रांची पेंशन दरबार : जिला जनसम्पर्क कार्यालय, रांची की प्रेस विज्ञप्ति संख्या-183/2026 के अनुसार, राँची जिला प्रशासन द्वारा शिक्षकों के सम्मान में एक विशेष पेंशन दरबार सह सेवा-निवृत्ति विदाई सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समाहरणालय के ब्लॉक-ए स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने की।
यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि शिक्षकों के वर्षों के समर्पण और सेवा को सम्मान देने की एक भावनात्मक एवं प्रेरणादायक पहल थी। इस अवसर पर कुल 18 सेवानिवृत्त शिक्षकों तथा सदर अनुमंडल एवं जिला राजस्व शाखा से सेवा-निवृत्त हुए 2 कर्मियों को सम्मानित किया गया। खास बात यह रही कि सभी को उनके रिटायरमेंट के दिन ही पेंशन, ग्रेच्युटी, लीव एनकैशमेंट सहित सभी सेवानिवृत्ति लाभ प्रदान कर दिए गए।
शिक्षकों को शॉल, मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र से सम्मान
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने प्रत्येक सेवानिवृत्त शिक्षक को व्यक्तिगत रूप से शॉल ओढ़ाकर, स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा,
“शिक्षक समाज के स्तंभ हैं। उनके ज्ञान, अनुशासन और संस्कार से ही मजबूत समाज का निर्माण होता है। उनका सम्मान करना हमारा नैतिक दायित्व है।”
उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि कोई भी कर्मचारी रिटायरमेंट के बाद आर्थिक असुरक्षा या प्रक्रियात्मक देरी से परेशान न हो।
रिटायरमेंट के दिन ही सभी लाभ – एक अनूठी पहल
रांची जिला प्रशासन की यह पहल कर्मचारी-हितैषी और पारदर्शी प्रशासन का उदाहरण बन रही है। जनवरी 2025 से जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय द्वारा प्रत्येक माह पेंशन दरबार का आयोजन कर सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर सभी लाभ उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उपायुक्त ने कहा,
“जब कोई शिक्षक अपनी सेवा पूरी करता है, तो उसे सम्मानपूर्वक विदाई मिलनी चाहिए। यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है कि उसे अपने हक के लिए भटकना न पड़े।”
इस व्यवस्था के तहत पेंशन स्वीकृति, ग्रेच्युटी भुगतान, अवकाश नकदीकरण (लीव एनकैशमेंट) और अन्य देय लाभ उसी दिन वितरित किए जाते हैं, जिससे कर्मचारी नई जीवन-यात्रा की शुरुआत बिना किसी चिंता के कर सके।
भावुक क्षण: उपायुक्त स्वयं पहुंचे शिक्षक के पास
इस कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया जब उपायुक्त को जानकारी मिली कि सेवानिवृत्त शिक्षक शिवेश्वर महतो (सहायक शिक्षक, राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, डड़िया, बुढ़मू) पैर की समस्या से जूझ रहे हैं और मुख्य मंच तक पहुंचने में असमर्थ हैं।
मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए उपायुक्त स्वयं सभागार से मुख्य द्वार तक पहुंचे और उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से उन्हें सेवानिवृत्ति लाभ सौंपते हुए उनके दीर्घकालीन योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।
भावुक होकर श्री शिवेश्वर महतो ने कहा—
“उपायुक्त महोदय का खुद आना और हाथों से सम्मान करना मेरे जीवन का सबसे यादगार पल है।”
यह छोटा-सा लेकिन अत्यंत हृदयस्पर्शी कदम प्रशासन की जन-केंद्रित सोच और संवेदनशील कार्यशैली को दर्शाता है।
सम्मानित शिक्षकों की सूची
समारोह में जिन 18 शिक्षकों को सम्मानित किया गया, उनके नाम इस प्रकार हैं—
- श्री सेवक कुमार साधु – रा.उत्क्र.म.वि. लोयो, मांडर
- श्रीमती क्लौदिया विलुंग – रा.प्रा.वि. सोसई, मांडर
- श्रीमती उर्सुला कोनगाड़ी – रा.म.वि. न्यू टूपूदाना, रांची-2
- श्री कुमार कनिष्क – रा.म.वि. हिन्दपीढ़ी हिन्दी, रांची-2
- मो. नुमानुल्लाह – रा.प्रा.वि. मांगुबांध, नामकुम
- श्रीमती टोप्पो निर्मला – rा.म.वि. विजुलिया, रातू
- श्रीमती नीलमणी हेरेंज – रा.म.वि. महेशपुर
- श्रीमती ममता तिग्गा – रा.प्रा.वि. खरदेवरी, बेड़ो
- श्री सुभाष कुमार माँझी – रा.उत्क्र.म.वि. हरवागढ़, तमाड़
- श्री शिवेश्वर महतो – रा.उत्क्र.म.वि. डड़िया, बुढ़मू
- श्री राकेश रंजन – रा.म.वि. फतेहपुर, लापुंग
- श्रीमती सुषमा गोरेती धान – रा.म.वि. सरसा, लापुंग
- श्री राम विलाप नाग – रा.प्रा.वि. पतराचौली, नगड़ी
- श्रीमती आशा कुमारी – रा.म.वि. चकला, ओरमांझी
- श्री अक्षय कुमार स्वांसी – रा.उत्क्र.म.वि. असुरकोड़ा, सिल्ली
- श्री रामपद नायक – रा.प्रा.वि. जोबला, सिल्ली
- प्रहलाद लोहरा – रा.प्रा.वि. डुंगरूडीह, सिल्ली
- श्रीमती बिबियाना तोपनो – संत तेरेशा बालिका मध्य विद्यालय, मांडर
दो अन्य कर्मियों को भी मिला सम्मान
सदर अनुमंडल एवं जिला राजस्व शाखा से सेवा-निवृत्त हुए दो कर्मियों को भी सम्मानित किया गया—
- श्रीमती प्रमिला देवी – कार्यालय अधीक्षक, सदर अनुमंडल रांची
- मो. जुबेर आलम – उच्च वर्गीय लिपिक, जिला राजस्व शाखा रांची
शिक्षकों का योगदान: समाज की नींव
उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाते, बल्कि वे बच्चों को जीवन के मूल्य, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी भी सिखाते हैं। एक शिक्षक की भूमिका विद्यालय की चारदीवारी तक सीमित नहीं होती, बल्कि वह पूरे समाज को दिशा देता है।
उन्होंने सेवानिवृत्त शिक्षकों से अपील की कि वे सामाजिक गतिविधियों, मार्गदर्शन कार्यक्रमों और सामुदायिक विकास में अपनी भूमिका निभाते रहें।
अन्य विभागों के लिए आदर्श मॉडल
उपायुक्त श्री भजंत्री ने अन्य विभागाध्यक्षों से भी अपील की कि वे इस मॉडल को अपनाएं और अपने-अपने विभागों में भी सेवानिवृत्ति के दिन ही सभी लाभ प्रदान करने की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा,
“यह पहल केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह कर्मचारियों के प्रति सम्मान और संवेदना की अभिव्यक्ति है। हर विभाग को इसे अपनाना चाहिए।”
प्रशासन की पारदर्शी और जन-केंद्रित छवि मजबूत
रांची जिला प्रशासन की यह पहल कर्मचारियों—विशेषकर शिक्षकों—के सम्मान, कल्याण और पारदर्शी लाभ वितरण की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इससे कर्मचारियों के बीच विश्वास और संतुष्टि की भावना मजबूत हो रही है।
समारोह के सफल आयोजन के लिए जिला शिक्षा अधीक्षक श्री बादल राज एवं उनकी टीम तथा जिला स्थापना उप समाहर्ता श्री बिवेक कुमार सुमन को विशेष धन्यवाद दिया गया।
जन शिकायत हेतु आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर
रांची जिला प्रशासन ने नागरिकों की सुविधा के लिए “अबुआ साथी” नाम से जन शिकायत हेतु आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर 9430328080 जारी किया है, जहां आम नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।
निष्कर्ष
रिटायरमेंट किसी भी कर्मचारी के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। ऐसे समय में यदि प्रशासन स्वयं आगे बढ़कर सम्मान और सभी लाभ समय पर प्रदान करे, तो यह न केवल उस कर्मचारी के लिए गर्व का क्षण बनता है, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र की सकारात्मक छवि को भी सुदृढ़ करता है।
रांची जिला प्रशासन द्वारा आयोजित यह पेंशन दरबार सह सेवा-निवृत्ति सम्मान समारोह वास्तव में एक अनुकरणीय पहल है, जो संवेदनशील, पारदर्शी और उत्तरदायी प्रशासन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।




