नामकुम चोरी कांड : राजधानी रांची के नामकुम थाना क्षेत्र में बंद घरों को निशाना बनाकर चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना शेख अफरोज उर्फ पुटीलाल उर्फ अहमद राजा उर्फ साहिल को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी निशानदेही पर लोवाडीह स्थित एक ज्वेलरी दुकान से भारी मात्रा में चोरी के जेवर बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई में करीब 212 ग्राम सोना, 18 किलोग्राम चांदी, एक लाख रुपये नकद, एक देसी पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस, घड़ी और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
27 मई को हुई थी 15 लाख की बड़ी चोरी
जानकारी के अनुसार, 27 मई 2026 को नामकुम थाना क्षेत्र के केतारी बगान निवासी दीपक कुमार उर्फ पिंटु के बंद घर का ताला तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था। चोरों ने घर से लगभग 15 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण, महंगी घड़ी और 30 हजार रुपये नकद चोरी कर लिए थे।
घटना के बाद नामकुम थाना में कांड संख्या 142/26 दर्ज किया गया था। क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को देखते हुए मामले को गंभीरता से लिया गया और विशेष जांच टीम का गठन किया गया।
विशेष टीम ने की जांच, आरोपी तक पहुंची पुलिस
वरीय पुलिस अधीक्षक रांची के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के मार्गदर्शन और वरीय पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) प्रथम के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम में नामकुम थाना प्रभारी सहित कई पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया।
तकनीकी जांच, आसूचना संकलन और लगातार छापेमारी के दौरान पुलिस ने गिरोह के मुख्य आरोपी शेख अफरोज उर्फ पुटीलाल उर्फ अहमद राजा उर्फ साहिल (24 वर्ष) को गिरफ्तार किया। आरोपी मूल रूप से पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले का रहने वाला है और वर्तमान में रांची में रह रहा था।
चोरी के पैसों से मिला एक लाख नकद
गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से चोरी की रकम में से एक लाख रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा उसके पास से एक अवैध देसी पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस भी मिले।
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने 6 से 7 अपराधियों का एक गिरोह बना रखा है, जो बंद घरों की रेकी कर चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। गिरोह मुख्य रूप से सोने-चांदी के गहने, नकदी और अन्य कीमती सामान चुराता था।
लोवाडीह की ज्वेलरी दुकान में बेचे जाते थे चोरी के गहने
पुलिस पूछताछ में एक महत्वपूर्ण खुलासा हुआ। आरोपी ने बताया कि चोरी किए गए जेवरात को लोवाडीह स्थित महारानी ज्वेलर्स में कम कीमत पर बेच दिया जाता था।
नामकुम में हुई इस चोरी के गहनों को भी करीब 6 लाख रुपये में बेचा गया था। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि नामकुम, सदर और लोअर बाजार थाना क्षेत्रों में हुई कई अन्य चोरी की घटनाओं के जेवर भी इसी दुकान में बेचे गए थे।
पुलिस के अनुसार, दुकान मालिक चोरी के जेवरों को गलाकर नए आभूषण तैयार कर देता था, जिससे उनकी पहचान मिट जाती थी।
ज्वेलरी दुकान मालिक भी गिरफ्तार
मुख्य आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने लोवाडीह स्थित ज्वेलरी दुकान में छापेमारी की। वहां से विभिन्न प्रकार के सोने और चांदी के आभूषण बरामद किए गए।
इस मामले में कृष्णा कुमार (20 वर्ष), जो महारानी ज्वेलर्स से जुड़ा हुआ है, को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब उसके आपराधिक इतिहास और चोरी के सामान की खरीद-बिक्री में उसकी भूमिका की जांच कर रही है।
बरामदगी ने चौंकाया
पुलिस की कार्रवाई में बरामद सामग्री में शामिल हैं:
- लगभग 212 ग्राम सोने के विभिन्न आभूषण
- लगभग 18 किलोग्राम चांदी के आभूषण
- 1 लाख रुपये नकद
- एक देसी पिस्टल
- तीन जिंदा कारतूस
- एक घड़ी
- एक मोबाइल फोन
यह बरामदगी हाल के वर्षों में चोरी के मामलों में हुई बड़ी रिकवरी में से एक मानी जा रही है।
15 से अधिक मामलों में शामिल रहा है आरोपी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार शेख अफरोज उर्फ पुटीलाल एक शातिर और आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ रांची के सदर, नामकुम, लोअर बाजार और रेल थाना क्षेत्रों में चोरी, लूट, गृहभेदन और आर्म्स एक्ट से जुड़े 15 से अधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपी कई बार जेल भी जा चुका है, लेकिन जेल से बाहर आने के बाद पुनः आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो जाता था।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
रांची पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित अपराध गिरोह है और इसमें कई अन्य सदस्य भी शामिल हैं। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में कई अन्य चोरी के मामलों का भी खुलासा हो सकता है और चोरी का अतिरिक्त सामान भी बरामद किया जा सकता है।
निष्कर्ष
नामकुम थाना क्षेत्र में हुई 15 लाख रुपये की चोरी का खुलासा रांची पुलिस के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। मुख्य सरगना की गिरफ्तारी, भारी मात्रा में सोना-चांदी की बरामदगी और चोरी के सामान की खरीद-बिक्री के नेटवर्क का खुलासा यह दर्शाता है कि पुलिस संगठित अपराध के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। अब जांच का फोकस गिरोह के बाकी सदस्यों और चोरी के माल के पूरे नेटवर्क को बेनकाब करने पर है।







