RIMS Ranchi PET Scan Machine | Jharkhand News | Bhaiyajii News: झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल Rajendra Institute of Medical Sciences यानी रिम्स में अब कैंसर मरीजों के इलाज और जांच की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। लंबे समय से जिस PET Scan मशीन का इंतजार किया जा रहा था, वह अब जल्द ही रिम्स में स्थापित होने जा रही है। इस फैसले से न केवल रांची बल्कि पूरे झारखंड और आसपास के राज्यों के कैंसर मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
अब तक कैंसर की एडवांस जांच के लिए मरीजों को दिल्ली, कोलकाता, पटना या निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता था। इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता था। कई मरीज इलाज में देरी के कारण गंभीर स्थिति में पहुंच जाते थे। लेकिन रिम्स में PET Scan मशीन लगने के बाद मरीजों को राज्य में ही बेहतर जांच सुविधा मिल सकेगी।
क्या होता है PET Scan और क्यों है जरूरी?
PET Scan यानी Positron Emission Tomography Scan कैंसर की पहचान करने वाली एक आधुनिक तकनीक है। यह शरीर के अंदर कैंसर कोशिकाओं की गतिविधियों को बहुत शुरुआती स्तर पर पकड़ने में सक्षम होती है। डॉक्टरों के अनुसार कैंसर का सही स्टेज जानने, बीमारी कितनी फैल चुकी है यह समझने और इलाज का असर देखने के लिए PET Scan बेहद जरूरी माना जाता है।
आज के समय में कैंसर उपचार में PET-CT तकनीक सबसे महत्वपूर्ण जांचों में गिनी जाती है। यह सिर्फ ट्यूमर का पता ही नहीं लगाती, बल्कि शरीर में उसकी सक्रियता और फैलाव की स्थिति भी स्पष्ट करती है। इससे डॉक्टर सही इलाज की योजना तैयार कर पाते हैं।
छह महीने बाद पूरी हुई प्रक्रिया
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रिम्स में PET Scan मशीन लगाने की प्रक्रिया पिछले लगभग छह महीनों से चल रही थी। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब मशीन लगाने का रास्ता साफ हो गया है। मशीन को PPP मोड यानी Public Private Partnership मॉडल पर स्थापित किया जाएगा।
इस मॉडल के जरिए सरकार और निजी एजेंसी मिलकर सुविधा का संचालन करेंगी। इससे अत्याधुनिक तकनीक कम समय में उपलब्ध हो सकेगी और मरीजों को भी बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
कैंसर मरीजों को आर्थिक राहत
रिम्स में PET Scan सुविधा शुरू होने से मरीजों को आर्थिक रूप से भी बड़ा फायदा होगा। फिलहाल निजी अस्पतालों में PET Scan कराने के लिए 20 हजार से 35 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। कई मामलों में यह खर्च इससे भी अधिक हो जाता है।
ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को जांच के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है, जहां यात्रा, होटल और इलाज का खर्च अलग से बढ़ जाता है। लेकिन रिम्स में सुविधा शुरू होने के बाद यह बोझ काफी कम हो जाएगा।
झारखंड सरकार ने हाल ही में बजट में कैंसर मरीजों के लिए विशेष प्रावधान भी किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक रिम्स में PET Scan जांच को मुफ्त करने की दिशा में भी योजना बनाई जा रही है।
रिम्स का ऑन्कोलॉजी विभाग होगा और मजबूत
रिम्स का रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग पहले से ही कई आधुनिक सुविधाओं से लैस है। यहां Linear Accelerator, CT Stimulator और कीमोथेरेपी सुविधाएं मौजूद हैं। अब PET Scan मशीन जुड़ने से कैंसर उपचार की पूरी प्रक्रिया और मजबूत हो जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सुविधा आने के बाद मरीजों को एक ही संस्थान में जांच, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी और इलाज से जुड़ी दूसरी सेवाएं मिल सकेंगी। इससे इलाज में तेजी आएगी और मरीजों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।
झारखंड में बढ़ रहे कैंसर के मामले
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार झारखंड में पिछले कुछ वर्षों में कैंसर मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। तंबाकू सेवन, प्रदूषण, खराब खानपान और जागरूकता की कमी इसके बड़े कारण माने जा रहे हैं।
ग्रामीण इलाकों में लोग अक्सर शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं। जब तक बीमारी का पता चलता है, तब तक कैंसर गंभीर अवस्था में पहुंच चुका होता है। ऐसे में PET Scan जैसी तकनीक शुरुआती पहचान में बेहद मददगार साबित हो सकती है।
आधुनिक तकनीक से बेहतर इलाज
2026 में PET-CT तकनीक तेजी से एडवांस हो रही है। नई मशीनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक भी जोड़ी जा रही है, जिससे कैंसर कोशिकाओं की पहचान और अधिक सटीक हो रही है। नई पीढ़ी की मशीनें कम समय में रिपोर्ट तैयार करने और कम रेडिएशन में बेहतर इमेज देने में सक्षम हैं।
अगर रिम्स में भी आधुनिक तकनीक वाली मशीन लगती है, तो झारखंड के मरीजों को महानगरों जैसी सुविधा राज्य में ही मिल सकेगी।
दूसरे राज्यों पर निर्भरता होगी कम
अभी तक गंभीर कैंसर मरीजों को PET Scan के लिए दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और पटना जैसे शहरों का रुख करना पड़ता था। कई गरीब परिवार पैसे के अभाव में जांच तक नहीं करा पाते थे।
रिम्स में यह सुविधा शुरू होने से झारखंड के अलावा बिहार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों के मरीजों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। इससे रांची मेडिकल हब के रूप में भी तेजी से उभर सकता है।
डॉक्टरों और मरीजों में खुशी
रिम्स में PET Scan मशीन लगाने की खबर सामने आने के बाद डॉक्टरों और मरीजों में उत्साह देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे कैंसर की पहचान और उपचार दोनों में तेजी आएगी।
कई मरीजों ने उम्मीद जताई है कि अब उन्हें महंगे निजी अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह सुविधा किसी बड़ी राहत से कम नहीं होगी।
स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव
झारखंड में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। रिम्स में PET Scan मशीन की स्थापना को भी इसी दिशा में बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
अगर यह परियोजना समय पर पूरी हो जाती है, तो राज्य के सरकारी स्वास्थ्य तंत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में यह सुविधा हजारों मरीजों के लिए नई उम्मीद बन सकती है।







