रांची नगर निगम टैक्स वसूली : झारखंड की राजधानी रांची में नगर निगम ने वित्तीय वर्ष के अंतिम चरण में टैक्स वसूली को लेकर बड़ा अभियान शुरू किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 समाप्त होने में अब केवल लगभग 21 दिन शेष रह गए हैं। ऐसे में रांची नगर निगम प्रशासन ने कर संग्रहण को तेज करते हुए अधिकारियों और टैक्स वसूली एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि हर हाल में 100 करोड़ रुपये का टैक्स संग्रहण सुनिश्चित किया जाए।
इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए निगम प्रशासन ने फील्ड स्तर पर व्यापक अभियान चलाने की रणनीति बनाई है। इसके तहत वार्ड स्तर पर विशेष अभियान चलाकर होल्डिंग टैक्स और अन्य नगर निगम करों की वसूली की जाएगी। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि कर वसूली की प्रक्रिया में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उप प्रशासक की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक
इस पूरे अभियान को लेकर नगर निगम कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नगर निगम के उप प्रशासक गौतम प्रसाद साहू ने की। इसमें निगम के वरिष्ठ अधिकारी, रेवेन्यू विभाग के कर्मचारी और टैक्स वसूली एजेंसी के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
बैठक में उप प्रशासक ने स्पष्ट कहा कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले निर्धारित राजस्व लक्ष्य को हर हाल में पूरा करना होगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी वार्डों में सक्रिय रूप से अभियान चलाकर अधिक से अधिक टैक्स की वसूली सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि समय रहते टैक्स संग्रहण नहीं बढ़ाया गया तो नगर निगम के विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए सभी संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ अपने कार्यों को पूरा करना होगा।
वार्ड स्तर पर चलाया जाएगा विशेष अभियान
नगर निगम ने तय किया है कि टैक्स वसूली को तेज करने के लिए वार्ड स्तर पर विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत रेवेन्यू इंस्पेक्टर और टैक्स कलेक्टर घर-घर जाकर लोगों को टैक्स जमा करने के लिए प्रेरित करेंगे।
अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि जिन संपत्तियों का सही आकलन नहीं हुआ है, उनका दोबारा सर्वे कर वास्तविक टैक्स निर्धारित किया जाए। इससे नगर निगम की आय में वृद्धि होने की उम्मीद है।
इसके अलावा ऐसे मामलों की भी जांच करने को कहा गया है जहां रिहायशी भवनों में व्यवसायिक गतिविधियां चल रही हैं। यदि किसी आवासीय भवन का उपयोग व्यावसायिक उद्देश्य के लिए किया जा रहा है तो वहां तुरंत कर निर्धारण कर डिमांड नोटिस जारी किया जाएगा।
टैक्स चोरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई
नगर निगम प्रशासन ने टैक्स चोरी के मामलों पर भी कड़ा रुख अपनाया है। उप प्रशासक ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि ऐसे मामलों की पहचान कर संबंधित लोगों के खिलाफ झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 के तहत कार्रवाई की जाए।
यदि कोई व्यक्ति या संस्था लंबे समय से टैक्स जमा नहीं कर रही है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। इसमें नोटिस जारी करना, जुर्माना लगाना और आवश्यकता पड़ने पर संपत्ति सील करना जैसी कार्रवाई शामिल हो सकती है।
इस कदम का उद्देश्य टैक्स चोरी को रोकना और नगर निगम की आय को बढ़ाना है।
लंबित आवेदनों को तुरंत निपटाने का निर्देश
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि टैक्स से जुड़े किसी भी आवेदन को लंबित नहीं रखा जाए। कई बार नागरिकों द्वारा होल्डिंग टैक्स या अन्य शुल्क से जुड़े आवेदन दिए जाते हैं, लेकिन प्रक्रिया में देरी होने के कारण वे लंबित रह जाते हैं।
उप प्रशासक ने अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि सभी लंबित आवेदनों का जल्द से जल्द निपटारा किया जाए ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इसके साथ ही निगम कार्यालय और जन सुविधा केंद्रों में भी विशेष व्यवस्था की जाएगी ताकि नागरिक आसानी से अपना टैक्स जमा कर सकें।
टैक्स वसूली शिविर लगाए जाएंगे
नगर निगम प्रशासन ने टैक्स वसूली को आसान बनाने के लिए शहर के विभिन्न वार्डों में विशेष टैक्स वसूली शिविर लगाने का भी निर्णय लिया है। इन शिविरों में लोग मौके पर ही अपना होल्डिंग टैक्स और अन्य शुल्क जमा कर सकेंगे।
इससे नागरिकों को निगम कार्यालय तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और टैक्स जमा करने की प्रक्रिया भी आसान हो जाएगी।
अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से टैक्स संग्रहण में तेजी आएगी और अधिक से अधिक लोग समय पर अपना टैक्स जमा करेंगे।
ऑनलाइन भुगतान की भी सुविधा
रांची नगर निगम ने नागरिकों को यह भी सलाह दी है कि वे अपना होल्डिंग टैक्स ऑनलाइन माध्यम से भी जमा कर सकते हैं। इसके लिए निगम की आधिकारिक वेबसाइट और जन सुविधा केंद्रों की मदद ली जा सकती है।
ऑनलाइन भुगतान से लोगों का समय भी बचेगा और टैक्स जमा करने की प्रक्रिया भी पारदर्शी होगी।
नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय पर अपना टैक्स जमा करें ताकि शहर के विकास कार्यों में कोई बाधा न आए।
नगर विकास के लिए जरूरी है टैक्स
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि शहर में सड़क निर्माण, सफाई व्यवस्था, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए टैक्स से मिलने वाला राजस्व बेहद महत्वपूर्ण होता है।
यदि टैक्स वसूली कम होती है तो विकास योजनाओं पर असर पड़ता है। इसलिए नागरिकों का सहयोग भी इस प्रक्रिया में जरूरी है।
नगर निगम ने लोगों से अपील की है कि वे जिम्मेदार नागरिक के रूप में समय पर अपना होल्डिंग टैक्स और अन्य शुल्क जमा करें।
100 करोड़ का लक्ष्य: बड़ी चुनौती
रांची नगर निगम के सामने 21 दिनों में 100 करोड़ रुपये का टैक्स संग्रहण करना एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है। हालांकि प्रशासन को उम्मीद है कि यदि सभी अधिकारी और कर्मचारी मिलकर अभियान चलाते हैं तो यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
इसके लिए निगम प्रशासन ने फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों को सक्रिय रहने और नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
यदि यह लक्ष्य पूरा हो जाता है तो नगर निगम के पास शहर के विकास के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे।
निष्कर्ष
रांची नगर निगम द्वारा 21 दिनों में 100 करोड़ रुपये टैक्स वसूली का लक्ष्य तय करना प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले राजस्व बढ़ाने के लिए निगम प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
वार्ड स्तर पर अभियान, टैक्स वसूली शिविर, ऑनलाइन भुगतान और टैक्स चोरी पर सख्त कार्रवाई जैसे उपायों से निगम को उम्मीद है कि निर्धारित लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में इस अभियान का कितना प्रभाव पड़ता है और नगर निगम अपने 100 करोड़ रुपये के लक्ष्य को पूरा कर पाता है या नहीं।




