हजारीबाग सड़क हादसा : झारखंड के हजारीबाग जिले में गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में 23 वर्षीय युवक की मौत हो गई। मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित नेक्सा शोरूम के समीप स्कूटी और हाइवा ट्रक के बीच हुई भीषण टक्कर में युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद मृतक के गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान सदर प्रखंड के बभनवै गांव निवासी अनिल साहू के पुत्र अश्विनी कुमार (23 वर्ष) के रूप में हुई है। अश्विनी किसी कार्य से स्कूटी पर सवार होकर जा रहा था। इसी दौरान नेक्सा शोरूम के पास तेज रफ्तार हाइवा ट्रक और उसकी स्कूटी के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा।
घटनास्थल पर जुटी लोगों की भीड़
हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों ने घायल युवक को बचाने का प्रयास किया, लेकिन उसकी हालत अत्यंत गंभीर थी। घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हाइवा ट्रक की रफ्तार काफी तेज थी। टक्कर के बाद सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोगों ने प्रशासन से भारी वाहनों की गति नियंत्रित करने की मांग भी की।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
अश्विनी कुमार की मौत की खबर जैसे ही उसके गांव बभनवै पहुंची, पूरे इलाके में मातम छा गया। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि अश्विनी एक मिलनसार और मेहनती युवक था। उसकी असमय मृत्यु से गांव के लोग भी स्तब्ध हैं।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार अश्विनी परिवार का सहारा था और भविष्य को लेकर कई सपने देख रहा था। लेकिन सड़क हादसे ने एक पल में सब कुछ बदल दिया। गांव में शोक व्यक्त करने वालों का तांता लगा हुआ है।
अस्पताल पहुंचे सदर विधायक
घटना की सूचना मिलने के बाद हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की। विधायक ने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है और प्रशासन को सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर कदम उठाने की आवश्यकता है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की भी बात कही। साथ ही पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
हजारीबाग में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले में भारी वाहनों की तेज रफ्तार कई बार दुर्घटनाओं का कारण बनती है। विशेष रूप से शहर और आसपास के व्यस्त मार्गों पर हाइवा और ट्रकों की अनियंत्रित आवाजाही लोगों के लिए खतरा बनती जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क हादसों को कम करने के लिए ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराना आवश्यक है। साथ ही सड़क किनारे चेतावनी संकेत, स्पीड कंट्रोल सिस्टम और नियमित वाहन जांच अभियान चलाने की जरूरत है।
झारखंड में बढ़ रहे सड़क हादसे चिंता का विषय
झारखंड के विभिन्न जिलों में सड़क दुर्घटनाओं के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों और जिला सड़कों पर तेज रफ्तार वाहन लोगों की जान के लिए खतरा बन रहे हैं। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार अधिकांश दुर्घटनाएं ओवरस्पीडिंग, लापरवाही और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के कारण होती हैं।
हजारीबाग, रांची, धनबाद, बोकारो और रामगढ़ जैसे जिलों में भारी वाहनों की आवाजाही अधिक होने के कारण दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ जाती है। ऐसे में प्रशासन और परिवहन विभाग को संयुक्त रूप से प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।
ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से दोषी चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि सड़क पर भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण नहीं होने से आए दिन निर्दोष लोग अपनी जान गंवा रहे हैं।
ग्रामीणों ने दुर्घटनास्थल के आसपास स्पीड ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड और नियमित पुलिस निगरानी की भी मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
निष्कर्ष
हजारीबाग के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में स्कूटी और हाइवा ट्रक की टक्कर में 23 वर्षीय अश्विनी कुमार की मौत ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया है। एक युवा जिंदगी का इस तरह अचानक खत्म हो जाना परिवार और समाज दोनों के लिए बड़ी क्षति है। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की अनियंत्रित रफ्तार पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाएगा।







