रांची/चाईबासा।
पश्चिमी सिंहभूम में नक्सल उन्मूलन अभियान :झारखंड में नक्सलवाद के विरुद्ध चलाए जा रहे सघन अभियान को एक बड़ी सफलता मिली है। झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन, झारखंड जगुआर एवं जिला पुलिस के संयुक्त प्रयास से पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में नक्सल उन्मूलन अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने कई वांछित नक्सलियों को गिरफ्तार कर नक्सली नेटवर्क को गहरी चोट पहुंचाई है। इस अभियान के तहत कुल 17 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें कई पर लाखों रुपये का इनाम घोषित था।
यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखंड के निर्देशन में तथा पश्चिमी सिंहभूम जिला पुलिस के नेतृत्व में की गई। अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में सक्रिय प्रतिबंधित नक्सली संगठनों की कमर तोड़ना, आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और विकास कार्यों में आ रही बाधाओं को समाप्त करना था।
गुप्त सूचना के आधार पर की गई रणनीतिक कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि माओवादी संगठन के शीर्ष नेता अपने दस्ते के साथ सारंडा और कोल्हान के दुर्गम जंगली एवं पहाड़ी इलाकों में सक्रिय हैं। इसी सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों द्वारा क्षेत्र में विशेष सर्च ऑपरेशन चलाया गया। अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के ठिकानों की घेराबंदी की और योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया।
अभियान के दौरान नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की, जिसका सुरक्षाबलों ने मुंहतोड़ जवाब दिया। कई घंटों तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद सुरक्षाबलों ने नक्सलियों को चारों ओर से घेर लिया, जिसके बाद 17 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया।
इनामी नक्सलियों की गिरफ्तारी से संगठन को बड़ा झटका
गिरफ्तार किए गए नक्सलियों में कई कुख्यात नाम शामिल हैं, जिन पर झारखंड और ओडिशा सरकार द्वारा लाखों रुपये का इनाम घोषित था। गिरफ्तार नक्सलियों में सीसीएम, बीएसएसी, आरसीएम, एसजेडसी, एसीएम और कैडर स्तर के सदस्य शामिल हैं, जो संगठन के संचालन, हथियार प्रबंधन, लेवी वसूली और नए कैडर की भर्ती जैसे कार्यों में संलिप्त थे।
इन नक्सलियों की गिरफ्तारी से माओवादी संगठन की कमांड स्ट्रक्चर को गंभीर नुकसान पहुंचा है और क्षेत्र में उनकी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगा है।
भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद
सुरक्षा बलों ने अभियान के दौरान नक्सलियों के पास से भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की है। बरामद सामग्री में शामिल हैं—
- इंसास राइफल
- एसएलआर
- .303 राइफल
- अन्य आग्नेयास्त्र
- कारतूस व मैगजीन
- नक्सली साहित्य एवं दैनिक उपयोग की सामग्री
बरामद हथियारों से स्पष्ट है कि नक्सली किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे थे, जिसे समय रहते सुरक्षा बलों ने विफल कर दिया।

पिछले वर्षों में भी लगातार सफलताएं
पश्चिमी सिंहभूम जिला लंबे समय से नक्सल प्रभावित रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में सुरक्षा बलों की सक्रियता और निरंतर अभियानों के चलते नक्सल गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी आई है। पुलिस के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में कुल 183 नक्सलियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि कई नक्सली आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे हैं।
विशेष रूप से वर्ष 2026 में ही अब तक दर्जनों नक्सलियों की गिरफ्तारी और भारी मात्रा में हथियारों की बरामदगी से यह साफ हो गया है कि राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियां नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
विकास कार्यों को गति देने की दिशा में बड़ा कदम
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नक्सल उन्मूलन अभियान की यह सफलता केवल कानून-व्यवस्था की दृष्टि से ही नहीं, बल्कि विकास कार्यों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी योजनाओं में नक्सल हिंसा के कारण बाधाएं आती रही हैं।
नक्सलियों की गिरफ्तारी और उनके नेटवर्क के कमजोर होने से अब इन क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं के सुचारु क्रियान्वयन का रास्ता साफ होगा और स्थानीय ग्रामीणों को मुख्यधारा के विकास से जोड़ा जा सकेगा।
आम जनता से सहयोग की अपील
झारखंड पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे नक्सलियों से जुड़ी किसी भी प्रकार की सूचना पुलिस को दें और प्रशासन का सहयोग करें। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत जो नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनके लिए उचित व्यवस्था की गई है।
सुरक्षा बलों के साहस को सराहना
इस सफल अभियान के बाद राज्य स्तर पर सुरक्षा बलों के साहस और रणनीतिक क्षमता की सराहना की जा रही है। दुर्गम जंगलों, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और नक्सलियों की सशस्त्र चुनौती के बावजूद सुरक्षाबलों ने जिस तरह संयम और साहस का परिचय दिया, वह काबिले-तारीफ है।
नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई जारी
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नक्सलवाद के खिलाफ यह लड़ाई आगे भी इसी दृढ़ता से जारी रहेगी। आने वाले दिनों में भी सारंडा, कोल्हान और सीमावर्ती इलाकों में सघन सर्च ऑपरेशन चलाए जाएंगे ताकि शेष बचे नक्सली नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
निष्कर्षतः, पश्चिमी सिंहभूम में नक्सल उन्मूलन अभियान की यह सफलता झारखंड के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। 17 नक्सलियों की गिरफ्तारी, हथियारों की बरामदगी और लगातार मिल रही कामयाबी यह संकेत देती है कि राज्य नक्सलवाद के अंधेरे से बाहर निकलकर शांति, सुरक्षा और विकास की ओर मजबूती से आगे बढ़ रहा है।




