Homeरांची न्यूज़रिम्स में मरीज को कथित तौर पर एक्सपायरी दवा दिए जाने का...

रिम्स में मरीज को कथित तौर पर एक्सपायरी दवा दिए जाने का मामला: प्रबंधन ने दिए जांच के आदेश, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल | Jharkhand News | Bhaiyajii News

- Advertisement -spot_img

रांची। झारखंड की सबसे बड़ी सरकारी चिकित्सा संस्था राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) एक बार फिर विवादों में घिर गया है। इस बार मामला बेहद गंभीर है, जहां एक मरीज को कथित तौर पर एक्सपायरी (मियाद समाप्त) दवा दिए जाने का आरोप सामने आया है। आरोप सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और रिम्स प्रबंधन में हड़कंप मच गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए रिम्स प्रशासन ने तत्काल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

क्या है पूरा मामला

सूत्रों के अनुसार, रिम्स में इलाजरत एक मरीज के परिजनों ने आरोप लगाया कि इलाज के दौरान मरीज को जो दवा दी गई, उसकी एक्सपायरी डेट पहले ही समाप्त हो चुकी थी। आरोप यह भी है कि यह दवा अस्पताल की फार्मेसी या वार्ड स्टॉक से उपलब्ध कराई गई। मामला सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद आम लोगों के साथ-साथ स्वास्थ्य व्यवस्था पर नजर रखने वालों ने भी सवाल उठाने शुरू कर दिए।

हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दवा वास्तव में एक्सपायरी थी या नहीं। इसी बिंदु को साफ करने के लिए रिम्स प्रबंधन ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।

रिम्स प्रबंधन की प्रतिक्रिया

रिम्स प्रबंधन ने बयान जारी करते हुए कहा है कि मरीजों की सुरक्षा, जीवन और स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि जांच में यह साबित होता है कि किसी मरीज को जानबूझकर या लापरवाहीवश एक्सपायरी दवा दी गई है, तो संबंधित कर्मियों पर कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रबंधन के अनुसार, अस्पताल में दवाओं की खरीद, भंडारण और वितरण के लिए तय मानक प्रक्रियाएं (SOP) हैं। ऐसे में यह जांच जरूरी है कि कहीं इन प्रक्रियाओं का उल्लंघन तो नहीं हुआ।

विशेष जांच टीम का गठन

मामले की जांच के लिए रिम्स प्रशासन ने एक विशेष जांच टीम का गठन किया है। इस टीम में प्रशासनिक अधिकारी, वरिष्ठ चिकित्सक और फार्मेसी विभाग से जुड़े विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं। टीम का काम निम्न बिंदुओं की जांच करना है:

  • क्या संबंधित दवा वास्तव में एक्सपायरी थी
  • दवा कहां से और किस प्रक्रिया के तहत मरीज को दी गई
  • फार्मेसी और वार्ड स्टॉक में एक्सपायरी दवाओं की स्थिति
  • दवा वितरण प्रणाली में संभावित लापरवाही या खामी

जांच टीम को जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।

मरीज की स्थिति पर क्या कहा गया

प्रबंधन की ओर से यह भी बताया गया है कि जिस मरीज को कथित तौर पर एक्सपायरी दवा दी गई, वह ब्रेन हैमरेज से पीड़ित है और फिलहाल डॉक्टरों की निरंतर निगरानी में इलाजरत है। चिकित्सकों का कहना है कि दवा दिए जाने के बाद मरीज की हालत में कोई अप्रत्याशित या नकारात्मक बदलाव नहीं देखा गया है।

चिकित्सा अधीक्षक, अपर चिकित्सा अधीक्षक और उपाधीक्षक ने स्वयं मरीज और इलाज कर रहे डॉक्टरों से मुलाकात कर स्थिति की जानकारी ली। डॉक्टरों के अनुसार, मरीज की हालत स्थिर बनी हुई है।

दवाओं के स्टॉक की व्यापक जांच

इस घटना के बाद रिम्स में केवल संबंधित दवा ही नहीं, बल्कि पूरे दवा स्टॉक की समीक्षा शुरू कर दी गई है। फार्मेसी विभाग को निर्देश दिया गया है कि वह:

  • सभी दवाओं की एक्सपायरी डेट की जांच करे
  • एक्सपायरी या संदिग्ध दवाओं को तुरंत अलग करे
  • स्टॉक रजिस्टर और सप्लाई रिकॉर्ड का मिलान करे

प्रबंधन का कहना है कि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए निगरानी प्रणाली को और मजबूत किया जाएगा।

बार-बार सवालों के घेरे में रिम्स

गौरतलब है कि रिम्स इससे पहले भी अव्यवस्था, दवा की कमी, उपकरणों की खराब स्थिति और इलाज में लापरवाही जैसे मामलों को लेकर चर्चा में रहा है। राज्य भर से गंभीर मरीज इलाज के लिए रिम्स आते हैं, ऐसे में इस तरह के आरोप सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करते हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस तरह की घटनाएं सच साबित होती हैं, तो यह केवल एक अस्पताल की नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की विफलता मानी जाएगी।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर असर

सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले अधिकांश मरीज आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं। वे पूरी तरह सरकारी व्यवस्था पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में एक्सपायरी दवा जैसे आरोप लोगों के मन में भरोसे की कमी पैदा करते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि एक्सपायरी दवाएं कई बार बेअसर हो जाती हैं, और कुछ मामलों में मरीज की हालत और बिगाड़ सकती हैं। इसलिए अस्पतालों में दवाओं की गुणवत्ता और समय-सीमा पर सख्त नियंत्रण बेहद जरूरी है।

आगे क्या?

रिम्स प्रबंधन ने भरोसा दिलाया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि दोषी पाए जाते हैं, तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ न केवल विभागीय कार्रवाई, बल्कि जरूरत पड़ने पर कानूनी कदम भी उठाए जाएंगे।साथ ही, अस्पताल में दवा प्रबंधन प्रणाली को और पारदर्शी व तकनीकी रूप से मजबूत करने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

निष्कर्ष

रिम्स में मरीज को कथित तौर पर एक्सपायरी दवा दिए जाने का मामला केवल एक आरोप नहीं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा गंभीर प्रश्न है। अब सबकी नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या वास्तव में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होती है या नहीं।सरकारी अस्पतालों में इलाज करा रहे लाखों मरीजों के लिए यह मामला एक चेतावनी भी है कि स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही और पारदर्शिता कितनी जरूरी है।

डिस्क्लेमर

यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों व मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। जांच प्रक्रिया जारी है। अंतिम निष्कर्ष और कार्रवाई जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। किसी भी पक्ष को दोषी ठहराने का उद्देश्य नहीं है।

- Advertisement -spot_img
Manish Singh Chandel
Manish Singh Chandelhttps://bhaiyajiinews.in
Manish Singh Chandel रांची और झारखंड से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से रिपोर्टिंग करने वाले एक अनुभवी पत्रकार हैं। वे Bhaiyajii News में मुख्य संवाददाता (Chief Reporter) के रूप में कार्यरत हैं और राज्य से जुड़े प्रशासनिक, सामाजिक, शैक्षणिक, रोजगार, कानून व्यवस्था और जनहित के मुद्दों पर नियमित रूप से तथ्यात्मक और ज़मीनी रिपोर्टिंग करते हैं। स्थानीय खबरों की गहरी समझ और तेज़ रिपोर्टिंग के लिए जाने जाने वाले मनीष सिंह चंदेल रांची एवं झारखंड के विभिन्न इलाकों से सामने आने वाली घटनाओं, सरकारी फैसलों और नागरिक समस्याओं को प्राथमिकता के साथ कवर करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य आम जनता तक सटीक, निष्पक्ष और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है। बतौर मुख्य संवाददाता, वे ब्रेकिंग न्यूज़, फॉलो-अप रिपोर्ट, व्याख्यात्मक लेख (Explainables) और जनहित से जुड़ी विशेष रिपोर्ट्स पर काम करते हैं। प्रशासनिक सूत्रों, स्थानीय अधिकारियों और ज़मीनी स्तर की जानकारी के आधार पर तैयार की गई उनकी खबरें पाठकों के बीच विश्वसनीयता के लिए जानी जाती हैं। Manish Singh Chandel मानते हैं कि स्थानीय पत्रकारिता लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी होती है। इसी सोच के साथ वे रांची और झारखंड के नागरिक मुद्दों, विकास कार्यों, शिक्षा एवं रोजगार से जुड़ी सूचनाओं को सरल भाषा में प्रस्तुत करते हैं, ताकि हर वर्ग तक खबर की सही जानकारी पहुँच सके। Bhaiyajii News के साथ उनकी भूमिका सिर्फ खबरें प्रकाशित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे संपादकीय मानकों, तथ्य-जांच और समयबद्ध रिपोर्टिंग को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी निभाते हैं।
- Advertisement -spot_img
Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
- Advertisement -spot_img
Related News
- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here