रिम्स RIO AC बंद : झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में एक गंभीर प्रशासनिक और तकनीकी लापरवाही सामने आई है। रिम्स के क्षेत्रीय नेत्र संस्थान (RIO) में एयर कंडीशनिंग (AC) सिस्टम अचानक बंद हो जाने के कारण कई महत्वपूर्ण ऑपरेशन प्रभावित हो गए। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि अस्पताल प्रशासन को कुछ निर्धारित सर्जरी स्थगित करनी पड़ी। मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले को गंभीरता से लेते हुए रिम्स प्रबंधन ने संबंधित एजेंसी के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने का निर्णय लिया है।
यह घटना न केवल अस्पताल की तकनीकी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि स्वास्थ्य संस्थानों में बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी मरीजों की जान और इलाज दोनों को प्रभावित कर सकती है।
ऑपरेशन थिएटर में बढ़ा तापमान, सर्जरी पर पड़ा असर
अस्पताल प्रशासन के अनुसार RIO भवन में AC व्यवस्था बंद होने के बाद ऑपरेशन थिएटर और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों का तापमान तेजी से बढ़ गया। चिकित्सा मानकों के अनुसार ऑपरेशन थिएटर में नियंत्रित तापमान और स्वच्छ वातावरण बनाए रखना अनिवार्य होता है। विशेष रूप से आंखों और ईएनटी (कान, नाक और गला) से संबंधित सर्जरी के दौरान तापमान नियंत्रण बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
AC बंद होने के कारण ऑपरेशन थिएटर का वातावरण निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं रह गया। मरीजों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए डॉक्टरों और प्रशासन ने कई सर्जरी को स्थगित करने का फैसला लिया। इससे दूर-दराज से इलाज के लिए आए मरीजों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा या नई तारीख का इंतजार करना पड़ा।
RIO में हाल ही में स्थानांतरित हुए थे विभाग
जानकारी के अनुसार आई और ENT विभाग को हाल ही में RIO भवन में स्थानांतरित किया गया था। विभागों के नए भवन में शिफ्ट होने के बाद वहां की तकनीकी और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान AC संचालन को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।
रिम्स प्रशासन का कहना है कि AC सिस्टम के संचालन और रखरखाव को लेकर आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही थीं, लेकिन संबंधित एजेंसी ने बिना पूर्व सूचना के सेवा बंद कर दी। इससे अस्पताल के नियमित कार्य प्रभावित हुए और मरीजों की चिकित्सा सेवाओं पर प्रतिकूल असर पड़ा।
निजी एजेंसी पर लापरवाही का आरोप
रिम्स प्रबंधन ने AC संचालन की जिम्मेदारी संभाल रही एजेंसी पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। प्रशासन के मुताबिक संबंधित एजेंसी को कार्य जारी रखने के लिए आवश्यक सूचना पहले ही ईमेल के माध्यम से भेजी गई थी। इसके बावजूद एजेंसी ने AC संचालन बंद कर दिया।
अस्पताल अधिकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े किसी भी संस्थान में इस प्रकार की कार्रवाई को सामान्य नहीं माना जा सकता। AC जैसी महत्वपूर्ण सुविधा बंद होने से सीधे तौर पर मरीजों के इलाज पर असर पड़ता है। इसलिए एजेंसी की भूमिका की जांच की जाएगी और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच के लिए गठित हुई टीम
मामले की जानकारी मिलते ही रिम्स प्रशासन हरकत में आ गया। चिकित्सा अधीक्षक, अस्पताल प्रबंधक, संपदा पदाधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच की।
जांच के दौरान अधिकारियों ने AC सिस्टम की स्थिति, एजेंसी की जिम्मेदारी और तकनीकी खामियों की समीक्षा की। प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि AC संचालन बंद होने के कारण ही ऑपरेशन और अन्य चिकित्सा गतिविधियां प्रभावित हुईं।
अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि मरीजों को न्यूनतम असुविधा हो और जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल की जा सके।
वैकल्पिक व्यवस्था कर बहाल की गई सेवाएं
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रिम्स प्रशासन ने तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था लागू की। भवन प्रमंडल द्वारा चयनित दूसरी एजेंसी को अस्थायी रूप से AC संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई। यह एजेंसी पहले से ट्रॉमा सेंटर और अन्य महत्वपूर्ण भवनों में तकनीकी सेवाएं प्रदान कर रही है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद AC सिस्टम को फिर से चालू करने की प्रक्रिया शुरू की गई। प्रशासन का दावा है कि जल्द ही सभी ऑपरेशन और चिकित्सा सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होने लगेंगी।
एजेंसी के खिलाफ FIR दर्ज कराने का फैसला
रिम्स प्रशासन ने संबंधित एजेंसी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्णय लिया है। अधिकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित करना गंभीर मामला है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह बनाया जाएगा।
FIR दर्ज होने के बाद पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच करेंगे। यदि एजेंसी की लापरवाही साबित होती है तो उसके खिलाफ अनुबंध संबंधी और कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
रिम्स प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि मरीजों की सुरक्षा और बेहतर इलाज उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अस्पताल प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नई निगरानी व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है।
RIO के संचालन और निगरानी के लिए अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभागाध्यक्षों, प्रशासनिक अधिकारियों और अस्पताल प्रबंधन की संयुक्त निगरानी में तकनीकी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी।
स्वास्थ्य संस्थानों में तकनीकी प्रबंधन की अहमियत
यह घटना एक बार फिर बताती है कि आधुनिक अस्पतालों में तकनीकी सुविधाओं का सुचारु संचालन कितना महत्वपूर्ण है। ऑपरेशन थिएटर, ICU, ट्रॉमा सेंटर और अन्य चिकित्सा इकाइयां पूरी तरह से तकनीकी प्रणालियों पर निर्भर होती हैं। किसी भी प्रकार की तकनीकी विफलता सीधे मरीजों के इलाज को प्रभावित कर सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पतालों में तकनीकी सेवाओं से जुड़ी एजेंसियों की जवाबदेही तय होना जरूरी है ताकि मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
निष्कर्ष
रांची के रिम्स स्थित क्षेत्रीय नेत्र संस्थान (RIO) में AC सिस्टम बंद होने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होना एक गंभीर मामला है। इससे कई मरीजों की सर्जरी टालनी पड़ी और अस्पताल प्रशासन को आपात कदम उठाने पड़े। हालांकि रिम्स ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वैकल्पिक व्यवस्था बहाल कर दी है, लेकिन यह घटना स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर तकनीकी प्रबंधन और जवाबदेही की आवश्यकता को उजागर करती है। एजेंसी के खिलाफ प्रस्तावित FIR और जांच से यह तय होगा कि इस लापरवाही के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है।







