कोडरमा। जिले में अपराध और अवैध हथियारों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत Jharkhand Police को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक श्री अनुदीप सिंह, भा०पु०से० के स्पष्ट निर्देशों पर की गई कार्रवाई में सतगावां थाना क्षेत्र से चार देशी हथियार और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जिसके खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की विधि-सम्मत कार्रवाई की जा रही है।
गुप्त सूचना से शुरू हुई कार्रवाई
पुलिस को बीती रात विश्वसनीय गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि सतगावां थाना अंतर्गत ग्राम कटैया के गजहड टोला में एक अनजान और संदिग्ध व्यक्ति पिछले दो दिनों से देखा जा रहा है। बताया गया कि वह व्यक्ति रात में प्राथमिक सरकारी स्कूल की सीढ़ियों के नीचे सोता है, किसी को अपना नाम-पता नहीं बताता और उसके पास अवैध आग्नेयास्त्र होने की प्रबल संभावना है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल सत्यापन और त्वरित कार्रवाई का आदेश दिया।
विशेष टीम का गठन और छापेमारी
निर्देश के आलोक में पु०अ०नि० सौरभ कुमार शर्मा, थाना प्रभारी, सतगावां के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने बलों की सहायता से गजहड टोला स्थित प्राथमिक सरकारी स्कूल की घेराबंदी कर विधिवत छापेमारी की। इस दौरान स्कूल की सीढ़ी के नीचे सोए अवस्था में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया।
आरोपी की पहचान और बरामदगी
पकड़े गए व्यक्ति की पहचान रामेश्वर प्रसाद उर्फ राकेश साव उर्फ राम ईश्वर प्रसाद, उम्र करीब 54 वर्ष, पिता स्व० रामबरत प्रसाद, साकिन मई, थाना काको ओ०पी० भेलावार, जिला जहानाबाद (बिहार) के रूप में हुई। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से आईटेल कंपनी का एक कीपैड मोबाइल (बगैर सिम कार्ड) बरामद हुआ। वहीं, मौके की तलाशी में एक सफेद प्लास्टिक के बोरे से कुल चार सिंगल-शॉट देशी हथियार और पांच जिंदा कारतूस मिले।
बरामद हथियारों का विवरण
- लोहे का कार्बाइननुमा देशी रायफल (पूरी लंबाई 24 इंच)
- लोहे का कार्बाइननुमा देशी रायफल (पूरी लंबाई 18.5 इंच)
- लोहे का देशी रायफल (पूरी लंबाई 22.2 इंच)
- लोहे का देशी रायफल (कुल लंबाई 24 इंच)
- जिंदा कारतूस 05 पीस (प्रत्येक के पेंदे पर 8MM-KF अंकित)
आरोपी इन हथियारों के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका और न ही संतोषजनक जवाब दे पाया। इसके बाद सभी हथियारों को जब्ती सूची बनाकर जप्त कर लिया गया और आरोपी को विधिवत गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में सामने आई हथियार तस्करी की कहानी
गहन पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह शादी के बाद रामगढ़ में परिवार के साथ किराये के मकान में रहता था और मजदूरी कर जीवनयापन करता था। आय अपर्याप्त होने के कारण उसने अवैध गतिविधियों का रास्ता अपनाया। इसी क्रम में उसकी पहचान नालंदा जिले के जैयतीपुर निमडा निवासी कौशल नामक व्यक्ति से हुई, जिसके साथ मिलकर वह नए और पुराने हथियारों की खरीद-बिक्री करने लगा।
आरोपी ने बताया कि सतगावां-गोविंदपुर क्षेत्र में हथियार बेचने के उद्देश्य से उसने कौशल से चार हथियार और पांच जिंदा कारतूस खरीदे। इन्हें प्लास्टिक के बोरे में छिपाकर वह ग्राम कटैया के गजहड टोला पहुंचा। गांव में किसी ने उसे अपने घर में रहने नहीं दिया, इसलिए वह रात में सरकारी स्कूल की सीढ़ियों के नीचे सोता था। दिन के समय हथियारों को जंगल में छिपा देता और रात में वापस लेकर स्कूल लौट आता था।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
इस संबंध में सतगावां थाना कांड संख्या 14/26, दिनांक 12.02.2026, धारा 25 (1-बी) ए/26 शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपी के अन्य सहयोगियों और नेटवर्क की पहचान में जुटी है। संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है और आरोपी के पूर्व आपराधिक इतिहास की भी गहन पड़ताल की जा रही है।
पूर्व आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार आरोपी रामेश्वर प्रसाद उर्फ राकेश साव का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। उसके विरुद्ध वर्ष 2020 में बराबर टूरिज्म (बिशुनगंज ओ०पी०, जिला जहानाबाद, बिहार) में थाना कांड संख्या 07/20, दिनांक 09.02.2020, धारा 25 (1-बी) ए/26/35 शस्त्र अधिनियम एवं धारा 10/11/13 यूएपीए के तहत मामला दर्ज है। इससे स्पष्ट होता है कि आरोपी पहले भी गंभीर मामलों में संलिप्त रहा है।
छापामारी दल
- पु०अ०नि० सौरभ शर्मा, थाना प्रभारी, सतगावां
- पु०अ०नि० बमबम कुमार, थाना प्रभारी, ढाब थाना
- सशस्त्र बल, सतगावां थाना
पुलिस का संदेश
पुलिस अधीक्षक श्री अनुदीप सिंह ने स्पष्ट किया कि जिले में अपराध और अवैध हथियारों पर पूर्ण नियंत्रण के लिए सघन अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर समाज में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
यह कार्रवाई न केवल अवैध हथियारों के नेटवर्क पर करारा प्रहार है, बल्कि यह भी संदेश देती है कि कोडरमा पुलिस अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर मजबूती से काम कर रही है।
निष्कर्ष
कोडरमा पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई जिले में अपराध और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे सघन अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। चार देशी हथियारों और जिंदा कारतूस की बरामदगी से न केवल एक संभावित बड़ी आपराधिक घटना को रोका गया, बल्कि यह भी स्पष्ट संदेश गया कि कानून से खिलवाड़ करने वालों के लिए जिले में कोई स्थान नहीं है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई, गुप्त सूचना का प्रभावी उपयोग और टीमवर्क ने यह साबित कर दिया है कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे, जिससे आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना और अधिक मजबूत होगी।
अस्वीकरण
यह समाचार/लेख पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति, आधिकारिक बयानों और उपलब्ध जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें वर्णित तथ्य प्रारंभिक जांच और पुलिस रिकॉर्ड पर आधारित हैं। मामले की जांच अभी प्रचलित है, इसलिए आगे की जांच, न्यायिक प्रक्रिया या अदालती निर्णय के दौरान तथ्यों में परिवर्तन संभव है। किसी भी व्यक्ति को दोषी ठहराने का अधिकार केवल न्यायालय को है। यह लेख किसी व्यक्ति, समुदाय या संस्था की छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से नहीं लिखा गया है।


