जामताड़ा साइबर क्राइम: साइबर अपराध के लिए देशभर में कुख्यात जामताड़ा जिले में एक बार फिर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए YONO ऐप के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले साइबर अपराधियों के गिरोह का भंडाफोड़ किया है। जामताड़ा साइबर अपराध थाना की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी बरामद किए गए हैं।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक जामताड़ा को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर की गई। सूचना के अनुसार कुछ साइबर अपराधी करमाटांड़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत जामताड़ा–करमाटांड़ मुख्य सड़क पर सक्रिय थे और साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। इसके बाद साइबर अपराध थाना जामताड़ा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
200 मीटर तक पीछा कर पकड़े गए आरोपी
पुलिस टीम ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र में घेराबंदी कर संदिग्धों की निगरानी शुरू की। जैसे ही पुलिस को आरोपी दिखाई दिए, उन्हें पकड़ने का प्रयास किया गया। इस दौरान अपराधियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने लगभग 200 मीटर तक पीछा कर चारों आरोपियों को धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों से पूछताछ की गई, जिसमें साइबर ठगी से जुड़े कई अहम खुलासे हुए।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार की गई है—
- इब्राहिम अंसारी उर्फ पांडु, उम्र 19 वर्ष, पिता कमरुद्दीन अंसारी, ग्राम पांडुडीह, थाना अहिल्यापुर, जिला गिरिडीह
- इदरीश अंसारी, उम्र 26 वर्ष, पिता महबूब अंसारी, ग्राम करदी
- साकिर अंसारी उर्फ लाडू, उम्र 26 वर्ष, पिता अफसर अंसारी, ग्राम करमाटांड़
- सिराज अंसारी, उम्र 28 वर्ष, पिता शहीद मियां, ग्राम पारसडीह, थाना करमाटांड़, जिला जामताड़ा
मोबाइल और सिम कार्ड बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से साइबर अपराध में इस्तेमाल किए जा रहे उपकरण भी जब्त किए हैं। बरामद सामानों में—
- 07 मोबाइल फोन
- 08 सिम कार्ड
शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि इन मोबाइल और सिम कार्ड का इस्तेमाल ठगी की कई वारदातों में किया गया है। जब्त किए गए उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है, ताकि ठगी से जुड़े अन्य सबूत और पीड़ितों की जानकारी जुटाई जा सके।
YONO ऐप के नाम पर ठगी का तरीका
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी YONO ऐप चालू कराने या अपडेट कराने के नाम पर लोगों को कॉल करते थे। इसके बाद WhatsApp के माध्यम से लिंक भेजकर या स्क्रीन शेयरिंग ऐप का इस्तेमाल कर पीड़ितों को झांसे में लेते थे।आरोपी पीड़ितों से YONO ऐप का USER ID और PASSWORD बनवाते, फिर OTP हासिल कर लेते थे। OTP मिलते ही आरोपी नेट बैंकिंग के जरिए पीड़ित के बैंक खाते से अवैध रूप से पैसे ट्रांसफर कर लेते थे। इस तरह देश के विभिन्न हिस्सों में लोगों को साइबर ठगी का शिकार बनाया गया।
मामला दर्ज, कड़ी धाराओं में केस
इस पूरे मामले में साइबर अपराध थाना जामताड़ा में कांड संख्या 09/26, दिनांक 09 फरवरी 2026 को दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 111(1)(iii), 318(4), 319(2), 3/5, आईटी एक्ट 2000 की धारा 66(B), 66(C), 66(D) तथा Telecommunications Act 2023 की धारा 42(3)(e) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पूरे देश में फैला था ठगी का नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि इस साइबर ठगी गिरोह का नेटवर्क पूरे भारत में फैला हुआ था। आरोपी अलग-अलग राज्यों के लोगों को निशाना बनाते थे। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह से और कितने लोग जुड़े हुए हैं और अब तक कितनी बड़ी रकम की ठगी की जा चुकी है।
पुलिस की जनता से अपील
जामताड़ा पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या स्क्रीन शेयरिंग ऐप से सावधान रहें। बैंक या किसी भी सरकारी संस्था द्वारा कभी भी फोन पर OTP, USER ID या PASSWORD नहीं मांगा जाता। अगर कोई व्यक्ति खुद को बैंक कर्मचारी बताकर ऐसी जानकारी मांगता है तो तुरंत सतर्क हो जाएं और इसकी सूचना साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाना को दें।
Disclaimer:
यह समाचार पुलिस प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति एवं प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। मामले की जांच जारी है। समाचार में उल्लिखित सभी आरोप केवल आरोप हैं, जब तक कि न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध न हो जाए।
Cyber Security Advisory: आम नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी अनजान कॉल, लिंक, स्क्रीन शेयरिंग ऐप या OTP साझा करने से बचें। बैंक या कोई भी सरकारी संस्था कभी भी फोन पर OTP, USER ID या PASSWORD नहीं मांगती। किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
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