गिरिडीह प्रभात फेरी : जिले के प्लस टू उच्च विद्यालय द्वारा शनिवार को एक भव्य प्रभात फेरी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रभात फेरी का उद्देश्य विद्यार्थियों और आम नागरिकों के बीच शिक्षा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देना था।
विद्यालय परिसर से शुरू हुई यह प्रभात फेरी शहर और आसपास के क्षेत्रों से होकर गुजरी। इस दौरान विद्यार्थियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर लोगों को विभिन्न सामाजिक विषयों के प्रति जागरूक किया। पूरे मार्ग में छात्रों ने प्रेरणादायक नारे लगाए और लोगों को शिक्षा के महत्व के बारे में जानकारी दी।
शिक्षा ही विकास की कुंजी
प्रभात फेरी के दौरान विद्यार्थियों ने लोगों से अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने और शिक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की। छात्रों ने संदेश दिया कि शिक्षा ही किसी भी समाज और राष्ट्र के विकास की सबसे बड़ी शक्ति है। शिक्षकों ने भी कहा कि शिक्षित समाज ही बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकता है।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने कहा कि आज के समय में शिक्षा केवल नौकरी प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के व्यक्तित्व विकास और सामाजिक जिम्मेदारियों को समझने का भी महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।
स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूक
प्रभात फेरी के दौरान विद्यार्थियों ने स्वच्छता को लेकर भी लोगों को जागरूक किया। छात्रों ने स्वच्छ वातावरण, साफ-सफाई और व्यक्तिगत स्वास्थ्य के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से अपने घरों, मोहल्लों और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने की अपील की।
रैली में शामिल छात्रों ने संदेश दिया कि स्वच्छता केवल सरकारी अभियान नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। यदि सभी लोग अपने आसपास के क्षेत्र को साफ रखें तो कई प्रकार की बीमारियों को रोका जा सकता है।
पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। विद्यार्थियों ने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने, प्लास्टिक का कम उपयोग करने और जल संरक्षण के उपाय अपनाने की अपील की।
छात्रों ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के दौर में पर्यावरण की रक्षा करना अत्यंत आवश्यक हो गया है। यदि आज से ही पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रयास नहीं किए गए तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
सामाजिक जिम्मेदारी का मिला संदेश
विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि प्रभात फेरी जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से छात्र समाज की समस्याओं को समझते हैं और उनके समाधान के लिए जागरूकता फैलाने में योगदान देते हैं।
शिक्षकों का मानना है कि पुस्तकीय शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक और नैतिक शिक्षा भी विद्यार्थियों के विकास के लिए जरूरी है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर विद्यालय में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
स्थानीय लोगों ने की सराहना
प्रभात फेरी के दौरान स्थानीय नागरिकों ने छात्रों के प्रयासों की सराहना की। लोगों ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं। कई अभिभावकों ने भी विद्यालय प्रशासन की प्रशंसा करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ना एक सराहनीय पहल है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि जब युवा पीढ़ी सामाजिक मुद्दों पर आगे आती है तो उसका प्रभाव समाज पर अधिक पड़ता है। ऐसे कार्यक्रमों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता भी विकसित होती है।
विद्यार्थियों में दिखा उत्साह
प्रभात फेरी में शामिल छात्र-छात्राएं पूरे उत्साह और ऊर्जा के साथ कार्यक्रम में भाग लेते नजर आए। उन्होंने विभिन्न नारों के माध्यम से शिक्षा, पर्यावरण और स्वच्छता के महत्व को लोगों तक पहुंचाया। छात्रों ने कहा कि उन्हें इस प्रकार के कार्यक्रमों में भाग लेकर समाज के लिए कुछ सकारात्मक करने का अवसर मिलता है।
भविष्य में भी होंगे ऐसे आयोजन
विद्यालय प्रशासन ने बताया कि आने वाले दिनों में भी इसी प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विद्यालय का उद्देश्य छात्रों को केवल शैक्षणिक रूप से ही नहीं बल्कि सामाजिक रूप से भी सशक्त बनाना है।
प्रबंधन का कहना है कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
निष्कर्ष
गिरिडीह के प्लस टू उच्च विद्यालय द्वारा निकाली गई प्रभात फेरी शिक्षा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता का प्रभावी संदेश देने में सफल रही। छात्रों, शिक्षकों और स्थानीय लोगों की सहभागिता ने इस कार्यक्रम को विशेष बना दिया। ऐसे आयोजन न केवल विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में सहायक होते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।







