फाइलेरिया उन्मूलन अभियान : फाइलेरिया जैसी गंभीर और आजीवन विकलांगता पैदा करने वाली बीमारी के उन्मूलन की दिशा में रांची जिला प्रशासन ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रांची श्री मंजूनाथ के दिशा-निर्देश पर जिले में फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर सतत एवं सुनियोजित प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में उप विकास आयुक्त रांची श्री सौरभ कुमार भुवनिया द्वारा आज दिनांक 10 फरवरी 2026 को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, कांके में जिला स्तरीय फाइलेरिया मुक्ति अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग एवं सहयोगी संस्थाओं के पदाधिकारी, स्वास्थ्यकर्मी और विद्यालय की छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।
10 फरवरी से 25 फरवरी तक चलेगा अभियान
फाइलेरिया उन्मूलन अभियान 10 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस दौरान रांची जिले के चार प्रखंडों—
राहे, सोनहातू, तमाड़ एवं कांके—में सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम (MDA – Mass Drug Administration) चलाया जा रहा है।इस अभियान का उद्देश्य है कि फाइलेरिया संक्रमण के खतरे वाले क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक पात्र व्यक्ति को दवा खिलाकर बीमारी की श्रृंखला को पूरी तरह तोड़ा जा सके।
उप विकास आयुक्त ने स्वयं दवा खाकर दिया संदेश
अभियान के शुभारंभ अवसर पर उप विकास आयुक्त श्री सौरभ कुमार भुवनिया ने स्वयं फाइलेरिया की दवा का सेवन कर आम लोगों को स्पष्ट संदेश दिया कि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने विद्यालय की छात्राओं सुषमा कुमारी (17 वर्ष) एवं निशा कुमारी (15 वर्ष) को भी दवा खिलाई।इसके पश्चात सिविल सर्जन रांची एवं अन्य पदाधिकारियों ने भी दवा का सेवन किया, जिससे आमजन में दवा को लेकर विश्वास और जागरूकता बढ़े।
फाइलेरिया से बचाव ही एकमात्र उपाय
उप विकास आयुक्त श्री सौरभ कुमार भुवनिया ने अपने संबोधन में कहा—
“फाइलेरिया की दवा पूरी तरह सुरक्षित है। इस बीमारी का कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन समय रहते दवा का सेवन कर फाइलेरिया को रोका जा सकता है। यह बीमारी व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से प्रभावित करती है। इसलिए जिले के सभी नागरिक दवा का सेवन अवश्य करें।”
उन्होंने कहा कि यह केवल स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि मानव गरिमा और सामाजिक सशक्तिकरण से जुड़ा अभियान है।
14 प्रखंड पहले ही हो चुके हैं फाइलेरिया मुक्त
स्वास्थ्य विभाग की जानकारी के अनुसार, रांची जिले के 14 प्रखंडों में फाइलेरिया का उन्मूलन पहले ही किया जा चुका है। वर्तमान में शेष चार प्रखंडों में 29 सक्रिय फाइलेरिया केस मौजूद हैं, जिन्हें समाप्त करने के लिए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है।इन चार प्रखंडों में कुल 5,57,970 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
619 बूथों से होगा दवा वितरण
फाइलेरिया रोधी दवाओं का वितरण—
- 619 बूथों के माध्यम से
- 1,238 दवा प्रदाताओं द्वारा
किया जाएगा।
दवा वितरण के लिए सार्वजनिक भवनों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों और कॉलेजों को बूथ के रूप में चिह्नित किया गया है ताकि अधिकतम लोगों तक दवा पहुंचाई जा सके।
दवा सेवन से जुड़ी महत्वपूर्ण सावधानियां
स्वास्थ्य विभाग ने दवा सेवन से संबंधित कुछ आवश्यक दिशानिर्देश जारी किए हैं—
- दवा खाली पेट नहीं लेनी है।
- 2 वर्ष से कम आयु के बच्चे, गर्भवती महिलाएं एवं अत्यंत गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति दवा का सेवन नहीं करेंगे।
- 1 से 2 वर्ष के बच्चों को केवल एल्बेंडाजोल की आधी गोली दी जाएगी।
- दवा का सेवन प्रशिक्षित दवा प्रदाता की निगरानी में ही किया जाएगा।
हल्के दुष्प्रभाव सामान्य: स्वास्थ्य विभाग
जिला वेक्टर बोर्न नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. शाहिद करीम साबरी ने बताया कि—
“कुछ लोगों में दवा सेवन के बाद हल्के दुष्प्रभाव जैसे सिरदर्द, चक्कर, उल्टी, बुखार या दस्त हो सकते हैं। यह शरीर में मौजूद फाइलेरिया के कीटाणुओं के मरने के कारण होता है। इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है।”
उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी असुविधा की स्थिति में नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
जागरूकता रथ को दिखाई हरी झंडी
उप विकास आयुक्त ने इस अवसर पर फाइलेरिया जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह जागरूकता रथ पूरे अभियान के दौरान गांव-गांव और मोहल्लों में जाकर लोगों को—
- फाइलेरिया के लक्षण
- बचाव के उपाय
- दवा सेवन के महत्व
के बारे में जागरूक करेगा।
फाइलेरिया मुक्त झारखंड की शपथ
कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों, शिक्षकों एवं छात्राओं को फाइलेरिया मुक्त झारखंड के निर्माण हेतु सामूहिक शपथ दिलाई गई।
उत्कृष्ट सहयोग के लिए विद्यालय टीम को बधाई
उप विकास आयुक्त श्री सौरभ कुमार भुवनिया ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, कांके की छात्राओं एवं विद्यालय की पूरी टीम को उनके उत्कृष्ट सहयोग और उपलब्धियों के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
उपस्थित प्रमुख अधिकारी
इस अवसर पर प्रमुख रूप से—
- डॉ. प्रभात कुमार, सिविल सर्जन, रांची
- श्री वीरेंद्र कुमार सिंह, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, VBD
- श्री विजय कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी
- डॉ. शाहिद करीम साबरी, जिला वेक्टर बोर्न नियंत्रण पदाधिकारी
- डॉ. सीमा प्रकाश, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, कांके
- श्रीमती अंजलि गांगुली, प्रधानाध्यापिका
- डॉ. अभिषेक पॉल (WHO)
- जोसेफ किरण कुमार (EISAI)
- पिरामल संस्था की टीम, अन्य स्वास्थ्यकर्मी एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक
उपस्थित रहे।
जन शिकायत हेतु आधिकारिक नंबर
रांची जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी समस्या या शिकायत के लिए अबुआ साथी – 9430328080 पर संपर्क करें, जो जन शिकायत के लिए आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण)
यह समाचार लेख जिला जनसम्पर्क कार्यालय, रांची (IPRD – Information & Public Relations Department) द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। अभियान से संबंधित जानकारी समय-समय पर अद्यतन की जा सकती है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी अंतिम या आधिकारिक सूचना के लिए IPRD Ranchi / जिला प्रशासन द्वारा जारी अधिसूचनाओं पर ही भरोसा करें।
Source: IPRD Ranchi


