पूर्वी सिंहभूम नशा मुक्ति अभियान : नशे के बढ़ते प्रचलन को रोकने और समाज में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने नशा मुक्ति अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिले में 10 जून से 25 जून 2026 तक विशेष नशा मुक्ति जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को समाहरणालय परिसर से उपायुक्त राजीव रंजन और वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) पीयूष पाण्डेय ने संयुक्त रूप से नशा मुक्ति जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यह जागरूकता रथ जिले के विभिन्न प्रखंडों, पंचायतों, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में जाकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेगा। प्रशासन का लक्ष्य समाज के हर वर्ग तक पहुंचकर नशा मुक्त जीवन का संदेश देना है।
युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि युवा देश और समाज की सबसे बड़ी ताकत हैं। यदि युवा नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर शिक्षा, खेल, कौशल विकास और रचनात्मक गतिविधियों को अपनाएं तो समाज का भविष्य और अधिक उज्ज्वल बन सकता है।
उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ उसके भविष्य को भी प्रभावित करता है। ऐसे में युवाओं को अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करते हुए सकारात्मक जीवनशैली अपनानी चाहिए। उपायुक्त ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें सही मार्गदर्शन प्रदान करें।
नशे के खिलाफ जनभागीदारी सबसे बड़ा हथियार : SSP
वरीय पुलिस अधीक्षक पीयूष पाण्डेय ने कहा कि नशे के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान तभी सफल होगा जब इसमें आम जनता की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है।
एसएसपी ने लोगों से अपील की कि यदि उनके आसपास नशे से संबंधित कोई अवैध गतिविधि संचालित हो रही हो तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस प्रशासन को दें। उन्होंने कहा कि समाज और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से ही नशा मुक्त वातावरण तैयार किया जा सकता है।
गांव-गांव तक पहुंचेगा जागरूकता अभियान
नशा मुक्ति जागरूकता रथ जिले के सभी प्रमुख क्षेत्रों में भ्रमण करेगा। इस दौरान लोगों को नशे के कारण होने वाली सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जानकारी दी जाएगी। रथ के माध्यम से ऑडियो संदेश प्रसारित किए जाएंगे, प्रचार सामग्री वितरित की जाएगी तथा नुक्कड़ नाटक एवं जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रशासन का मानना है कि प्रत्यक्ष संवाद और स्थानीय स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम लोगों पर अधिक प्रभाव डालते हैं। इसी कारण इस अभियान को गांवों और पंचायतों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
स्कूलों और कॉलेजों में भी चलेगा जागरूकता कार्यक्रम
अभियान के दौरान विद्यालयों और महाविद्यालयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। छात्रों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि किशोर और युवा वर्ग नशे के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। इसलिए इस आयु वर्ग को समय रहते जागरूक करना बेहद आवश्यक है। जिला प्रशासन द्वारा छात्रों के लिए संवाद कार्यक्रम, शपथ ग्रहण समारोह और जागरूकता कार्यशालाओं का भी आयोजन किया जाएगा।
नशा क्यों बन रहा है सामाजिक चुनौती?
विशेषज्ञों के अनुसार शराब, तंबाकू, ड्रग्स और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन व्यक्ति के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डालता है। इससे हृदय रोग, मानसिक तनाव, अवसाद, पारिवारिक कलह और आर्थिक समस्याएं बढ़ती हैं। कई मामलों में नशा अपराध, सड़क दुर्घटनाओं और सामाजिक असुरक्षा का कारण भी बनता है।
झारखंड सहित देश के कई राज्यों में नशे के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार लगातार जागरूकता कार्यक्रम चला रही है। पूर्वी सिंहभूम का यह अभियान भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
25 जून तक चलेगा विशेष अभियान
जिला प्रशासन के अनुसार विशेष नशा मुक्ति अभियान 25 जून तक लगातार जारी रहेगा। इस दौरान विभिन्न विभागों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
अभियान के अंतर्गत लोगों को न केवल नशे के नुकसान बताए जाएंगे, बल्कि उन्हें नशा छोड़ने के उपाय और उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी भी दी जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना ही नहीं, बल्कि लोगों को नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना भी है।
स्वस्थ, सुरक्षित और जागरूक समाज की दिशा में कदम
पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन की यह पहल समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है। नशा मुक्ति जागरूकता रथ के माध्यम से जिले के हजारों लोगों तक सीधे पहुंचकर उन्हें नशे के खिलाफ जागरूक किया जाएगा।
जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें और अपने परिवार, मित्रों तथा समुदाय को भी नशे के खिलाफ जागरूक करें। सामूहिक प्रयासों से ही एक स्वस्थ, सुरक्षित, शिक्षित और नशामुक्त समाज का निर्माण संभव है।
नशे के खिलाफ यह अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का एक बड़ा आंदोलन है, जिसमें हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।







