Jharkhand Liquor Scam : झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में आरोपी कारोबारी नवीन केडिया को बड़ा झटका लगा है। इंग्लैंड (यूके) जाने की अनुमति के लिए दायर उनकी याचिका को विशेष ACB अदालत ने स्वीकार नहीं किया। अदालत के इस फैसले के बाद फिलहाल केडिया विदेश यात्रा नहीं कर सकेंगे। यह मामला राज्य के चर्चित शराब घोटाले से जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच झारखंड की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) कर रही है।
अदालत का यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि केडिया को पहले जमानत देते समय अदालत ने कई शर्तें लगाई थीं, जिनमें पासपोर्ट जमा करना भी शामिल था।
क्या है पूरा मामला?
नवीन केडिया ने ACB कोर्ट में आवेदन देकर इंग्लैंड जाने की अनुमति मांगी थी। उन्होंने अदालत को बताया था कि उन्हें अपने पुत्र के दीक्षांत समारोह (Graduation Ceremony) में शामिल होने, स्वास्थ्य जांच कराने और कुछ निजी कारणों से विदेश जाना है। इसके लिए उन्होंने जून से जुलाई के बीच इंग्लैंड यात्रा की अनुमति मांगी थी।
हालांकि मामले की सुनवाई के दौरान ACB ने अदालत के समक्ष अपनी आपत्तियां रखीं। जांच एजेंसी ने मामले की गंभीरता और जांच की प्रकृति का हवाला देते हुए विदेश यात्रा की अनुमति देने पर सवाल उठाए। इसके बाद अदालत ने अनुमति देने से इनकार कर दिया।
कौन हैं नवीन केडिया?
नवीन केडिया छत्तीसगढ़ के कारोबारी हैं और झारखंड शराब घोटाला मामले में आरोपी बनाए गए हैं। ACB की जांच के दौरान उनका नाम सामने आया था। एजेंसी का दावा है कि झारखंड में शराब कारोबार से जुड़े कथित अनियमितताओं और वित्तीय गड़बड़ियों की जांच में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
जांच के दौरान उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन कथित तौर पर वे उपस्थित नहीं हुए। बाद में ACB ने उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की और उन्हें गोवा से गिरफ्तार किया गया था।
पहले भी विवादों में रहे हैं केडिया
शराब घोटाला जांच के दौरान नवीन केडिया का नाम कई बार चर्चा में आया। ACB ने उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया था। जांच एजेंसी का आरोप था कि वे जांच से बचने की कोशिश कर रहे थे।
इससे पहले अदालत में उनकी जमानत याचिका को लेकर भी लंबी कानूनी प्रक्रिया चली थी। एक समय हाई कोर्ट ने उनकी नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया था, जबकि बाद में कुछ शर्तों के साथ उन्हें राहत मिली।
हाई कोर्ट से मिली थी सशर्त जमानत
झारखंड हाई कोर्ट ने अप्रैल 2026 में नवीन केडिया को सशर्त जमानत दी थी। अदालत ने स्पष्ट किया था कि उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करना होगा, जांच में सहयोग करना होगा और बिना अनुमति विदेश यात्रा नहीं करनी होगी।
जमानत आदेश में यह भी कहा गया था कि आरोपी को जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करना होगा और अदालत की अनुमति के बिना यात्रा संबंधी शर्तों का उल्लंघन नहीं किया जा सकता।
शराब घोटाला क्या है?
झारखंड शराब घोटाला राज्य के हाल के वर्षों के सबसे चर्चित मामलों में गिना जाता है। जांच एजेंसियों के अनुसार शराब आपूर्ति, संचालन, बैंक गारंटी और वित्तीय प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं की जांच की जा रही है। इस मामले में कई अधिकारियों, कारोबारियों और अन्य लोगों से पूछताछ हुई है।
मामले में कई गिरफ्तारियां भी हुईं और विभिन्न आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग स्तर पर जांच जारी है।
अदालत ने क्यों दिखाई सख्ती?
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी आर्थिक अपराध या भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में अदालतें विदेश यात्रा की अनुमति देते समय विशेष सावधानी बरतती हैं। यदि आरोपी के विदेश जाने से जांच प्रभावित होने या अदालत में उपस्थिति पर असर पड़ने की संभावना हो तो अदालत अनुमति देने में सतर्क रहती है।
नवीन केडिया के मामले में भी अदालत ने उपलब्ध तथ्यों और जांच एजेंसी की आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया।
जांच एजेंसियों की नजर
ACB लगातार शराब घोटाला मामले की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित अनियमितताओं में किन-किन लोगों की भूमिका रही और राज्य को कितना नुकसान हुआ। इसी कारण अदालत भी जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले किसी भी कदम को गंभीरता से देख रही है।
कानूनी विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
कानूनी जानकारों के अनुसार यदि किसी आरोपी का पासपोर्ट अदालत में जमा है तो विदेश यात्रा के लिए उसे विशेष अनुमति लेनी पड़ती है। अदालत यात्रा के उद्देश्य, अवधि, जांच की स्थिति और आरोपी के पूर्व आचरण को ध्यान में रखकर निर्णय लेती है।
नवीन केडिया के मामले में भी अदालत ने इन्हीं पहलुओं का मूल्यांकन किया होगा। हालांकि भविष्य में यदि परिस्थितियां बदलती हैं तो वे पुनः अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
राजनीतिक और प्रशासनिक महत्व
झारखंड शराब घोटाला केवल एक आपराधिक मामला नहीं बल्कि प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य में इस मामले को लेकर लगातार बहस होती रही है और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
नवीन केडिया की विदेश यात्रा याचिका पर आया फैसला भी इसी कारण सुर्खियों में है।
निष्कर्ष
झारखंड शराब घोटाला मामले में आरोपी कारोबारी नवीन केडिया को इंग्लैंड जाने की अनुमति नहीं मिलना उनके लिए एक बड़ा कानूनी झटका माना जा रहा है। ACB कोर्ट ने उनकी याचिका को स्वीकार नहीं किया और फिलहाल उन्हें देश से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इससे जुड़े कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल अदालत के फैसले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जांच पूरी होने तक आरोपियों पर लगी शर्तों को गंभीरता से लागू किया जाएगा।







