पलामू में दहेज विवाद :
पलामू जिले के छत्तरपुर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने एक बार फिर दहेज और घरेलू विवादों की भयावह सच्चाई को उजागर कर दिया है। ग्राम गम्हरिया में एक युवक ने अपनी पत्नी, सास-ससुर, साला और साली पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें इलाज के दौरान ससुर की मौत हो गई।
यह घटना न सिर्फ एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है कि आपसी विवाद और दहेज जैसी कुप्रथाएं किस तरह जानलेवा रूप ले सकती हैं।
29 जनवरी की रात हुई खौफनाक वारदात
पुलिस के अनुसार यह घटना 29 जनवरी 2026 की रात की है। अभियुक्त लवकुश कुमार यादव, उम्र लगभग 30 वर्ष, अपने ससुराल ग्राम गम्हरिया पहुंचा। रात के समय किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसा में बदल गया। गुस्से में आकर अभियुक्त ने पहले अपनी पत्नी पर चाकू से हमला किया।
जब पत्नी की चीख-पुकार सुनकर परिवार के अन्य सदस्य बीच-बचाव करने पहुंचे, तो आरोपी ने उन पर भी ताबड़तोड़ चाकू से वार कर दिए। हमले में सास, ससुर, साला और साली भी गंभीर रूप से घायल हो गए।
इलाज के दौरान ससुर की मौत
घटना के बाद ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को सदर अस्पताल, पलामू में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने सभी का इलाज शुरू किया, लेकिन अभियुक्त के ससुर सुनील यादव की हालत अत्यंत गंभीर बनी रही। काफी प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
ससुर की मौत के बाद यह मामला साधारण हमला न रहकर हत्या के गंभीर मामले में बदल गया, जिससे पूरे क्षेत्र में आक्रोश और दहशत का माहौल बन गया।
पत्नी के बयान पर दर्ज हुई प्राथमिकी
घटना के संबंध में अभियुक्त की पत्नी रीता देवी ने पुलिस को फर्दबयान दिया। इसके आधार पर छत्तरपुर थाना कांड संख्या 15/26, दिनांक 31 जनवरी 2026 को दर्ज किया गया। आरोपी के खिलाफ BNS 2023 की कई गंभीर धाराओं के साथ-साथ दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न और सुनियोजित हमले से जुड़ा हुआ है, जिसकी हर पहलू से जांच की जा रही है।
विशेष टीम बनाकर शुरू हुई तलाश
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक, पलामू के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, छत्तरपुर के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही थी।
पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी भागने की फिराक में है और दोबारा दिल्ली जाने की योजना बना रहा है।
जपला बाजार के पास से आरोपी गिरफ्तार
लगातार प्रयासों के बाद 04 फरवरी 2026 को पुलिस को बड़ी सफलता मिली। आरोपी लवकुश कुमार यादव को जपला बाजार के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। वह जपला स्टेशन की ओर जा रहा था, तभी पुलिस ने उसे दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद उसे छत्तरपुर थाना लाया गया, जहां उससे गहन पूछताछ की गई।
पूछताछ में कबूला जुर्म, सामने आई साजिश
पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि उसकी शादी वर्ष 2023 में रीता देवी से हुई थी। शादी के बाद से ही पति-पत्नी के बीच लगातार विवाद होता रहता था। पत्नी का बार-बार मायके जाना और दोनों परिवारों के बीच तनाव उसके लिए मानसिक परेशानी का कारण बन गया था।
आरोपी ने यह भी बताया कि वह रोजगार के सिलसिले में दिल्ली में रहता था, लेकिन वहां रहते हुए भी पारिवारिक विवाद खत्म नहीं हुआ। उसने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष उसकी पत्नी को उसके और उसके माता-पिता के खिलाफ भड़काता था।
पहले से बनाई थी हमला करने की योजना
पुलिस के अनुसार आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने गुस्से और आक्रोश में आकर ससुराल पक्ष को नुकसान पहुंचाने की योजना बनाई थी। इसी योजना के तहत वह दिल्ली से रामपुर (उत्तर प्रदेश) गया और वहां से चाकू खरीदा। इसके बाद वह सीधे अपने ससुराल ग्राम गम्हरिया पहुंचा।
यह खुलासा होने के बाद पुलिस का मानना है कि यह घटना अचानक हुई हिंसा नहीं, बल्कि पूर्व नियोजित अपराध थी।
खून लगा चाकू और जैकेट बरामद
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त:
- एक खून लगा चाकू
- एक खून लगी जैकेट
बरामद की है। इन दोनों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि अदालत में ठोस साक्ष्य पेश किए जा सकें।
समाज के लिए चेतावनी
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि दहेज और घरेलू विवाद केवल पारिवारिक मामला नहीं रह जाते, बल्कि कई बार जानलेवा साबित होते हैं। गांव के लोगों का कहना है कि यदि समय रहते विवाद का स्थायी समाधान निकाला जाता, तो शायद यह दर्दनाक हादसा टल सकता था।
पुलिस की अपील
पलामू पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि घरेलू विवादों को हिंसा का रूप न लेने दें। दहेज जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ कानून सख्त है और ऐसे मामलों में दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
निष्कर्ष
पलामू की यह घटना न केवल एक परिवार की बर्बादी की कहानी है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक गंभीर संदेश भी है। दहेज और घरेलू हिंसा के खिलाफ जागरूकता और समय पर हस्तक्षेप ही ऐसी घटनाओं को रोक सकता है।




