सिमडेगा गांजा तस्करी : झारखंड के सिमडेगा जिले में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। गांजा तस्करी मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी अश्विनी कुमार दिग्गल उर्फ रिंकू उर्फ रिंटू को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ओडिशा के कंधमाल जिले का निवासी है और झारखंड तथा बिहार में गांजा सप्लाई करने वाले नेटवर्क का महत्वपूर्ण सदस्य माना जा रहा है।
यह कार्रवाई सिमडेगा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई है। पुलिस का दावा है कि आरोपी की गिरफ्तारी से अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क के कई अहम राज खुल सकते हैं। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर पूरे गिरोह की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
कैसे हुआ मामले का खुलासा?
जानकारी के अनुसार 21 मार्च 2026 को खमनटांड़ चेकपोस्ट के पास वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान एक बस की तलाशी के दौरान पुलिस ने यात्री लव पांडेय के पास से करीब 7.862 किलोग्राम गांजा बरामद किया था। गांजा बरामद होने के बाद पुलिस ने उसे तत्काल गिरफ्तार कर लिया था।
पूछताछ के दौरान लव पांडेय ने पुलिस को बताया कि उसने यह गांजा ओडिशा के कंधमाल जिले के रहने वाले रिंकू नामक व्यक्ति से खरीदा था। आरोपी ने यह भी बताया कि गांजा की खेप बिहार पहुंचाने की तैयारी थी। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की।
तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस
सिमडेगा पुलिस ने मामले की जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन ट्रैकिंग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों का सहारा लिया। जांच में सामने आया कि रिंकू नाम का व्यक्ति वास्तव में अश्विनी कुमार दिग्गल है, जो लंबे समय से गांजा तस्करी के कारोबार से जुड़ा हुआ है।
पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
ओडिशा से झारखंड और बिहार तक फैला नेटवर्क
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी ओडिशा से गांजा की आपूर्ति कर झारखंड और बिहार के विभिन्न जिलों तक पहुंचाता था। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क में कई अन्य तस्कर भी शामिल हैं, जो लंबे समय से सक्रिय हैं।
सिमडेगा जिले की भौगोलिक स्थिति ओडिशा की सीमा से जुड़ी होने के कारण तस्कर अक्सर इस मार्ग का उपयोग करते हैं। यही वजह है कि पुलिस सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार निगरानी बढ़ा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है।
नशा कारोबार के खिलाफ पुलिस की सख्ती
झारखंड पुलिस राज्यभर में नशा कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। हाल के वर्षों में गांजा, ब्राउन शुगर, अफीम और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी के कई मामलों का खुलासा हुआ है। पुलिस का मानना है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए ऐसे नेटवर्क को जड़ से खत्म करना बेहद जरूरी है।
सिमडेगा पुलिस की इस कार्रवाई को भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नशा तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अभियान जारी रहेगा।
युवाओं पर पड़ता है नशे का सबसे ज्यादा असर
विशेषज्ञों के अनुसार नशीले पदार्थों की तस्करी केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चुनौती भी है। नशे की लत युवाओं के भविष्य को प्रभावित करती है और कई परिवारों को बर्बाद कर देती है।
गांजा और अन्य मादक पदार्थों की बढ़ती उपलब्धता युवाओं को गलत रास्ते पर ले जा सकती है। ऐसे में पुलिस की कार्रवाई समाज को सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
स्थानीय लोगों ने की कार्रवाई की सराहना
सिमडेगा और आसपास के इलाकों के लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नशा तस्करों के खिलाफ कठोर कार्रवाई से युवाओं को सुरक्षित वातावरण मिलेगा और अपराध पर भी अंकुश लगेगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में नियमित जांच अभियान चलाया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की तस्करी की घटनाओं को रोका जा सके।
आगे क्या करेगी पुलिस?
पुलिस अब आरोपी अश्विनी कुमार दिग्गल से पूछताछ कर यह जानने का प्रयास कर रही है कि उसके नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि पिछले कुछ वर्षों में उसने कितनी बार गांजा की खेप विभिन्न राज्यों में पहुंचाई।
संभावना जताई जा रही है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस का लक्ष्य पूरे नेटवर्क को खत्म करना है ताकि झारखंड और आसपास के राज्यों में नशा तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
निष्कर्ष
सिमडेगा में गांजा तस्करी मामले में मुख्य आरोपी अश्विनी कुमार दिग्गल की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है। यह कार्रवाई न केवल एक तस्कर की गिरफ्तारी तक सीमित है, बल्कि अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क को उजागर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है, जिससे पूरे गिरोह पर शिकंजा कस सकता है।







