रांची जनता दरबार : जिला प्रशासन रांची द्वारा आयोजित जनता दरबार एक बार फिर आम नागरिकों के लिए न्याय, पारदर्शिता और त्वरित समाधान का मजबूत मंच साबित हुआ। उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित इस जनता दरबार में जिले के सुदूर ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक से सैकड़ों नागरिक अपनी समस्याएं और फरियाद लेकर पहुंचे।
जनता दरबार के दौरान भूमि विवाद, राजस्व संबंधी मामले, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, दाखिल-खारिज, पंजी-2 सुधार, प्रमाण-पत्र निर्गमन, महिला उत्पीड़न, अतिक्रमण, भू-माफिया गतिविधियां, धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण जैसे गंभीर और संवेदनशील मुद्दे प्रमुखता से सामने आए। उपायुक्त ने सभी आवेदनों को गंभीरता और संवेदनशीलता से सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही, टालमटोल या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जनता दरबार का उद्देश्य: त्वरित, पारदर्शी और न्यायसंगत समाधान
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि जनता दरबार का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को एक ही मंच पर सभी विभागों की उपस्थिति में सरल, त्वरित, पारदर्शी और न्यायसंगत समाधान उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गंभीर मामलों में स्वयं स्थल निरीक्षण करें और तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन व्यवस्था को जन-केंद्रित और उत्तरदायी बनाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। जनता की शिकायतों का लंबित रहना प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगाता है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अंचल अधिकारी इटकी को कड़ी फटकार, शो-कॉज नोटिस जारी
जनता दरबार में 90 वर्षीय अली हसन द्वारा प्रस्तुत मामले ने प्रशासनिक लापरवाही को उजागर किया। अली हसन ने बताया कि उनके परिवार में संपत्ति का बंटवारा हो चुका है और सभी वारिस अपने हिस्से पर काबिज हैं, इसके बावजूद उनकी पैतृक भूमि की जमाबंदी कराने के लिए उन्हें इटकी अंचल कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
इस गंभीर शिकायत पर उपायुक्त ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अंचल अधिकारी इटकी मो. अनीश को कड़ी फटकार लगाई और उन्हें शो-कॉज नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। साथ ही नगड़ी की संबंधित राजस्व कर्मचारी अनीता हेमरोम पर भी कार्रवाई के आदेश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि बुजुर्गों को अनावश्यक रूप से परेशान करना अमानवीय है और ऐसी लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
सोनाहातु अंचल में पंजी-2 सुधार में लापरवाही
प्रकाश कुमार महतो द्वारा सोनाहातु अंचल में पंजी-2 सुधार के लिए अगस्त 2024 में आवेदन दिया गया था, लेकिन डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले को गंभीर मानते हुए उपायुक्त ने अंचल अधिकारी सोनाहातु मनोज कुमार महथा एवं संबंधित कर्मचारी को शो-कॉज करते हुए स्पष्टीकरण मांगा।
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि राजस्व से जुड़े मामलों में देरी सीधे तौर पर आम जनता को प्रभावित करती है, इसलिए ऐसे मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
सरना पूजा स्थल घेराव में अनियमितता की शिकायत
ग्राम बादालु के ग्रामीणों ने बसंतपुर से ग्राम बादालु तक स्थित आदिवासी सरना पूजा स्थल के घेराव में अनियमितता की शिकायत जनता दरबार में रखी। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारी को पूरे मामले की गंभीरता से जांच करने और वस्तुस्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि आदिवासी धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और सम्मान प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
महिला उत्पीड़न के मामले में त्वरित जांच के निर्देश
बुढ़मू निवासी भुटकी देवी ने जनता दरबार में शिकायत करते हुए बताया कि बुढ़मू थाना में दर्ज कांड के आरोपी द्वारा उनके साथ दुर्व्यवहार और शोषण किया जा रहा है। इस पर उपायुक्त ने त्वरित संज्ञान लेते हुए संबंधित पदाधिकारी को निष्पक्ष और समयबद्ध जांच करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई अनिवार्य है।
16 विस्थापित परिवारों को फिर से उजड़ने का डर
जनता दरबार का सबसे गंभीर मामला गेटलसुद डैम से विस्थापित 16 परिवारों से जुड़ा रहा। इन परिवारों ने बताया कि वर्ष 1966 में बुड़मू अंचल के मौजा साड़म में खरीदी गई 104.67 एकड़ भूमि पर वे दशकों से खेती कर रहे हैं, लेकिन भूमि रिकॉर्ड ऑनलाइन नहीं होने के कारण भू-माफिया सक्रिय हो गए हैं।
परिजनों ने आरोप लगाया कि 15–20 एकड़ भूमि पर जेसीबी और ट्रैक्टर से अवैध समतलीकरण, घेराबंदी और सरकारी तालाब को नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। उपायुक्त ने मामले को गंभीर मानते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक रांची एवं अनुमंडल पदाधिकारी को तत्काल जांच कर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही भूमि रिकॉर्ड शीघ्र ऑनलाइन करने का आदेश भी दिया गया।
धार्मिक भूमि चोरी और मारपीट मामले में SSP को निर्देश
बुड़मू थाना क्षेत्र के ग्राम साइम निवासी पुनम देवी ने अपनी पैतृक धार्मिक भूमि पर चोरी, मारपीट और गर्भपात जैसी गंभीर शिकायत रखी। उपायुक्त ने इस मामले को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक और अनुमंडल पदाधिकारी को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
मनगढ़ंत आरोपों पर भी होगी कार्रवाई
नामकुम अंचल से जुड़े एक मामले में आवेदक द्वारा अंचल अधिकारी पर लगाए गए आरोपों की प्रारंभिक जांच में वे असत्य पाए गए। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी पदाधिकारी पर मनगढ़ंत आरोप लगाने वालों पर भी जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था की गरिमा बनी रहे।
100 वर्ष पुराने बसारगढ़ तालाब को बचाने की पहल
वार्ड संख्या-53 के नागरिकों ने जनता दरबार में शिकायत की कि 100 वर्ष पुराने ऐतिहासिक बसारगढ़ तालाब के किनारों को जेसीबी मशीन से काटकर उसका अस्तित्व समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारी को तत्काल कार्य रोकने और जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
मौके पर कई मामलों का निस्तारण
जनता दरबार के दौरान कई शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया, जिससे उपस्थित नागरिकों में राहत और संतोष देखने को मिला। लोगों ने उपायुक्त की कार्यशैली और संवेदनशीलता की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के सीधे संवाद से प्रशासन पर जनता का भरोसा मजबूत होता है




