?
PMVBRY का official portal EPFO के माध्यम से उपलब्ध है: pmvbry.epfindia.gov.in।
निष्कर्ष
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana 2026 देश के युवाओं और employers दोनों के लिए महत्वपूर्ण रोजगार प्रोत्साहन योजना है। योजना के तहत पहली बार formal employment में प्रवेश करने वाले पात्र युवाओं को ₹15,000 तक का incentive और अतिरिक्त रोजगार पैदा करने वाले पात्र employers को ₹3,000 प्रति कर्मचारी प्रति माह तक की सहायता दी जाती है।
₹99,446 करोड़ के कुल परिव्यय वाली इस योजना का लक्ष्य दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक jobs को incentivise करना है। Manufacturing sector को अतिरिक्त अवधि का लाभ दिया गया है, जबकि EPFO इस योजना की implementation agency है।
युवाओं को यह ध्यान रखना चाहिए कि PMVBRY कोई सामान्य बेरोजगारी भत्ता योजना नहीं है। इसका लाभ पात्र formal employment, EPFO records, UAN और निर्धारित service conditions से जुड़ा है। इसलिए नौकरी शुरू करने वाले युवाओं को अपना UAN, Aadhaar, बैंक और EPFO रिकॉर्ड सही रखना चाहिए तथा योजना से संबंधित किसी भी आवेदन या अपडेट के लिए केवल आधिकारिक सरकारी पोर्टल का इस्तेमाल करना चाहिए।
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