Homeरांची न्यूज़रांची में कोयला सप्लाई के नाम पर 29 लाख की ठगी, तीन...

रांची में कोयला सप्लाई के नाम पर 29 लाख की ठगी, तीन लोगों पर FIR दर्ज | Jharkhand News | Bhaiyajii News |

- Advertisement -spot_img

रांची कोयला सप्लाई ठगी : झारखंड की राजधानी रांची में कोयला सप्लाई के नाम पर 29 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। इस मामले में बीआईटी मेसरा ओपी क्षेत्र में प्राथमिकी दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कोयला उपलब्ध कराने का भरोसा देकर बड़ी रकम एडवांस के तौर पर ली गई, लेकिन न तो समय पर कोयले की आपूर्ति की गई और न ही जमा राशि वापस लौटाई गई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, रांची के व्यवसायी अभिषेक कुमार ने बीआईटी मेसरा ओपी में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि उनकी कंपनी ने कोयला आपूर्ति के लिए एक निजी कंपनी के साथ व्यावसायिक समझौता किया था। समझौते के तहत मध्य प्रदेश के सिंगरौली क्षेत्र से कोयला लाकर ओडिशा स्थित औद्योगिक इकाई तक पहुंचाने की जिम्मेदारी ली गई थी।

व्यवसायिक सौदे के दौरान सप्लायर पक्ष ने अग्रिम भुगतान की मांग की। विश्वास के आधार पर शिकायतकर्ता ने अलग-अलग तिथियों में बैंकिंग माध्यम से करीब 29 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। भुगतान प्राप्त होने के बाद भी तय समय के भीतर कोयला उपलब्ध नहीं कराया गया।

एडवांस भुगतान के बाद नहीं मिली सप्लाई

शिकायत में बताया गया है कि कोयला आपूर्ति के लिए कई बार संपर्क किया गया, लेकिन हर बार अलग-अलग कारण बताकर समय बढ़ाया जाता रहा। शुरुआत में तकनीकी कारणों और परिवहन संबंधी समस्याओं का हवाला दिया गया। बाद में भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।

व्यवसायी का आरोप है कि भुगतान प्राप्त करने के बावजूद सप्लायर कंपनी ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। इससे उनका पूरा व्यावसायिक अनुबंध प्रभावित हुआ और संबंधित ग्राहक को समय पर माल उपलब्ध नहीं कराया जा सका।

स्टॉक दिखाकर किया गया भरोसा

शिकायतकर्ता के अनुसार, सौदा तय करने से पहले कोयले का स्टॉक दिखाया गया था। दावा किया गया था कि पर्याप्त मात्रा में कोयला उपलब्ध है और जल्द ही उसकी आपूर्ति कर दी जाएगी। लेकिन बाद में जब वास्तविक स्थिति की जांच की गई तो मौके पर वैसा स्टॉक मौजूद नहीं मिला।

इससे शिकायतकर्ता को संदेह हुआ कि शुरू से ही गलत जानकारी देकर उन्हें विश्वास में लिया गया था। आरोप है कि बार-बार आश्वासन देकर भुगतान कराया गया और बाद में वादों को पूरा नहीं किया गया।

तीन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई प्राथमिकी

मामले में तीन व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इन लोगों ने मिलकर कोयला सप्लाई का झांसा दिया और बड़ी राशि प्राप्त करने के बाद अपने वादे से मुकर गए।

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि जब पैसे वापस मांगने की कोशिश की गई तो लगातार टालमटोल की जाती रही। कई बार संपर्क करने के बावजूद न तो कोयले की आपूर्ति हुई और न ही राशि वापस की गई।

कारोबारी को हुआ भारी आर्थिक नुकसान

कोयला समय पर नहीं मिलने के कारण शिकायतकर्ता का व्यावसायिक ऑर्डर प्रभावित हुआ। बताया जा रहा है कि संबंधित ग्राहक को समय पर माल उपलब्ध नहीं कराया जा सका, जिसके चलते ऑर्डर रद्द होने की स्थिति पैदा हो गई।

व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक क्षेत्र में समय पर कच्चे माल की आपूर्ति न होने से कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसके अलावा बाजार में विश्वसनीयता और कारोबारी प्रतिष्ठा पर भी असर पड़ता है।

पुलिस कर रही मामले की जांच

बीआईटी मेसरा ओपी पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। अब पुलिस बैंक ट्रांजेक्शन, अनुबंध से जुड़े दस्तावेज, भुगतान के रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

जांच अधिकारियों का कहना है कि सभी पक्षों से पूछताछ की जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा सकती है।

झारखंड में बढ़ रहे आर्थिक अपराध

हाल के वर्षों में झारखंड में ऑनलाइन ठगी, निवेश धोखाधड़ी और व्यापारिक फ्रॉड के मामलों में वृद्धि देखी गई है। विशेष रूप से खनन, कोयला और परिवहन क्षेत्र में बड़े वित्तीय लेन-देन होने के कारण धोखाधड़ी की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी बड़े व्यावसायिक सौदे से पहले कंपनी की पृष्ठभूमि, वित्तीय स्थिति और उपलब्ध स्टॉक का स्वतंत्र सत्यापन जरूर करना चाहिए। साथ ही सभी भुगतान कानूनी दस्तावेजों और बैंकिंग चैनलों के माध्यम से ही किए जाने चाहिए।

व्यापारियों के लिए जरूरी सावधानियां

  1. किसी भी सप्लायर की विश्वसनीयता की जांच करें।
  2. अनुबंध को कानूनी रूप से सत्यापित कराएं।
  3. एडवांस भुगतान से पहले स्टॉक और क्षमता की पुष्टि करें।
  4. सभी लेन-देन बैंकिंग माध्यम से करें।
  5. भुगतान और बातचीत से जुड़े दस्तावेज सुरक्षित रखें।
  6. संदेह होने पर तुरंत कानूनी सलाह लें।

निष्कर्ष

रांची में कोयला सप्लाई के नाम पर 29 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला व्यापारिक क्षेत्र के लिए चिंता का विषय बन गया है। शिकायतकर्ता के आरोपों के आधार पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह घटना व्यापारियों को सतर्क रहने और किसी भी बड़े सौदे से पहले पूरी जांच-पड़ताल करने का संदेश देती है।

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img
Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
- Advertisement -spot_img
Related News
- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here