मोहर्रम 2026 रांची : आगामी मोहर्रम पर्व 2026 के शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण आयोजन को लेकर रांची जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में रविवार को जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री से शांति समिति एवं अखाड़ा समिति के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने मुलाकात की। बैठक में मोहर्रम के दौरान कानून-व्यवस्था, सामाजिक समरसता और प्रशासनिक तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
रांची में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी ने मिलकर मोहर्रम पर्व को भाईचारे और आपसी सहयोग के वातावरण में मनाने का संकल्प दोहराया।
मोहर्रम को लेकर प्रशासन और समाज के बीच बेहतर समन्वय
रांची जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस मुलाकात का उद्देश्य मोहर्रम पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकना और सभी समुदायों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था। बैठक में मोहम्मद सलाउद्दीन, जयसिंह यादव, अकिलुर्रहमान, मोहम्मद इस्लाम, मोहम्मद शकील, महावीर मंडल सहित सेंट्रल मोहर्रम कमिटी, अंजुमन इस्लामिया, गुरुनानक समिति तथा विभिन्न अखाड़ा समितियों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने मोहर्रम जुलूस, सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक नियंत्रण, साफ-सफाई, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपने सुझाव जिला प्रशासन के समक्ष रखे।
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री का किया गया सम्मान
मुलाकात के दौरान अखाड़ा समिति के सदस्यों ने जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। यह सम्मान प्रशासन और समाज के बीच बेहतर तालमेल तथा सामाजिक सौहार्द की भावना का प्रतीक माना गया।
समिति के सदस्यों ने कहा कि जिला प्रशासन लगातार विभिन्न धार्मिक आयोजनों में सहयोगात्मक भूमिका निभाता रहा है, जिसके कारण रांची में सामाजिक सद्भाव का वातावरण मजबूत हुआ है।
रांची की पहचान है भाईचारा और सामाजिक सौहार्द
बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि रांची शहर की पहचान हमेशा से आपसी भाईचारे, सामाजिक समरसता और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए रही है। यहां विभिन्न समुदायों के लोग मिल-जुलकर त्योहार मनाते हैं, जो पूरे राज्य के लिए एक उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि मोहर्रम केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक एकता और अनुशासन का भी प्रतीक है। इसलिए सभी समितियों और नागरिकों की जिम्मेदारी है कि पर्व को पारंपरिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जाए।
अफवाहों से बचने और सतर्क रहने की अपील
उपायुक्त ने विशेष रूप से सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं से सावधान रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना आवश्यक है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान कुछ असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर सकते हैं। ऐसे में सभी नागरिकों को सतर्क रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन या पुलिस को देनी चाहिए।
मोहर्रम 2026 के लिए प्रशासनिक तैयारियां
बैठक के दौरान मोहर्रम पर्व को लेकर प्रशासनिक तैयारियों पर भी चर्चा की गई। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया कि जुलूस मार्गों की निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, चिकित्सा सुविधाएं, पेयजल और स्वच्छता जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित कर ली जाएंगी।
प्रशासन का उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े तथा पूरे आयोजन के दौरान कानून-व्यवस्था पूरी तरह कायम रहे।
शांति समिति और अखाड़ा समिति ने दिया सहयोग का भरोसा
बैठक में मौजूद शांति समिति एवं अखाड़ा समिति के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सभी समितियां मिलकर मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से संपन्न कराने के लिए कार्य करेंगी।
प्रतिनिधियों ने कहा कि रांची की गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द को बनाए रखना सभी नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी भावना के साथ समाज और प्रशासन मिलकर हर चुनौती का सामना करेंगे।
सामाजिक समरसता का संदेश
बैठक के दौरान यह संदेश भी दिया गया कि किसी भी धार्मिक आयोजन की सफलता केवल प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर निर्भर नहीं करती, बल्कि समाज के सहयोग और नागरिकों की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।
मोहर्रम के अवसर पर सभी समुदायों के लोगों से आपसी सम्मान, भाईचारे और शांति बनाए रखने की अपील की गई। इससे न केवल त्योहार का महत्व बढ़ता है बल्कि सामाजिक एकता भी मजबूत होती है।
रांची में शांतिपूर्ण मोहर्रम की परंपरा
रांची लंबे समय से शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण धार्मिक आयोजनों के लिए जाना जाता है। यहां विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग एक-दूसरे के त्योहारों में सहयोग करते हैं। प्रशासन और सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रयासों के कारण शहर में शांति और सद्भाव का वातावरण बना रहता है।
इस वर्ष भी जिला प्रशासन और विभिन्न समितियों के बीच हुए संवाद से यह उम्मीद मजबूत हुई है कि मोहर्रम 2026 का आयोजन पूरी गरिमा, अनुशासन और भाईचारे के साथ संपन्न होगा।
निष्कर्ष
मोहर्रम 2026 को लेकर रांची जिला प्रशासन की सक्रियता और शांति समिति एवं अखाड़ा समिति के साथ हुई बैठक सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने जहां शांति और भाईचारे का संदेश दिया, वहीं विभिन्न समितियों ने भी प्रशासन को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया। संयुक्त प्रयासों से इस वर्ष भी रांची में मोहर्रम पर्व के शांतिपूर्ण और सफल आयोजन की उम्मीद जताई जा रही है।







