गणतंत्र दिवस 2026 के ऐतिहासिक अवसर पर झारखण्ड पुलिस के लिए यह अत्यंत गौरव और सम्मान का क्षण है। राज्य में उग्रवादी संगठनों, संगठित आपराधिक गिरोहों और अन्य गंभीर अपराधों के विरुद्ध निरंतर, प्रभावी और परिणामोन्मुख कार्रवाई करने वाले झारखण्ड पुलिस के 12 पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को भारत सरकार के केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा पुलिस पदक से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है। यह सम्मान उनके अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और असाधारण सेवा का प्रतीक है।
उग्रवाद और संगठित अपराध के खिलाफ निर्णायक भूमिका
झारखण्ड राज्य लंबे समय से उग्रवाद, नक्सल गतिविधियों और संगठित अपराध की चुनौती से जूझता रहा है। दुर्गम पहाड़ी इलाकों, घने जंगलों और सीमावर्ती संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात होकर झारखण्ड पुलिस ने जिस तरह निरंतर अभियान चलाए, वह पूरे देश के लिए एक उदाहरण है। झारखण्ड जगुआर जैसी विशेष इकाइयों और झारखण्ड सशस्त्र पुलिस (JAP) की बहादुरी, आधुनिक रणनीति और सटीक खुफिया सूचनाओं के आधार पर अनेक बड़े ऑपरेशन सफलतापूर्वक अंजाम दिए गए। इन अभियानों से न केवल उग्रवादी नेटवर्क कमजोर पड़े, बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा भी मजबूत हुआ।
पुलिस पदक: केवल सम्मान नहीं, जिम्मेदारी भी
पुलिस पदक किसी एक दिन की उपलब्धि नहीं, बल्कि वर्षों की निष्ठावान सेवा, जोखिम उठाने की क्षमता और जनहित में किए गए सतत प्रयासों की मान्यता है। यह सम्मान उन पुलिसकर्मियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है जो हर परिस्थिति में कानून की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं। सम्मानित किए गए सभी 12 अधिकारी और कर्मी अपने-अपने दायित्व क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जाने जाते हैं।
विशिष्ट सेवा के लिए पुलिस पदक
1. श्री सुधीर कुमार, पुलिस उपाधीक्षक, झारखण्ड जगुआर, रांची

श्री सुधीर कुमार को विशिष्ट सेवा के लिए पुलिस पदक प्रदान किया गया है। उग्रवाद प्रभावित इलाकों में उनकी रणनीतिक सोच, साहसिक नेतृत्व और सटीक निर्णय क्षमता ने कई जटिल अभियानों को सफलता दिलाई। जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में टीम का नेतृत्व करते हुए उन्होंने न केवल मिशन को सफल बनाया, बल्कि अपने अधीनस्थों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की।
उत्कृष्ट सेवा के लिए पुलिस पदक
1. श्री अनुप बिरथरे, पुलिस महानिरीक्षक, झारखण्ड जगुआर, रांची

2. श्री पटेल मयूर कनैयालाल, पुलिस महानिरीक्षक (प्रोविजन), पुलिस मुख्यालय, झारखण्ड, रांची

3. श्री संजय कुमार, पुलिस उपाधीक्षक (JAP-01), रांची

4. हवलदार/927 श्री कृष्णा कुमार क्षेत्री (JAP-01), रांची

5. हवलदार/215 श्री अरुण कुमार ओझा (झारखण्ड जगुआर)

6. हवलदार/233 श्री मारकुस सुनवार (झारखण्ड जगुआर)

7. आरक्षी/1674 श्री जयदेव प्रधान (JAP-01), रांची

8. महिला आरक्षी/329 श्रीमती जेनेट मार्गरेट लकड़ा (JAP-10), होटवार, रांची

9. महिला आरक्षी/429 श्रीमती कुमुदिनी कुजूर (JAP-10), होटवार, रांची

10. आरक्षी/1622 श्री सुफल ओड़ेया (झारखण्ड जगुआर)

11. आरक्षी/2773 श्री गो. वसीम अख्तर (झारखण्ड जगुआर)

इन सभी कर्मियों ने अपनी-अपनी भूमिका में असाधारण योगदान दिया है। चाहे वह नक्सल विरोधी अभियान हों, संवेदनशील इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना हो, या फिर विशेष ऑपरेशन के दौरान लॉजिस्टिक और जमीनी सहयोग—हर स्तर पर इनके कार्यों की सराहना की जाती रही है।
महिला पुलिसकर्मियों की सशक्त भागीदारी
इस सम्मान सूची में महिला पुलिसकर्मियों का शामिल होना झारखण्ड पुलिस की प्रगतिशील सोच और सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत संदेश देता है। कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी महिला आरक्षियों ने जिस निडरता और संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया, वह प्रशंसनीय है। इससे न केवल पुलिस बल में लैंगिक समानता को बल मिला है, बल्कि समाज में भी सकारात्मक संदेश गया है।
आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण का प्रभाव
झारखण्ड पुलिस ने बीते वर्षों में आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण और खुफिया तंत्र को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया है। ड्रोन, आधुनिक हथियार, संचार प्रणाली और डेटा विश्लेषण जैसी सुविधाओं ने अभियानों को अधिक प्रभावी बनाया है। सम्मानित अधिकारी और कर्मी इन संसाधनों का कुशल उपयोग करते हुए ऑपरेशनल सफलता सुनिश्चित करने में अग्रणी रहे हैं।
जनता का भरोसा और पुलिस की छवि
इन सम्मानों से झारखण्ड पुलिस की छवि एक पेशेवर, अनुशासित और जनहितैषी बल के रूप में और मजबूत हुई है। जब पुलिसकर्मियों की मेहनत और बलिदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है, तो आम नागरिकों का भरोसा भी गहराता है। यह भरोसा कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाता है।
भविष्य के लिए प्रेरणा
गणतंत्र दिवस 2026 पर मिला यह सम्मान झारखण्ड पुलिस के लिए केवल उपलब्धि नहीं, बल्कि भविष्य की जिम्मेदारी भी है। उग्रवाद और अपराध के खिलाफ लड़ाई को और तेज करने, युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण देने और तकनीकी रूप से सशक्त बनने की दिशा में यह एक नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
समापन
कुल मिलाकर, झारखण्ड पुलिस के 12 पदाधिकारियों और कर्मियों को मिला पुलिस पदक सम्मान राज्य के लिए गर्व का विषय है। यह सम्मान उन अनगिनत प्रयासों, जोखिमों और बलिदानों का प्रतीक है जो पुलिसकर्मी हर दिन समाज की सुरक्षा के लिए करते हैं। गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर यह उपलब्धि न केवल झारखण्ड पुलिस, बल्कि पूरे राज्य के लिए सम्मान और प्रेरणा का स्रोत है।
— मीडिया सेल, पुलिस मुख्यालय, झारखण्ड, रांची




