गम्हरिया (आदित्यपुर-1):
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को देखते हुए सामाजिक संस्था अस्तित्व द्वारा एक सराहनीय पहल की गई। आदित्यपुर-1, वार्ड संख्या 2 स्थित सतबहनी के जुलुम टाड़ में नव प्राथमिक विद्यालय प्रांगण में निःशुल्क नेत्र जाँच शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह शिविर त्रिनेत्रम हॉस्पिटल के सौजन्य से आयोजित हुआ, जिसमें आधुनिक तकनीक और अनुभवी चिकित्सकों की सेवाएँ ग्रामीण लोगों को उपलब्ध कराई गईं।
मुख्य अतिथि ने करवाई स्वयं नेत्र जाँच
इस निःशुल्क नेत्र जाँच शिविर का उद्घाटन पूर्व विधायक प्रत्याशी श्री गणेश महाली ने स्वयं अपनी आँखों की जाँच करवा कर किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि ग्रामीण इलाकों में इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर अत्यंत आवश्यक हैं, क्योंकि आर्थिक कमजोरी और जानकारी के अभाव में कई लोग समय पर इलाज नहीं करा पाते। उन्होंने सामाजिक संस्था अस्तित्व की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने में सहायक होते हैं।
आधुनिक मशीनों से हुई जाँच
शिविर में त्रिनेत्रम हॉस्पिटल के वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक डॉ. प्रदीप अपनी पूरी मेडिकल टीम के साथ उपस्थित रहे। उन्होंने आधुनिक मशीनों और तकनीकी उपकरणों की सहायता से मरीजों की आँखों की बारीकी से जाँच की। इस दौरान केवल नेत्र परीक्षण ही नहीं, बल्कि सभी मरीजों का ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर (बीपी) भी निःशुल्क जाँचा गया, जिससे लोगों को अपनी संपूर्ण स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी मिल सकी।
150 से अधिक लोगों ने उठाया लाभ
इस निःशुल्क नेत्र जाँच शिविर में ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। लगभग 150 से अधिक लोगों ने शिविर का लाभ उठाया। इनमें वृद्ध, महिलाएँ, पुरुष और युवा सभी शामिल थे। कई लोगों में आँखों की सामान्य समस्याओं के साथ-साथ गंभीर बीमारियों के लक्षण भी पाए गए, जिन्हें समय रहते चिन्हित किया गया।
20 मरीज मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयनित
जाँच के दौरान करीब 20 मरीजों को मोतियाबिंद (कैटरैक्ट) ऑपरेशन के लिए चयनित किया गया। आयोजकों ने जानकारी दी कि इन सभी चयनित मरीजों को 30 जनवरी को त्रिनेत्रम हॉस्पिटल ले जाया जाएगा, जहाँ उनका निःशुल्क ऑपरेशन किया जाएगा। ऑपरेशन के बाद उसी दिन शाम को सभी मरीजों को सुरक्षित उनके घर तक पहुँचा दिया जाएगा। यह सुविधा ग्रामीणों के लिए किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही है।
महिलाओं की भागीदारी भी रही अहम
इस शिविर को सफल बनाने में माँ भूमि महिला विकास संगठन की टीम की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। संगठन के संचालक रितेश मुखिया उर्फ अभय प्रताप सिंह एवं रंजल सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और उन्हें जाँच के लिए प्रेरित करने में अहम योगदान दिया। महिला स्वयंसेवकों ने शिविर में आने वाली महिलाओं की मदद की और उन्हें प्रक्रिया समझाई।
स्थानीय लोगों का मिला भरपूर सहयोग
कार्यक्रम की सफलता में स्थानीय स्तर पर भी कई लोगों का योगदान रहा। अस्तित्व संस्था के सक्रिय सदस्य दिनेश गोराई ने पूरे कार्यक्रम के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, नव प्राथमिक विद्यालय के हेड मास्टर मनोज महतो ने विद्यालय परिसर उपलब्ध कराकर आयोजन को सुचारु रूप से संपन्न कराने में सहयोग किया। इसके अलावा समाजसेवी उत्तम पात्रो, जिलाध्यक्ष श्रीमती अर्चिता अन्नू चौबे एवं मनमोहन चौबे का भी आयोजन को सफल बनाने में विशेष योगदान रहा।
ग्रामीण स्वास्थ्य के लिए एक मिसाल
ग्रामीण इलाकों में नेत्र रोगों की समस्या आम है, लेकिन समय पर जाँच और इलाज न होने के कारण कई लोग स्थायी रूप से दृष्टिहीनता का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में अस्तित्व द्वारा आयोजित यह निःशुल्क नेत्र जाँच शिविर ग्रामीण स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक मिसाल बनकर उभरा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी प्रकार नियमित अंतराल पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएँ, तो कई गंभीर बीमारियों को प्रारंभिक अवस्था में ही रोका जा सकता है।
ग्रामीणों ने जताया आभार
शिविर में लाभ उठाने वाले ग्रामीणों ने आयोजकों और डॉक्टरों के प्रति आभार व्यक्त किया। कई बुजुर्गों ने कहा कि पहली बार उनके गाँव में इतनी सुविधाओं के साथ निःशुल्क नेत्र जाँच की व्यवस्था हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी ऐसे शिविर लगाए जाते रहेंगे, ताकि गरीब और जरूरतमंद लोग लाभान्वित हो सकें।
आगे भी जारी रहेगा सेवा कार्य
सामाजिक संस्था अस्तित्व के पदाधिकारियों ने बताया कि उनका उद्देश्य केवल एक शिविर तक सीमित नहीं है। भविष्य में भी ग्रामीण एवं पिछड़े इलाकों में स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग से ही इस तरह के सेवा कार्य संभव हो पाते हैं और आगे भी सभी के सहयोग से ऐसे प्रयास जारी रहेंगे।
निष्कर्षतः, गम्हरिया क्षेत्र में आयोजित यह निःशुल्क नेत्र जाँच शिविर न केवल स्वास्थ्य सेवा की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि समाज में सहयोग, सेवा और मानवीय मूल्यों का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है। अस्तित्व और त्रिनेत्रम हॉस्पिटल की यह पहल निश्चित रूप से अन्य सामाजिक संगठनों को भी प्रेरित करेगी।




