झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026 : झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर हैं। चुनावी माहौल के बीच सत्तारूढ़ इंडिया गठबंधन (INDIA Alliance) ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए दोनों सीटों पर जीत का दावा किया है। सोमवार को विधानसभा परिसर में पहुंचे गठबंधन दलों के नेताओं और विधायकों ने साफ संकेत दिया कि सीटों के बंटवारे को लेकर जो मतभेद की चर्चाएं चल रही थीं, वे अब समाप्त हो चुकी हैं और सभी दल साझा रणनीति के तहत चुनाव लड़ रहे हैं।
राज्यसभा की दो सीटों के लिए हो रहे चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस ने एक-एक उम्मीदवार उतारे हैं। गठबंधन नेताओं का कहना है कि उनके पास पर्याप्त संख्या बल है और दोनों उम्मीदवारों की जीत लगभग तय है। चुनाव को लेकर विधानसभा परिसर और राजनीतिक गलियारों में दिनभर हलचल बनी रही।
गठबंधन ने दिया एकता का संदेश
राज्यसभा चुनाव से पहले झामुमो और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना था कि दोनों दलों के बीच उम्मीदवारों को लेकर खींचतान हो सकती है, लेकिन चुनाव के समय गठबंधन ने एकजुटता दिखाकर विपक्ष की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
विधानसभा पहुंचे झामुमो नेताओं ने कहा कि इंडिया गठबंधन पूरी तरह संगठित है और चुनाव में किसी प्रकार का भ्रम नहीं है। नेताओं ने दावा किया कि गठबंधन के सभी विधायक एकजुट होकर मतदान करेंगे और दोनों उम्मीदवारों को जीत दिलाएंगे।
हेमलाल मुर्मू ने जताया भरोसा
झामुमो विधायक हेमलाल मुर्मू ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इंडिया गठबंधन के पास पर्याप्त संख्या बल मौजूद है। उन्होंने कहा कि गठबंधन के सभी विधायक एकमत हैं और राज्यसभा की दोनों सीटों पर जीत सुनिश्चित है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार गठबंधन में दरार की बात कर रहा था, लेकिन आज की स्थिति यह साबित करती है कि झामुमो, कांग्रेस, राजद और अन्य सहयोगी दल पूरी मजबूती के साथ साथ खड़े हैं। उनके अनुसार चुनाव परिणाम गठबंधन की ताकत को और मजबूत करेंगे।
राजद ने भी किया समर्थन का ऐलान
राजद नेताओं ने भी चुनाव में गठबंधन के उम्मीदवारों को समर्थन देने की घोषणा की है। पार्टी नेताओं ने कहा कि इंडिया गठबंधन का उद्देश्य राज्य और देश में लोकतांत्रिक एवं विकासोन्मुख राजनीति को आगे बढ़ाना है।
राजद के विधायकों और नेताओं ने कांग्रेस उम्मीदवार के प्रस्तावक बनकर यह स्पष्ट संदेश दिया कि गठबंधन के भीतर किसी प्रकार की नाराजगी या मतभेद नहीं है। राजनीतिक जानकार इसे चुनाव से पहले एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम मान रहे हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सक्रिय भूमिका
राज्यसभा चुनाव में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। झामुमो उम्मीदवार के प्रस्तावक के रूप में स्वयं मुख्यमंत्री का सामने आना इस बात का संकेत है कि पार्टी चुनाव को गंभीरता से ले रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हेमंत सोरेन ने चुनाव से पहले गठबंधन सहयोगियों के साथ लगातार संवाद बनाए रखा, जिसके कारण सीट बंटवारे का विवाद समय रहते सुलझ गया। यही वजह है कि अब गठबंधन पूरी मजबूती के साथ चुनावी मैदान में दिखाई दे रहा है।
क्या है विधानसभा का गणित?
झारखंड विधानसभा में कुल 81 सदस्य हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए लगभग 28 वोटों की आवश्यकता होती है। वर्तमान राजनीतिक स्थिति में इंडिया गठबंधन के पास 56 से अधिक विधायकों का समर्थन बताया जा रहा है।
इसमें झामुमो, कांग्रेस, राजद, माले और अन्य सहयोगी दलों के विधायक शामिल हैं। संख्या बल के लिहाज से देखा जाए तो गठबंधन के पास दोनों सीटें जीतने के लिए पर्याप्त समर्थन मौजूद है।
वहीं विपक्षी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के पास अपेक्षाकृत कम विधायक हैं। इसी वजह से राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव में इंडिया गठबंधन की स्थिति मजबूत बनी हुई है।
क्रॉस वोटिंग पर बनी हुई है नजर
राज्यसभा चुनावों में अक्सर क्रॉस वोटिंग और राजनीतिक जोड़-तोड़ की संभावनाओं पर चर्चा होती रहती है। हालांकि गठबंधन नेताओं का दावा है कि उनके सभी विधायक एकजुट हैं और किसी प्रकार की क्रॉस वोटिंग की संभावना नहीं है।
इसके बावजूद सभी दल अपने-अपने विधायकों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। विधानसभा परिसर में भी चुनाव को लेकर विशेष सतर्कता देखने को मिली। राजनीतिक दल यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि मतदान प्रक्रिया के दौरान कोई अप्रत्याशित स्थिति उत्पन्न न हो।
विपक्ष की रणनीति पर नजर
हालांकि संख्या बल के आधार पर इंडिया गठबंधन मजबूत स्थिति में है, लेकिन विपक्ष भी चुनावी मुकाबले को लेकर रणनीति बनाने में जुटा हुआ है। भाजपा और एनडीए के अन्य घटक दल चुनावी गणित को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव भले ही संख्या बल का खेल माना जाता हो, लेकिन इसका राजनीतिक संदेश काफी महत्वपूर्ण होता है। इसलिए सभी दल इस चुनाव को प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रहे हैं।
राज्यसभा चुनाव का राजनीतिक महत्व
झारखंड में होने वाला राज्यसभा चुनाव केवल दो सीटों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य की वर्तमान राजनीतिक स्थिति और गठबंधन की मजबूती का भी परीक्षण माना जा रहा है। यदि इंडिया गठबंधन दोनों सीटों पर जीत दर्ज करता है तो यह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और गठबंधन सहयोगियों के लिए बड़ी राजनीतिक सफलता होगी।
इसके अलावा आगामी चुनावी रणनीतियों और विपक्ष के खिलाफ राजनीतिक संदेश देने में भी यह जीत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यही कारण है कि चुनाव को लेकर सभी दल पूरी ताकत झोंकते नजर आ रहे हैं।
निष्कर्ष
झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026 में इंडिया गठबंधन फिलहाल मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहा है। झामुमो, कांग्रेस, राजद और अन्य सहयोगी दलों की एकजुटता ने चुनावी तस्वीर को काफी हद तक स्पष्ट कर दिया है। गठबंधन नेताओं का दावा है कि उनके पास दोनों उम्मीदवारों को जिताने के लिए पर्याप्त संख्या बल मौजूद है। अब सभी की नजर मतदान और परिणामों पर टिकी हुई है, जो झारखंड की राजनीति में आगे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित होंगे।







