पालकोट बाजार लूटकांड : झारखंड के गुमला जिले में हाल ही में हुई पालकोट बाजार लूटकांड की घटना का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। गुमला पुलिस की त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप इस मामले में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से देसी पिस्तौल, जिंदा कारतूस, नकदी और मोटरसाइकिल भी बरामद की है। यह कार्रवाई जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस अधीक्षक, गुमला को 15 जून 2026 को सुबह लगभग 10:15 बजे सूचना मिली कि पालकोट बाजार में कुछ अज्ञात अपराधियों ने लाख एवं मड़ुआ व्यापारियों से नकद राशि लूट ली और फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया और मामले की जांच के लिए विशेष छापामारी दल का गठन किया गया।
पुलिस टीम जब छापेमारी करते हुए ग्राम कुसरा पाकरटोली के समीप पहुंची, तब ग्रामीणों द्वारा एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़े जाने की जानकारी मिली। पूछताछ में उसने अपना नाम रमेश साहू (21 वर्ष) बताया। पुलिस की पूछताछ में रमेश ने अपने अन्य साथियों के नाम भी उजागर किए, जिसके बाद पूरे गिरोह का पर्दाफाश हुआ।
पालकोट लूटकांड में गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने इस मामले में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:
- रमेश साहू, पिता – गोपाल साहू, निवासी पुटो सासनटोली, थाना घाघरा, जिला गुमला।
- किशन महतो, पिता – विजय महतो, निवासी कोनबीर कुम्हारटोली।
- निमा बड़ाइक, पिता – एतवा बड़ाइक, निवासी कोनबीर बाजारटांड़।
- सुमन सिंह, पिता – दामोदर सिंह, निवासी कोचेडेंगा।
- कमल सिंह, पिता – चमन सिंह, निवासी सरईडीह, थाना बसिया, जिला गुमला।
पुलिस जांच में हुआ बड़ा खुलासा
गिरफ्तार मुख्य आरोपी रमेश साहू की निशानदेही पर पुलिस ने बसिया थाना क्षेत्र में छापेमारी की। इस दौरान चार अन्य आरोपियों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बसिया, पुसो और कोलेबिरा थाना क्षेत्रों में भी लूट की घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से व्यापारियों और आम लोगों को निशाना बनाकर अपराध कर रहा था। गिरफ्तारी के बाद कई अन्य मामलों में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस द्वारा बरामद सामान
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया:
- 2 देसी पिस्तौल
- 3 मैगजीन
- 5 जिंदा गोलियां
- 1 देसी कट्टा
- ₹12,500 नकद
- 2 मोटरसाइकिल
बरामद हथियारों और वाहनों को पुलिस ने जब्त कर लिया है। पुलिस अब इन हथियारों के स्रोत और गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की भी जांच कर रही है।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
पीड़ित व्यापारी अरुण साहू की लिखित शिकायत के आधार पर पालकोट थाना में कांड संख्या 31/2026 दर्ज किया गया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 309(4) और 61(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और यदि अन्य अपराधों में भी आरोपियों की संलिप्तता सामने आती है तो अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विशेष छापामारी दल की भूमिका
इस सफल कार्रवाई में कई पुलिस अधिकारियों और जवानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। छापामारी दल का नेतृत्व वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा किया गया, जिसमें बसिया, पालकोट और पुसो थाना की टीमों ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया।
गठित विशेष टीम में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, थाना प्रभारी, पुलिस निरीक्षक तथा सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। टीम की त्वरित कार्रवाई और समन्वय के कारण अपराधियों को कम समय में गिरफ्तार करने में सफलता मिली।
व्यापारियों में बढ़ा विश्वास
पालकोट बाजार क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों में चिंता का माहौल था। हालांकि पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई कर आरोपियों की गिरफ्तारी किए जाने से व्यापारिक समुदाय में राहत और विश्वास का माहौल बना है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की सक्रियता के कारण अपराधियों को जल्द गिरफ्तार किया गया, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
गुमला पुलिस का संदेश
गुमला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा। पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत स्थानीय थाना या पुलिस हेल्पलाइन को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
पुलिस का यह भी कहना है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और व्यापारियों सहित आम जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
निष्कर्ष
पालकोट बाजार लूटकांड का खुलासा गुमला पुलिस की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। पांच आरोपियों की गिरफ्तारी, हथियारों की बरामदगी और लूट में प्रयुक्त वाहनों की जब्ती से यह स्पष्ट है कि पुलिस अपराध नियंत्रण के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। इस कार्रवाई से न केवल व्यापारियों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है, बल्कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता भी सामने आई है।







