उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आंतरिक वित्तीय संसाधनों को मजबूत करने पर अहम बैठक
Ranchi Revenue News : राँची जिले में विकास कार्यों को नई गति देने और प्रशासन को आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। जिले के आंतरिक वित्तीय संसाधनों को बढ़ाने को लेकर समाहरणालय स्थित उपायुक्त सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने की। बैठक में जिले की आमदनी बढ़ाने, राजस्व लक्ष्य हासिल करने और व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई।
इस बैठक में अपर समाहर्ता श्री रामनारायण सिंह, जिला परिवहन पदाधिकारी श्री अखिलेश कुमार, जिला खनन पदाधिकारी, जिला राजस्व पदाधिकारी सहित सभी संबंधित विभागों के वरीय अधिकारी और विशेषज्ञ मौजूद रहे। बैठक का उद्देश्य स्पष्ट था—जिले के अपने संसाधनों से अधिक राजस्व जुटाकर विकास योजनाओं को मजबूती देना।
जिले के राजस्व स्रोतों पर प्रशासन की सख्ती, हर विभाग से मांगी गई जवाबदेही
बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले के प्रमुख आंतरिक राजस्व स्रोतों की क्रमवार समीक्षा की। इसमें स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्री शुल्क, खनन रॉयल्टी, परिवहन कर, बाजार व मेला शुल्क, संपत्ति कर और जलकर जैसे स्रोत शामिल थे। उन्होंने अधिकारियों से साफ कहा कि अब केवल आंकड़ों की रिपोर्टिंग नहीं चलेगी, बल्कि जमीन पर ठोस नतीजे दिखने चाहिए।
उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि आंतरिक वित्तीय संसाधनों की मजबूती से जिले को विकास योजनाओं के लिए राज्य या केंद्र पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे योजनाओं का क्रियान्वयन तेज होगा और जनता को समय पर लाभ मिल सकेगा।
स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्री पर फोकस, डिजिटल प्रक्रिया को और मजबूत करने के निर्देश
स्टांप एवं रजिस्ट्री विभाग की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने डिजिटल रजिस्ट्री को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री प्रक्रिया में तकनीक के अधिक उपयोग से पारदर्शिता बढ़ेगी और अवैध लेनदेन पर अंकुश लगेगा।
उन्होंने निर्देश दिया कि रजिस्ट्री से जुड़े मामलों में निगरानी व्यवस्था सख्त की जाए, ताकि राजस्व की किसी भी प्रकार की हानि न हो। डिजिटल सिस्टम के माध्यम से डेटा विश्लेषण कर संभावित गड़बड़ियों को समय रहते पकड़ा जाए।
अवैध खनन पर सख्त रुख, रॉयल्टी बढ़ाने के लिए विशेष अभियान
खनन विभाग को लेकर बैठक में सख्त रुख देखने को मिला। उपायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अवैध खनन जिले के राजस्व और पर्यावरण—दोनों के लिए घातक है। उन्होंने अवैध खनन के खिलाफ विशेष अभियान चलाने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही वैध खनन से मिलने वाली रॉयल्टी को अधिकतम स्तर तक बढ़ाने पर जोर दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि खनिज संसाधन जिले की बड़ी संपत्ति हैं और इनका सही उपयोग जिले के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
परिवहन कर और ई-चालान प्रणाली में सुधार, लंबित मामलों के निपटारे पर जोर
परिवहन विभाग को वाहन कर संग्रहण में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने ई-चालान प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने, बकाया मामलों के त्वरित निष्पादन और कर चोरी पर सख्ती से कार्रवाई करने को कहा।
उन्होंने कहा कि परिवहन शुल्क जिले की आय का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
बाजार, मेला और स्थानीय शुल्क में पारदर्शिता, ऑनलाइन संग्रह की तैयारी
बैठक में बाजार समितियों, मेलों और पंचायत स्तर पर वसूले जाने वाले शुल्क पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि इन शुल्कों के संग्रह में पारदर्शिता लाई जाए और ऑनलाइन भुगतान प्रणाली लागू की जाए।
इससे न केवल राजस्व बढ़ेगा, बल्कि आम लोगों को भी भुगतान में सुविधा मिलेगी और भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होंगी।
संपत्ति कर और जलकर बढ़ाने के लिए सर्वे और जागरूकता अभियान
नगर निगम और ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति कर संग्रहण को बढ़ाने के लिए विशेष सर्वेक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि करदाताओं को जागरूक करना जरूरी है, ताकि वे समय पर कर जमा करें।
जलकर के मामलों में डिफॉल्टरों पर नियमानुसार जुर्माना लगाने और आवश्यक होने पर कनेक्शन काटने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
डिजिटल पेमेंट और रीयल-टाइम मॉनिटरिंग से नई पहल
बैठक में डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने, जीएसटी के साथ बेहतर समन्वय और एकीकृत राजस्व पोर्टल के माध्यम से रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए विशेष टीम गठित करने का निर्णय लिया गया। उपायुक्त ने कहा कि तकनीक के सही उपयोग से राजस्व व्यवस्था को अधिक मजबूत और भरोसेमंद बनाया जा सकता है।
विकास को मिलेगी रफ्तार, जनता को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को समयबद्ध एक्शन प्लान तैयार करने और मासिक समीक्षा बैठक में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने विश्वास जताया कि आंतरिक वित्तीय संसाधनों की मजबूती से राँची जिले में विकास कार्यों को नई रफ्तार मिलेगी और जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध होंगी।
जनता से सीधा संवाद बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन द्वारा ‘अबुआ साथी’ व्हाट्सएप सेवा (9430328080) भी संचालित की जा रही है, ताकि लोग अपनी शिकायतें और सुझाव सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकें।




