रांची वाहन चोर गिरोह : राजधानी रांची में लगातार बढ़ रही वाहन चोरी की घटनाओं के बीच बरियातू थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर चोरी की 5 मोटरसाइकिल और 5 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस कार्रवाई में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो विधि-विरुद्ध किशोरों को निरुद्ध किया गया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी पहले भी चोरी के मामलों में जेल जा चुके हैं।
यह कार्रवाई बरियातू थाना कांड संख्या 102/26 और 103/26 के अनुसंधान के दौरान की गई। पुलिस का दावा है कि इस सफलता से राजधानी में सक्रिय वाहन चोर गिरोह के नेटवर्क का खुलासा हुआ है और आगे भी कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
एसएसपी के निर्देश पर चला विशेष अभियान
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक (नगर) के निर्देश पर मोटरसाइकिल चोरी एवं अन्य चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। अभियान का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक (सदर) के निर्देशन में बरियातू थाना पुलिस ने किया।
अभियान के दौरान पुलिस ने रिम्स इमरजेंसी वार्ड के पास दो संदिग्ध किशोरों को पकड़ा। पूछताछ में उनके पास से चोरी का मोबाइल फोन और बैग बरामद किया गया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने आगे छापेमारी कर वाहन चोरी में शामिल अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।
कैसे हुआ गिरोह का खुलासा?
पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान बरियातू रोड के हाउसिंग चौक क्षेत्र में वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान एक चोरी की मोटरसाइकिल के साथ तीन युवकों को पकड़ा गया।
गिरफ्तार युवकों से सख्ती से पूछताछ करने पर चोरी के अन्य मामलों का खुलासा हुआ। उनकी निशानदेही पर दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और चोरी की चार अतिरिक्त मोटरसाइकिल बरामद की गईं।
पुलिस के अनुसार गिरोह रांची और आसपास के इलाकों में मोटरसाइकिल चोरी कर उन्हें बेचने या उपयोग करने का काम करता था।
बरामद सामान
पुलिस ने आरोपियों के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है—
- Hero Splendor मोटरसाइकिल (JH01L4250)
- Hero Glamour मोटरसाइकिल (BR06BM6672)
- Hero Glamour मोटरसाइकिल (JH01ED5062)
- Bajaj Pulsar मोटरसाइकिल (JH01EU5628)
- TVS Apache मोटरसाइकिल (JH01CD2245)
- 5 मोबाइल फोन
कुल मिलाकर पुलिस ने 5 चोरी की मोटरसाइकिल और 5 मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं—
- रोहित कुमार सिंह (22 वर्ष)
- बुचन कुमार सिंह (20 वर्ष)
- अंकित कुमार सिंह
- सूरज कुमार महतो (22 वर्ष)
- समीर मुंडा (20 वर्ष)
इसके अलावा दो विधि-विरुद्ध किशोरों को भी निरुद्ध किया गया है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों का संबंध वाहन चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों से रहा है।
पहले भी जेल जा चुके हैं आरोपी
जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में शामिल कुछ लोग पूर्व में चोरी के मामलों में जेल जा चुके हैं। इसके बावजूद वे दोबारा आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए गए।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह एक संगठित गिरोह हो सकता है, जो राजधानी और आसपास के इलाकों में वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम देता रहा है।
रांची में वाहन चोरी बनी चुनौती
रांची में पिछले कुछ वर्षों में मोटरसाइकिल चोरी के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। बाजार, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान और भीड़भाड़ वाले इलाकों में खड़ी गाड़ियों को निशाना बनाकर अपराधी चोरी की घटनाओं को अंजाम देते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि वाहन चोरी केवल संपत्ति संबंधी अपराध नहीं है, बल्कि कई बार चोरी की गई गाड़ियों का उपयोग अन्य आपराधिक गतिविधियों में भी किया जाता है।
इसी कारण पुलिस ऐसे मामलों को प्राथमिकता देकर कार्रवाई करती है।
सीसीटीवी और तकनीक से मिली मदद
रांची पुलिस अब वाहन चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए सीसीटीवी निगरानी और तकनीकी जांच का व्यापक उपयोग कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि संदिग्धों की पहचान, लोकेशन ट्रैकिंग और डिजिटल साक्ष्यों की मदद से अपराधियों तक पहुंचना पहले की तुलना में आसान हुआ है।
इस मामले में भी तकनीकी इनपुट और गुप्त सूचना ने पुलिस को बड़ी सफलता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
लोगों से पुलिस की अपील
रांची पुलिस ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे—
- सार्वजनिक स्थानों पर वाहन सुरक्षित तरीके से पार्क करें।
- डबल लॉकिंग सिस्टम का उपयोग करें।
- वाहन के दस्तावेज सुरक्षित रखें।
- संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
पुलिस का कहना है कि नागरिकों की सतर्कता और सहयोग से वाहन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
निष्कर्ष
बरियातू थाना पुलिस की यह कार्रवाई राजधानी में वाहन चोरी के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है। 5 चोरी की मोटरसाइकिल और 5 मोबाइल फोन की बरामदगी के साथ 5 आरोपियों की गिरफ्तारी से पुलिस को गिरोह के नेटवर्क के बारे में अहम सुराग मिले हैं।
आने वाले दिनों में पुलिस इस मामले की गहराई से जांच करेगी और यह पता लगाएगी कि चोरी की घटनाओं में और कौन-कौन लोग शामिल थे। फिलहाल इस कार्रवाई ने वाहन चोरों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है और आम लोगों में सुरक्षा का विश्वास बढ़ाया है।







