बिरसा मुंडा पुण्यतिथि : धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि के अवसर पर मंगलवार को रांची के कोकर स्थित बिरसा मुंडा समाधि स्थल पर आजसू पार्टी द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने महान जननायक को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके संघर्ष, विचारों और आदर्शों को याद किया। इस दौरान नेताओं ने झारखंडी जनता के अधिकार, सम्मान और पहचान की रक्षा के लिए एक बार फिर उलगुलान की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में आजसू पार्टी के मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत और केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर ने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने कहा कि बिरसा मुंडा का जीवन केवल आदिवासी समाज ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके संघर्षों ने सामाजिक न्याय, आत्मसम्मान और अधिकारों की लड़ाई को नई दिशा दी।
भगवान बिरसा मुंडा के संघर्षों को किया नमन
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए डॉ. देवशरण भगत ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने अपने अल्प जीवन में शोषण, अन्याय और दमनकारी व्यवस्था के खिलाफ ऐतिहासिक संघर्ष किया। उन्होंने आदिवासी समाज के स्वाभिमान, संस्कृति और अस्तित्व की रक्षा के लिए जो आंदोलन चलाया, वह आज भी लोगों को प्रेरित करता है।
उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा का उलगुलान केवल एक आंदोलन नहीं था, बल्कि यह सामाजिक चेतना और आत्मसम्मान का प्रतीक था। जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए उन्होंने जो संघर्ष किया, उसकी प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है। वर्तमान समय में भी उनके विचार समाज को संगठित करने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा देते हैं।
डॉ. भगत ने कहा कि झारखंड के लोगों को अपने अधिकारों और संसाधनों की रक्षा के लिए बिरसा मुंडा के विचारों को आत्मसात करना होगा। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
झारखंड के सपनों को पूरा करने का समय
कार्यक्रम में केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने जिस झारखंड की कल्पना की थी, उसे साकार करने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि झारखंड केवल एक भौगोलिक राज्य नहीं, बल्कि यहां के लोगों की पहचान, संस्कृति और संघर्षों का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि मूलवासी और आदिवासी समुदायों के अधिकारों की रक्षा, सामाजिक समरसता और जनभागीदारी को मजबूत करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि झारखंड को वास्तव में विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है, तो राज्य की मूल भावना और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखना होगा।
प्रवीण प्रभाकर ने कहा कि आजसू पार्टी हमेशा से भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों और सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध रही है। पार्टी का उद्देश्य झारखंडी समाज को संगठित कर उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है।
झारखंडी पहचान की रक्षा के लिए नए उलगुलान की जरूरत
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने कहा कि वर्तमान समय में झारखंडी जनता के सामने कई चुनौतियां मौजूद हैं। रोजगार, विस्थापन, स्थानीय नीति, भूमि अधिकार और सांस्कृतिक संरक्षण जैसे मुद्दे आज भी गंभीर बने हुए हैं। ऐसे में बिरसा मुंडा के संघर्षों को याद करना और उनके मार्ग पर चलना बेहद जरूरी है।
नेताओं ने कहा कि जिस प्रकार बिरसा मुंडा ने ब्रिटिश शासन और शोषणकारी ताकतों के खिलाफ जनजागरण किया था, उसी प्रकार आज भी समाज को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए जागरूक और संगठित होना होगा। झारखंडी जनता के हितों की सुरक्षा के लिए एक व्यापक सामाजिक आंदोलन की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
आजसू नेताओं का मानना है कि राज्य के संसाधनों पर पहला अधिकार यहां के लोगों का होना चाहिए। इसके लिए जनभागीदारी और लोकतांत्रिक संघर्ष को मजबूत करना आवश्यक है।
युवाओं से इतिहास और विरासत को जानने की अपील
सभा के दौरान युवाओं को विशेष रूप से भगवान बिरसा मुंडा के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया। नेताओं ने कहा कि युवा पीढ़ी यदि अपने इतिहास, संस्कृति और संघर्षों को समझेगी, तभी वह समाज और राज्य के विकास में प्रभावी भूमिका निभा सकेगी।
उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा ने बेहद कम उम्र में जननायक बनकर समाज में परिवर्तन की अलख जगाई थी। उनका साहस, नेतृत्व और संघर्षशीलता आज भी युवाओं के लिए आदर्श है। युवाओं को चाहिए कि वे सामाजिक जिम्मेदारियों को समझें और समाजहित में सक्रिय भूमिका निभाएं।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हुए शामिल
कार्यक्रम में आजसू पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। श्रद्धांजलि सभा में केंद्रीय महासचिव दीपक महतो, केंद्रीय मीडिया संयोजक परवाज खान, केंद्रीय प्रवक्ता ज्ञान सिन्हा, कुमुद वर्मा, सुरेंद्र लिंडा, ओम वर्मा, प्रभात सिंह, डॉ. पार्थ पारितोष, अब्दुल जब्बार अंसारी, प्रताप सिंह, अजीत कुमार, सौरभ शर्मा, अमन साहू, मोहन दास, सौरभ यादव और रवि रोशन सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
कार्यकर्ताओं ने भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों पर चलने और झारखंडी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प लिया।
निष्कर्ष
भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर आयोजित यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम केवल एक स्मरण समारोह नहीं था, बल्कि झारखंडी समाज के अधिकारों, सम्मान और पहचान की रक्षा के लिए नए संकल्प का मंच भी बना। आजसू पार्टी ने स्पष्ट संदेश दिया कि बिरसा मुंडा के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उनके समय में थे। झारखंड के समग्र विकास, सामाजिक न्याय और मूलवासी-आदिवासी हितों की रक्षा के लिए उनके संघर्ष और आदर्श आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।







