चतरा अफीम तस्कर : पुलिस को 26 मई 2026 को सूचना मिली थी कि कुंदा थाना क्षेत्र के सिकिदिया गांव निवासी रविंद्र रविदास उर्फ रविंद्र रविदास अपने घर में अवैध अफीम छिपाकर रखे हुए हैं और इसकी खरीद-बिक्री में संलिप्त हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई।
अनुमंडल पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। टीम ने संबंधित स्थान पर पहुंचकर विधिवत तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपी के घर से 2.132 किलोग्राम अफीम बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है।
आरोपी को मौके से किया गया गिरफ्तार
छापेमारी के दौरान बरामद अफीम के आधार पर पुलिस ने रविंद्र रविदास उर्फ रविंद्र रविदास (35 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी कुंदा थाना क्षेत्र के सिकिदिया गांव का रहने वाला है। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी इस कारोबार से कब से जुड़ा था और इसके नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। संभावना जताई जा रही है कि इस मामले में कुछ और लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है।
दर्ज हुआ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला
पुलिस ने इस मामले में कुंदा थाना कांड संख्या 38/2026 दर्ज किया है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 15/18/27/29 के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
एनडीपीएस (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances) एक्ट के तहत मादक पदार्थों की तस्करी, भंडारण और अवैध कारोबार गंभीर अपराध की श्रेणी में आते हैं। दोष सिद्ध होने पर आरोपियों को कठोर सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
जिले में नशे के कारोबार पर पुलिस की सख्ती
चतरा जिला लंबे समय से अफीम की अवैध खेती और तस्करी को लेकर चर्चा में रहा है। राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार अभियान चलाकर इस अवैध कारोबार पर रोक लगाने का प्रयास किया जा रहा है। हाल के वर्षों में पुलिस ने कई बार अफीम की खेती को नष्ट किया है और तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अफीम का अवैध व्यापार न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि यह युवाओं को नशे की ओर धकेलने का भी काम करता है। ऐसे में पुलिस की यह कार्रवाई सामाजिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
छापेमारी दल में शामिल रहे ये अधिकारी
इस विशेष अभियान में कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी शामिल थे। छापेमारी दल का नेतृत्व अनुमंडल पदाधिकारी ने किया। टीम में थाना प्रभारी कुंदा थाना, पुलिस पदाधिकारी और सशस्त्र बल के जवान भी शामिल रहे।
अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ आगे भी इसी तरह का अभियान जारी रहेगा। पुलिस लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है और गुप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई कर रही है।
समाज के लिए बड़ी चुनौती है नशे का कारोबार
विशेषज्ञों के अनुसार अफीम और अन्य मादक पदार्थों का अवैध कारोबार समाज के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। इसके कारण युवाओं का भविष्य प्रभावित होता है और अपराध की घटनाओं में भी वृद्धि होती है। सरकार और प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के बावजूद तस्कर नए-नए तरीकों से अपना नेटवर्क फैलाने का प्रयास करते हैं।
ऐसे में पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता है। यदि लोग समय पर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना प्रशासन को दें, तो इस तरह के अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकता है।
पुलिस ने जनता से की सहयोग की अपील
पुलिस प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे अपने आसपास किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री या तस्करी की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि नशामुक्त समाज के निर्माण में जनता की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। पुलिस और समाज के संयुक्त प्रयास से ही अवैध मादक पदार्थों के कारोबार को जड़ से खत्म किया जा सकता है।
निष्कर्ष
चतरा जिले के कुंदा थाना क्षेत्र में 2.132 किलोग्राम अफीम की बरामदगी और एक आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि प्रशासन नशे के कारोबार के खिलाफ पूरी तरह गंभीर है और किसी भी कीमत पर ऐसे तत्वों को बख्शने के मूड में नहीं है। आने वाले दिनों में पुलिस की जांच से इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों का भी खुलासा हो सकता है, जिससे जिले में अवैध मादक पदार्थों के कारोबार पर और प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद है।







