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मंईयां सम्मान योजना सत्यापन में उमड़ी भारी भीड़, घंटों लाइन में खड़ी रहीं महिलाएं | Jharkhand News | Bhaiyajii News

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बोकारो: झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी “मंईयां सम्मान योजना” के सत्यापन अभियान के दौरान बोकारो जिले में भारी भीड़ देखने को मिली। सत्यापन केंद्रों पर सुबह से ही महिलाओं की लंबी कतारें लग गईं। कई जगहों पर स्थिति ऐसी रही कि लाभुकों को घंटों इंतजार करना पड़ा। योजना से जुड़ी राशि बंद होने के डर और नाम कटने की आशंका के कारण बड़ी संख्या में महिलाएं दस्तावेज लेकर सत्यापन कराने पहुंचीं।

जिला प्रशासन द्वारा लाभुकों के दस्तावेजों की जांच और सत्यापन प्रक्रिया शुरू किए जाने के बाद ग्रामीण और शहरी इलाकों में लोगों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। कई पंचायत भवनों, प्रखंड कार्यालयों और शिविरों में महिलाओं की भारी भीड़ देखी गई। प्रशासन को भीड़ नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती करनी पड़ी।

सुबह से केंद्रों पर लगी लंबी लाइनें

बोकारो के विभिन्न सत्यापन केंद्रों पर महिलाएं सुबह से ही पहुंचने लगी थीं। कई लाभुक अपने बच्चों के साथ लाइन में खड़ी नजर आईं। भीषण गर्मी और अव्यवस्था के बावजूद महिलाएं घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करती रहीं।

लाभुक महिलाओं का कहना था कि यदि सत्यापन नहीं कराया गया तो योजना की राशि बंद हो सकती है। इसी डर के कारण बड़ी संख्या में महिलाएं केंद्रों तक पहुंचीं। कुछ महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें सत्यापन प्रक्रिया की पूरी जानकारी पहले नहीं दी गई थी, जिससे अंतिम समय में भीड़ बढ़ गई।

फर्जीवाड़े के बाद बढ़ाई गई सख्ती

मंईयां सम्मान योजना में हाल के महीनों में सामने आए फर्जीवाड़े के मामलों के बाद प्रशासन ने सत्यापन प्रक्रिया को और सख्त कर दिया है। बोकारो जिले में पहले 11 हजार से अधिक डुप्लीकेट आवेदन पकड़े जा चुके हैं। जांच में यह भी सामने आया था कि कई आवेदनों में एक ही बैंक खाता जोड़ा गया था।

इसी वजह से अब लाभुकों के आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक और अन्य दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि केवल योग्य महिलाओं को ही योजना का लाभ दिया जाएगा और फर्जी लाभुकों को सूची से हटाया जाएगा।

कई केंद्रों पर अव्यवस्था की शिकायत

सत्यापन प्रक्रिया के दौरान कई केंद्रों पर अव्यवस्था की शिकायतें भी सामने आईं। महिलाओं ने आरोप लगाया कि पर्याप्त काउंटर नहीं होने के कारण काम धीमी गति से हो रहा है। कई जगहों पर इंटरनेट और सर्वर की समस्या के कारण प्रक्रिया बाधित हुई।

कुछ लाभुकों ने बताया कि उन्हें दस्तावेजों की फोटोकॉपी और अन्य कागजात के लिए कई बार इधर-उधर भटकना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी।

प्रशासन ने लोगों से की अपील

जिला प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और निर्धारित समय के भीतर सत्यापन कराने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि सत्यापन अभियान चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है और सभी लाभुकों को मौका दिया जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार सत्यापन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ सही और पात्र महिलाओं तक पहुंचे। इसके लिए सभी लाभुकों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

महिलाओं के लिए बड़ी राहत मानी जाती है योजना

मंईयां सम्मान योजना झारखंड सरकार की प्रमुख योजनाओं में शामिल है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है ताकि वे घरेलू जरूरतों को पूरा कर सकें। ग्रामीण क्षेत्रों में यह योजना महिलाओं के लिए बड़ी राहत मानी जाती है।

राज्य सरकार लगातार दावा करती रही है कि योजना का लाभ लाखों महिलाओं तक पहुंच रहा है। हालांकि फर्जीवाड़े और डुप्लीकेट आवेदन के मामलों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इसी कारण अब सत्यापन अभियान को तेज किया गया है।

राजनीतिक बयानबाजी भी तेज

योजना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने सत्यापन प्रक्रिया में हो रही अव्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि सरकार बिना तैयारी के सत्यापन अभियान चला रही है, जिससे महिलाओं को परेशानी हो रही है।

वहीं सत्ताधारी दल का कहना है कि पारदर्शिता बनाए रखने और फर्जी लाभुकों को हटाने के लिए यह प्रक्रिया जरूरी है। सरकार का दावा है कि योग्य महिलाओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है भीड़

प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में सत्यापन केंद्रों पर भीड़ और बढ़ सकती है। इसके लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती और नए काउंटर खोलने की तैयारी की जा रही है।

फिलहाल बोकारो समेत कई जिलों में मंईयां सम्मान योजना का सत्यापन अभियान चर्चा का विषय बना हुआ है। बड़ी संख्या में महिलाएं योजना से जुड़ी राशि जारी रखने के लिए सत्यापन कराने पहुंच रही हैं, जिससे कई केंद्रों पर भारी भीड़ और अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिल रहा है।


निष्कर्ष

मंईयां सम्मान योजना का सत्यापन अभियान झारखंड में हजारों महिलाओं के लिए चिंता और परेशानी का कारण बनता नजर आ रहा है। बोकारो समेत कई जिलों में सत्यापन केंद्रों पर उमड़ी भारी भीड़ यह दिखाती है कि महिलाएं योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता को लेकर कितनी गंभीर हैं। हालांकि फर्जीवाड़े को रोकने और पात्र लाभुकों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए सत्यापन जरूरी माना जा रहा है, लेकिन प्रशासन के सामने व्यवस्था को बेहतर बनाने की बड़ी चुनौती भी है। आने वाले दिनों में यदि पर्याप्त काउंटर, कर्मचारियों और सुविधाओं की व्यवस्था नहीं की गई, तो भीड़ और अव्यवस्था बढ़ सकती है।

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Manish Singh Chandel
Manish Singh Chandelhttps://bhaiyajiinews.in
Manish Singh Chandel रांची और झारखंड से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से रिपोर्टिंग करने वाले एक अनुभवी पत्रकार हैं। वे Bhaiyajii News में मुख्य संवाददाता (Chief Reporter) के रूप में कार्यरत हैं और राज्य से जुड़े प्रशासनिक, सामाजिक, शैक्षणिक, रोजगार, कानून व्यवस्था और जनहित के मुद्दों पर नियमित रूप से तथ्यात्मक और ज़मीनी रिपोर्टिंग करते हैं। स्थानीय खबरों की गहरी समझ और तेज़ रिपोर्टिंग के लिए जाने जाने वाले मनीष सिंह चंदेल रांची एवं झारखंड के विभिन्न इलाकों से सामने आने वाली घटनाओं, सरकारी फैसलों और नागरिक समस्याओं को प्राथमिकता के साथ कवर करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य आम जनता तक सटीक, निष्पक्ष और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है। बतौर मुख्य संवाददाता, वे ब्रेकिंग न्यूज़, फॉलो-अप रिपोर्ट, व्याख्यात्मक लेख (Explainables) और जनहित से जुड़ी विशेष रिपोर्ट्स पर काम करते हैं। प्रशासनिक सूत्रों, स्थानीय अधिकारियों और ज़मीनी स्तर की जानकारी के आधार पर तैयार की गई उनकी खबरें पाठकों के बीच विश्वसनीयता के लिए जानी जाती हैं। Manish Singh Chandel मानते हैं कि स्थानीय पत्रकारिता लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी होती है। इसी सोच के साथ वे रांची और झारखंड के नागरिक मुद्दों, विकास कार्यों, शिक्षा एवं रोजगार से जुड़ी सूचनाओं को सरल भाषा में प्रस्तुत करते हैं, ताकि हर वर्ग तक खबर की सही जानकारी पहुँच सके। Bhaiyajii News के साथ उनकी भूमिका सिर्फ खबरें प्रकाशित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे संपादकीय मानकों, तथ्य-जांच और समयबद्ध रिपोर्टिंग को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी निभाते हैं।
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