रांची में झामुमो : आज दिनांक 22 जनवरी 2026 को रांची स्थित झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय कार्यालय में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें लोहरदगा जिला से आए सैकड़ों लोगों ने झामुमो की सदस्यता ग्रहण की। यह कार्यक्रम पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सह माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व, उनकी नीतियों और राज्य में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति आस्था और विश्वास प्रकट करने का प्रतीक रहा।
इस अवसर पर झामुमो के केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता विनोद कुमार पाण्डेय की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। उनके समक्ष लोहरदगा जिले के विभिन्न प्रखंडों, पंचायतों और सामाजिक पृष्ठभूमियों से आए सैकड़ों नागरिकों ने पार्टी की सदस्यता ली। यह सदस्यता अभियान न केवल संख्या की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि सामाजिक समावेशन, युवाओं की भागीदारी और महिलाओं की सक्रिय सहभागिता के कारण भी चर्चा का विषय बना।
लोहरदगा जिला अध्यक्ष मोज्जमिल अहमद के नेतृत्व में सदस्यता लेने पहुंचे लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। कार्यक्रम के दौरान श्री विनोद कुमार पाण्डेय ने सभी नए सदस्यों को पार्टी का अंगवस्त्र पहनाकर विधिवत झामुमो की सदस्यता दिलाई तथा पार्टी परिवार में उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि झामुमो केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि झारखंड की अस्मिता, आदिवासी-मूलवासी अधिकारों, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की विचारधारा का प्रतिनिधित्व करता है।
अपने संबोधन में श्री विनोद कुमार पाण्डेय ने झामुमो के ऐतिहासिक संघर्षों, आंदोलनात्मक पृष्ठभूमि और पार्टी के नीति-सिद्धांतों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कैसे झामुमो ने अलग झारखंड राज्य के गठन से लेकर आज तक गरीबों, किसानों, मजदूरों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों और वंचित वर्गों के हक-अधिकार के लिए निरंतर संघर्ष किया है। उन्होंने नए सदस्यों से आह्वान किया कि वे पार्टी की विचारधारा को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाएं तथा संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
श्री पाण्डेय ने राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। चाहे छात्रवृत्ति योजनाएं हों, रोजगार सृजन से जुड़े कार्यक्रम हों या ग्रामीण विकास की योजनाएं—सरकार का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने नए सदस्यों से आग्रह किया कि वे इन योजनाओं की जानकारी आम जनता तक पहुंचाएं ताकि अधिक से अधिक लोग इनका लाभ उठा सकें।
कार्यक्रम के दौरान सदस्यता लेने वालों को राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा सामाजिक सद्भाव, भाईचारे और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का संकल्प भी दिलाया गया। इस अवसर पर यह संदेश स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आया कि झामुमो केवल सत्ता की राजनीति नहीं, बल्कि सेवा, संघर्ष और समर्पण की राजनीति करता है।
सदस्यता लेने वालों में मुख्य रूप से संजय टोप्पो, रॉबर्ट एक्का, आलोक कुमार मिंज, जॉर्ज कुजूर, अमन बाड़ा, नीरज खलखो, नीलम तिर्की, रीना कुजूर, संध्या टोप्पो, आयुष सुरील, आर. एलिन, रंजीत किंडो, अशोक तिग्गा, हिलारियूस एक्का, मो. गुफरान, तौसीफ रजा, नूर मोहम्मद, तौफीक आलम, तबरेज खान, आशीष तिर्की, अरुण टोप्पो सहित अन्य सैकड़ों लोग शामिल रहे। इन सभी ने पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त करते हुए संगठन के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम में लोहरदगा जिला से पार्टी की केंद्रीय सदस्य सह महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष राधा तिर्की, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष अजय उरांव, नगर अध्यक्ष आकाश साहू, कुडु प्रखंड अध्यक्ष शंकर उरांव सहित बड़ी संख्या में पार्टी के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए इसे संगठन के लिए एक नई ऊर्जा और मजबूती का संकेत बताया।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि झामुमो लगातार जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को उठाता रहा है और आगे भी जनता की आवाज बनकर कार्य करता रहेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता और लोगों का विश्वास इस बात का प्रमाण है कि राज्य की जनता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में चल रही सरकार के कार्यों से संतुष्ट है।
कार्यक्रम के अंत में संगठनात्मक एकता, अनुशासन और जनसेवा की भावना को और अधिक सशक्त करने का संकल्प लिया गया। उपस्थित कार्यकर्ताओं ने यह भरोसा जताया कि आने वाले समय में झामुमो को और अधिक मजबूत बनाने के लिए वे निरंतर प्रयासरत रहेंगे तथा पार्टी की नीतियों और सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
कुल मिलाकर, यह सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम झामुमो के संगठनात्मक विस्तार, जनसमर्थन और राजनीतिक मजबूती का एक महत्वपूर्ण उदाहरण साबित हुआ, जिसने यह स्पष्ट कर दिया कि राज्य की राजनीति में झामुमो की भूमिका और भी प्रभावशाली होती जा रही है।




