रांची। झारखंड में कानून–व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति और निवेश के माहौल को लेकर सुदेश महतो ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। आजसू पार्टी के केंद्रीय कार्यालय, हरमू, रांची में आयोजित मिलन समारोह के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि जब तक राज्य में कानून–व्यवस्था मजबूत नहीं होगी, तब तक निवेशकों के आने की उम्मीद बेमानी है। असुरक्षा के माहौल में कोई भी उद्योगपति या निवेशक झारखंड में निवेश करने का जोखिम नहीं उठाएगा।
पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भाग ले रहे हैं, लेकिन राज्य की जनता, निवेशकों और व्यवसायी वर्ग को इससे बहुत अधिक उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि निवेश आकर्षित करने के लिए केवल विदेश यात्राएं और मंचों पर भाषण पर्याप्त नहीं होते, बल्कि जमीनी स्तर पर सुरक्षा और भरोसे का माहौल बनाना जरूरी है।
व्यवसायियों में भय का माहौल
सुदेश महतो ने कहा कि राज्य में व्यवसायियों को रोज़ाना गैंगस्टरों से धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि जमशेदपुर से दो हफ्ते पहले अपहृत युवा व्यवसायी कैरव गांधी का अब तक कोई सुराग पुलिस नहीं लगा पाई है। इसके अलावा, आज ही एक अन्य व्यवसायी सुशांत गुप्ता से दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगे जाने की खबर सामने आई है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही हैं, तो कौन सा निवेशक झारखंड में आकर अपना पैसा लगाएगा?
अपराध बनती जा रही है पहचान
आजसू पार्टी प्रमुख ने कहा कि हत्या, रंगदारी और अपहरण जैसी घटनाएं राज्य की पहचान बनती जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में पड़हा राजा सोमा मुंडा और अनिल टाइगर की हत्या जमीन माफिया द्वारा की गई। उन्होंने कहा कि राज्य में कई वर्षों तक सैकड़ों बच्चों के अपहरण होते रहे, लेकिन उस समय सरकार और प्रशासन सोए रहे।
महतो ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्तमान हालात राज्य के भविष्य के लिए शुभ संकेत नहीं हैं और सरकार को गंभीर आत्ममंथन करने की जरूरत है।
निवेश और विकास पर सवाल
विदेश दौरे के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा भारतीय व्यवसायियों और उद्यमियों से मुलाकात पर सवाल उठाते हुए सुदेश महतो ने कहा कि शपथ ग्रहण के समय महानगरों में किए गए रोड शो का क्या परिणाम निकला, यह मुख्यमंत्री को जनता के सामने स्पष्ट करना चाहिए।
उन्होंने हरमू नदी के पुनर्जीवन के वादे का भी जिक्र किया और कहा कि मुख्यमंत्री ने लंदन की थीम्स नदी को देखकर राजधानी रांची की नदियों को पुनर्जीवित करने की बात कही थी, लेकिन सरकारी तंत्र ने इन्हें नाला बना दिया। ये नदियां कभी रांची की पहचान हुआ करती थीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार के पास कोई ठोस योजना होगी, जो आने वाले समय में सामने आएगी।
गणतंत्र दिवस और प्रशासनिक जिम्मेदारी
गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री द्वारा झंडा न फहराने के सवाल पर सुदेश महतो ने कहा कि यह दिन संवैधानिक गौरव का प्रतीक है। अगर राज्य के मुख्यमंत्री तिरंगा नहीं फहराते हैं, तो निश्चित रूप से वे किसी और बड़े कार्य में व्यस्त होंगे—यह जानकारी वही दे सकते हैं।
वहीं, हजारीबाग में सरस्वती पूजा के दौरान दो समुदायों के बीच हुए टकराव को उन्होंने प्रशासन की नाकामी बताया। उन्होंने कहा कि हजारीबाग एक संवेदनशील शहर है और वहां कानून–व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन को पूरी सतर्कता बरतनी चाहिए थी।
मिलन समारोह में युवाओं का उत्साह
इस अवसर पर आयोजित मिलन समारोह में रांची के विभिन्न वार्डों से दर्जनों युवाओं ने आजसू पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। शुभम भारद्वाज के नेतृत्व में पार्टी में शामिल हुए युवाओं का स्वागत सुदेश महतो और देवशरण भगत ने किया।
पार्टी से जुड़ने वालों में गोपाल राय, अविनाश भारद्वाज, संजय वर्मा, मोहम्मद दानिश, सुमित कश्यप, सुमित राय, मोहम्मद सलीम सहित कई युवा शामिल हैं। कार्यक्रम में केंद्रीय मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत, केंद्रीय महासचिव सह जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती निर्मला भगत, केंद्रीय मीडिया संयोजक परवाज खान, श्रीमती वीणा देवी, डॉ. पार्थ पारितोष, अनुसूचित जनजाति महानगर प्रभारी निर्मल उरांव, छात्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा, ऋतुराज शाहदेव, प्रताप सिंह समेत अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
युवाओं से जुड़ रही पार्टी
सुदेश महतो ने कहा कि आजसू पार्टी युवाओं की आवाज बनकर उभर रही है और राज्य में वैकल्पिक राजनीति को मजबूत करने का कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि युवाओं की भागीदारी से पार्टी को नई ऊर्जा मिलेगी और झारखंड के विकास व सुरक्षा के मुद्दों को और मजबूती से उठाया जाएगा।
इस तरह, मिलन समारोह केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राज्य की मौजूदा परिस्थितियों पर गंभीर चर्चा और भविष्य की राजनीति की दिशा तय करने वाला मंच बनकर उभरा।





