Jharkhand Weather Alert : झारखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। राजधानी रांची समेत राज्य के करीब 20 जिलों में तेज बारिश, आंधी और वज्रपात को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। पिछले कुछ दिनों से लगातार बदलते मौसम के कारण लोगों को भीषण गर्मी से राहत जरूर मिली है, लेकिन अब तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है।
बंगाल की खाड़ी के असर से बदला मौसम
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के असर से झारखंड का मौसम अचानक सक्रिय हो गया है। यही कारण है कि रांची, बोकारो, धनबाद, जमशेदपुर, रामगढ़, हजारीबाग, खूंटी, गुमला, सिमडेगा और पलामू समेत कई जिलों में बादल छाए रहने के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।
रांची में येलो अलर्ट जारी
राजधानी रांची में रविवार सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ दिखाई दिया। आसमान में घने बादल छाए रहे और कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी हुई। मौसम विभाग ने रांची के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
दोपहर और शाम के समय तेज गर्जना के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। इससे बिजली आपूर्ति और यातायात पर असर पड़ सकता है। कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति भी बन सकती है।
इन जिलों में सबसे ज्यादा असर की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार जिन जिलों में सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है उनमें रांची, खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला शामिल हैं। इन जिलों में वज्रपात का भी खतरा जताया गया है।
ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है क्योंकि खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े रहने से जान का खतरा बढ़ सकता है। प्रशासन ने किसानों और पशुपालकों को भी मौसम खराब होने के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।
तेज हवाओं से बढ़ी लोगों की परेशानी
हाल के दिनों में झारखंड में लगातार बदलते मौसम का असर जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। कई जिलों में तेज हवाओं के कारण पेड़ उखड़ने और बिजली के खंभे गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। कुछ जगहों पर भारी बारिश के कारण सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने प्रशासन को भी अलर्ट मोड में रहने को कहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
मई में सामान्य से कम तापमान
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मई महीने में सामान्य से अधिक बारिश देखने को मिल रही है। आमतौर पर मई में झारखंड के कई हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ती है, लेकिन इस बार लगातार बारिश और बादलों के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। रांची सहित कई जिलों का अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जो सामान्य से कम माना जा रहा है। लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मौसम का लगातार बदलता स्वरूप चिंता का विषय बना हुआ है।
किसानों के लिए मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने किसानों के लिए भी विशेष सलाह जारी की है। किसानों से कहा गया है कि वे खराब मौसम को देखते हुए खेतों में काम करते समय सावधानी बरतें। बारिश और तेज हवा के कारण फसलों को नुकसान पहुंचने की संभावना भी जताई गई है।खासकर सब्जियों और फलदार पेड़ों को तेज हवाओं से नुकसान हो सकता है। इसके अलावा बिजली गिरने की घटनाओं से पशुओं को भी खतरा हो सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम साफ होने तक खुले खेतों में काम करने से बचें।
लोगों को सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान मोबाइल फोन चार्जिंग पर लगाकर खुले स्थानों में इस्तेमाल न करें और बिजली कड़कने के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें।स्कूलों और सार्वजनिक संस्थानों को भी मौसम की स्थिति पर नजर रखने को कहा गया है। यदि स्थिति गंभीर होती है तो कुछ इलाकों में एहतियात के तौर पर स्कूलों का समय बदला जा सकता है।
अगले कुछ दिनों तक ऐसा ही रहेगा मौसम
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में प्री-मानसून गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। बंगाल की खाड़ी में बन रहे दबाव के कारण पूर्वी भारत के कई राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।झारखंड में भी अगले कुछ दिनों तक मौसम का यही मिजाज बना रहने की संभावना है। लोगों को सलाह दी गई है कि मौसम विभाग द्वारा जारी अपडेट पर लगातार नजर रखें और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।
निष्कर्ष
झारखंड में मौसम का यह बदला हुआ रूप जहां एक तरफ गर्मी से राहत दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ तेज बारिश और वज्रपात का खतरा भी बढ़ा रहा है। ऐसे में सावधानी और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव माना जा रहा है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर नए अलर्ट जारी किए जा सकते हैं।







