रांची। झारखंड की राजधानी रांची में शुक्रवार को आयोजित एक महिला सम्मेलन ने नगर निगम चुनाव के माहौल को और अधिक गर्मा दिया। हरमू के गंगानगर क्षेत्र में हुए इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया और मेयर प्रत्याशी रोशनी खलखो के समर्थन में एकजुटता दिखाई। सम्मेलन के दौरान महिलाओं ने न केवल रोशनी खलखो के पक्ष में नारे लगाए, बल्कि महिला सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों को लेकर अपनी आवाज भी बुलंद की।
यह सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हुआ है जब रांची नगर निगम चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो चुकी हैं। महिला मतदाताओं को साधने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने वर्तमान राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि मौजूदा व्यवस्था में महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं।
रोशनी खलखो को बताया संघर्षशील और जुझारू महिला नेता
सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा नेता आदित्य साहू ने कहा कि रोशनी खलखो एक ऐसी महिला नेता हैं, जिन्होंने जमीनी स्तर पर संघर्ष कर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि रांची को एक सशक्त, सुरक्षित और विकसित शहर बनाने के लिए मजबूत नेतृत्व की जरूरत है, और रोशनी खलखो इस भूमिका के लिए पूरी तरह सक्षम हैं।
आदित्य साहू ने कहा कि आज रांची की महिलाएं कई तरह की समस्याओं से जूझ रही हैं। सड़क, स्ट्रीट लाइट, साफ-सफाई से लेकर सुरक्षा तक के मुद्दों पर नगर निगम की भूमिका बेहद अहम है। ऐसे में एक संवेदनशील और जमीनी समझ रखने वाली महिला मेयर ही इन समस्याओं का समाधान कर सकती है।
महिला सुरक्षा को लेकर सरकार पर तीखा हमला
सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए। आदित्य साहू ने कहा कि बीते कुछ वर्षों में रांची समेत पूरे झारखंड में महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। छेड़छाड़, दुष्कर्म, लूट और चेन स्नैचिंग जैसी घटनाएं आम हो गई हैं, जिससे महिलाएं दिन हो या रात, खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सिर्फ दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। बच्चों के अपहरण और गुमशुदगी के मामलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कई बार परिजनों को न्याय के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा।
भाजपा की योजनाओं का किया गया उल्लेख
सम्मेलन में भाजपा द्वारा महिलाओं के लिए चलाई गई योजनाओं और नीतियों का भी विस्तार से उल्लेख किया गया। वक्ताओं ने कहा कि भाजपा सरकार ने महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।
उन्होंने महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण, संपत्ति पंजीकरण में रियायत, स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जुड़ी योजनाओं का जिक्र किया। वक्ताओं का कहना था कि भाजपा की नीतियों का सीधा लाभ महिलाओं को मिला है और इसी कारण महिलाएं भाजपा प्रत्याशी रोशनी खलखो के साथ मजबूती से खड़ी हैं।
भारी संख्या में जुटीं महिलाएं, दिखा उत्साह
महिला सम्मेलन में हरमू, गंगानगर, अरगोड़ा, कोकर और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचीं। कार्यक्रम स्थल पर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। हाथों में बैनर-पोस्टर लिए महिलाओं ने रोशनी खलखो के समर्थन में जमकर नारे लगाए।
इस दौरान महिलाओं ने अपनी समस्याएं भी साझा कीं। कई महिलाओं ने कहा कि उनके इलाके में साफ-सफाई, पेयजल, सड़क और स्ट्रीट लाइट की स्थिति खराब है। उनका मानना है कि अगर एक महिला मेयर चुनी जाती है तो इन मुद्दों को प्राथमिकता मिलेगी।
जिला नेतृत्व ने की जीत की अपील
कार्यक्रम में भाजपा के जिला अध्यक्ष वरुण साहू भी मौजूद रहे। उन्होंने अपने संबोधन में महिलाओं से अपील की कि वे बड़ी संख्या में मतदान करें और रोशनी खलखो को भारी मतों से विजयी बनाएं। उन्होंने कहा कि यह चुनाव सिर्फ एक पद का नहीं, बल्कि रांची के भविष्य और महिलाओं की सुरक्षा का चुनाव है।
वरुण साहू ने कहा कि अगर महिलाएं एकजुट होकर मतदान करती हैं, तो कोई भी ताकत उन्हें आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार रांची की महिलाएं बदलाव के लिए वोट करेंगी।
नगर निगम चुनाव में महिला वोटरों की भूमिका अहम
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रांची नगर निगम चुनाव में महिला मतदाताओं की भूमिका निर्णायक हो सकती है। शहर की बड़ी आबादी महिला वोटरों की है और ऐसे में महिला मुद्दों को केंद्र में रखकर किया गया यह सम्मेलन चुनावी दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है।
रोशनी खलखो को महिला सम्मेलन के जरिए न सिर्फ महिला वोटरों से सीधा संवाद करने का मौका मिला, बल्कि उन्हें एक मजबूत महिला नेतृत्व के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश भी की गई।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, रांची में आयोजित यह महिला सम्मेलन नगर निगम चुनाव के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम साबित हुआ। महिला सुरक्षा, सशक्तिकरण और शहर के विकास जैसे मुद्दों को केंद्र में रखकर रोशनी खलखो के समर्थन में बनाई गई यह रणनीति आने वाले दिनों में चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।
अब देखना यह होगा कि यह महिला सम्मेलन और महिलाओं की यह हुंकार मतदान के दिन किस रूप में सामने आती है और रांची की सत्ता की तस्वीर कितनी बदलती है।
Disclaimer
यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों, उपलब्ध जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। इसमें व्यक्त किए गए विचार वक्ताओं के व्यक्तिगत या राजनीतिक विचार हो सकते हैं, जिनकी जिम्मेदारी प्रकाशन संस्था की नहीं है।


