धनबाद मेयर शपथ ग्रहण : झारखंड के कोयलांचल क्षेत्र धनबाद में नगर निकाय चुनाव के बाद अब नई शहर सरकार के गठन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। धनबाद नगर निगम के नवनिर्वाचित महापौर और वार्ड पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह 18 मार्च को आयोजित किया जाएगा। इसी दिन नगर निगम के डिप्टी मेयर (उप महापौर) पद के लिए भी चुनाव कराया जाएगा। इस कार्यक्रम के बाद धनबाद नगर निगम की नई टीम औपचारिक रूप से शहर के प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी संभाल लेगी।यह समारोह जिला प्रशासन की देखरेख में आयोजित किया जाएगा, जिसमें नगर निगम के सभी निर्वाचित प्रतिनिधि शामिल होंगे। शपथ ग्रहण के बाद डिप्टी मेयर पद के लिए चुनाव की पूरी प्रक्रिया उसी दिन पूरी कर ली जाएगी।
समाहरणालय में आयोजित होगा शपथ ग्रहण समारोह
जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त आदित्य रंजन ने जानकारी दी है कि धनबाद नगर निगम के महापौर और वार्ड पार्षदों की बैठक 18 मार्च को सुबह 10 बजे समाहरणालय के सभाकक्ष में आयोजित की जाएगी। इसी बैठक में सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों को शपथ दिलाई जाएगी।इसके अलावा चिरकुंडा नगर परिषद के अध्यक्ष और वार्ड पार्षदों के लिए भी उसी दिन समाहरणालय में अलग बैठक आयोजित की जाएगी, जहां उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी। इस तरह एक ही दिन में जिले के दो प्रमुख शहरी निकायों की नई सरकार औपचारिक रूप से अस्तित्व में आ जाएगी।
उसी दिन होगा डिप्टी मेयर पद का चुनाव
शपथ ग्रहण समारोह के बाद नगर निगम के उप महापौर (डिप्टी मेयर) पद के लिए चुनाव कराया जाएगा। इसके लिए पूरा कार्यक्रम पहले से तय कर लिया गया है।
चुनाव प्रक्रिया के तहत
- सुबह 11:30 बजे से 12:30 बजे तक नामांकन दाखिल किया जाएगा।
- इसके बाद 12:30 से 1 बजे तक नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) होगी।
- 1 बजे से 1:30 बजे तक वैध उम्मीदवारों की सूची जारी की जाएगी।
- 1:30 से 1:45 बजे तक नाम वापसी का समय तय किया गया है।
यदि एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में रहते हैं तो मतदान कराया जाएगा।
दोपहर में होगा मतदान और मतगणना
डिप्टी मेयर चुनाव के लिए मतदान और मतगणना की प्रक्रिया भी उसी दिन पूरी कर ली जाएगी।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार
- 1:45 से 2:15 बजे तक मतपत्र तैयार किए जाएंगे।
- 2:15 बजे से 3 बजे तक मतदान होगा।
- 3 बजे से 3:15 बजे तक मतगणना की जाएगी।
मतगणना के बाद परिणाम घोषित किया जाएगा और विजेता उम्मीदवार को निर्वाचन प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। इसके बाद नए डिप्टी मेयर को भी शपथ दिलाई जाएगी।
वार्ड पार्षद ही करेंगे डिप्टी मेयर का चुनाव
डिप्टी मेयर पद का चुनाव प्रत्यक्ष नहीं बल्कि अप्रत्यक्ष प्रणाली (Indirect System) से होता है। यानी इस चुनाव में आम मतदाता हिस्सा नहीं लेते हैं। इसके बजाय नगर निगम के सभी निर्वाचित वार्ड पार्षद ही मतदान करते हैं और अपने बीच से किसी एक पार्षद को डिप्टी मेयर चुनते हैं।इस प्रक्रिया में मेयर और अध्यक्ष मतदान नहीं करते। केवल वार्ड पार्षद ही वोट देकर उप महापौर का चुनाव करते हैं। यही वजह है कि चुनाव से पहले पार्षदों के बीच समर्थन जुटाने और राजनीतिक समीकरण बनाने की प्रक्रिया तेज हो जाती है।
डिप्टी मेयर पद के लिए बढ़ी राजनीतिक हलचल
धनबाद नगर निगम में डिप्टी मेयर का पद काफी अहम माना जाता है। इसलिए इस पद के लिए कई पार्षद अपनी दावेदारी जता रहे हैं। चुनाव से पहले पार्षदों के बीच समर्थन जुटाने और लॉबिंग की गतिविधियां भी तेज हो गई हैं।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डिप्टी मेयर का चुनाव कई बार काफी दिलचस्प और प्रतिस्पर्धात्मक हो जाता है, क्योंकि इस पद के लिए वार्ड पार्षदों के बीच आपसी समर्थन और समीकरण महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
नगर निगम के कामकाज की शुरुआत
18 मार्च को शपथ ग्रहण और डिप्टी मेयर चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद धनबाद नगर निगम की नई टीम औपचारिक रूप से शहर के विकास कार्यों की जिम्मेदारी संभाल लेगी। इसके बाद नगर निगम की बैठकों का सिलसिला शुरू होगा और शहर से जुड़े विकास योजनाओं पर काम किया जाएगा।नगर निगम के सामने शहर में साफ-सफाई, सड़क निर्माण, जलापूर्ति, स्ट्रीट लाइट और शहरी विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण चुनौतियां हैं। नई टीम से उम्मीद की जा रही है कि वह इन मुद्दों पर तेजी से काम करेगी।
नगर निगम कार्यालय का नवीनीकरण
नई शहर सरकार के कामकाज के लिए मेयर और डिप्टी मेयर के कार्यालय को भी तैयार किया जा रहा है। इसके लिए पुराने कार्यालय का नवीनीकरण किया गया है। बताया जा रहा है कि लगभग 15 लाख रुपये की लागत से कार्यालय को तैयार किया गया है ताकि नई टीम बेहतर तरीके से काम कर सके।जब तक नगर निगम का नया भवन तैयार नहीं हो जाता, तब तक नगर निगम का कामकाज अस्थायी भवन से ही संचालित किया जाएगा।
साल के अंत तक बन सकता है नया निगम भवन
धनबाद नगर निगम का नया भवन भी निर्माणाधीन है। प्रशासन को उम्मीद है कि इस भवन का निर्माण कार्य साल के अंत तक पूरा हो सकता है। इसके बाद नगर निगम के सभी विभागों को एक ही भवन में संचालित किया जाएगा।नया भवन बनने से नगर निगम के प्रशासनिक कार्यों में काफी सुविधा होगी और आम लोगों को भी विभिन्न सेवाओं के लिए अलग-अलग जगह जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
शहर के विकास को लेकर बढ़ी उम्मीदें
धनबाद को झारखंड का औद्योगिक और कोयलांचल क्षेत्र माना जाता है। यहां की आबादी लगातार बढ़ रही है और शहर तेजी से विस्तार कर रहा है। ऐसे में नगर निगम की नई टीम के सामने शहर के विकास को लेकर कई बड़ी जिम्मेदारियां होंगी।लोगों को उम्मीद है कि नई नगर सरकार शहर में साफ-सफाई, यातायात व्यवस्था, जलापूर्ति और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाएगी।
निष्कर्ष
धनबाद नगर निगम के लिए 18 मार्च का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी दिन नवनिर्वाचित मेयर और वार्ड पार्षद शपथ लेकर अपने कार्यकाल की शुरुआत करेंगे और डिप्टी मेयर का चुनाव भी पूरा किया जाएगा।इस प्रक्रिया के साथ ही धनबाद की नई शहर सरकार आधिकारिक रूप से काम करना शुरू कर देगी। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि नई टीम शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए किस तरह की योजनाएं लागू करती है।




