झारखंड में पिछले कई दिनों से बंद पड़ी जमीन और फ्लैट रजिस्ट्री की प्रक्रिया एक बार फिर शुरू हो गई है। झारभूमि पोर्टल में आई तकनीकी खराबी को ठीक किए जाने के बाद राज्य के सभी निबंधन कार्यालयों में काम सामान्य रूप से शुरू कर दिया गया है। इस खबर से लाखों लोगों को राहत मिली है, जो पिछले कुछ दिनों से जमीन खरीद-बिक्री, दाखिल-खारिज और रजिस्ट्री जैसे जरूरी कामों के लिए परेशान थे।
राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग ने बुधवार को जानकारी देते हुए कहा कि झारभूमि पोर्टल से जुड़ी सभी प्रमुख सेवाएं अब फिर से सक्रिय हो चुकी हैं। विभाग के अनुसार मंगलवार रात तक तकनीकी टीम ने सर्वर और पोर्टल में आई समस्याओं को ठीक कर लिया, जिसके बाद बुधवार सुबह से ऑनलाइन सेवाएं धीरे-धीरे सामान्य हो गईं।
एक मई से पूरी तरह ठप थी रजिस्ट्री सेवा
राज्य में एक मई से जमीन और फ्लैट रजिस्ट्री का काम पूरी तरह बंद था। झारभूमि पोर्टल के सर्वर में तकनीकी खराबी आने के कारण रजिस्ट्री कार्यालयों का पूरा सिस्टम प्रभावित हो गया था। इसके चलते लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोगों की पहले से तय रजिस्ट्री की तारीखें आगे बढ़ गईं, जबकि बैंक लोन और प्रॉपर्टी डील से जुड़े मामलों में भी देरी हुई।
जानकारी के अनुसार झारभूमि पोर्टल से जुड़े झार म्यूटेशन, झार वसुधा, झार भू-लगान और भूमि रिकॉर्ड से संबंधित कई सेवाएं बंद हो गई थीं। इसका सीधा असर जमीन खरीद-बिक्री और दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पर पड़ा। रांची, धनबाद, बोकारो, जमशेदपुर समेत राज्य के लगभग सभी जिलों में लोग परेशान दिखाई दिए।
लोगों को उठानी पड़ी आर्थिक परेशानी
तकनीकी खराबी के कारण केवल सरकारी काम ही प्रभावित नहीं हुए, बल्कि आम लोगों को आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ा। कई लोग दूसरे जिलों से रजिस्ट्री कराने पहुंचे थे, लेकिन पोर्टल बंद होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा। इससे होटल, यात्रा और अन्य खर्चों में भी बढ़ोतरी हुई।
कई मामलों में खरीदार और विक्रेता के बीच हुए समझौते भी प्रभावित हुए। बैंक लोन की प्रक्रिया अटक गई और कुछ मामलों में भुगतान भी अटक गया। रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े लोगों ने बताया कि लगातार कई दिनों तक रजिस्ट्री बंद रहने से प्रॉपर्टी बाजार पर भी असर पड़ा।
तकनीकी टीम ने पूरी रात किया काम
राजस्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार पोर्टल की समस्या को दूर करने के लिए विशेषज्ञों और तकनीकी टीम ने लगातार काम किया। सर्वर अपग्रेड, डेटा सिंक्रोनाइजेशन और नेटवर्क संबंधी दिक्कतों को ठीक करने के बाद सेवाओं को फिर से बहाल किया गया। विभाग का दावा है कि अब पोर्टल पहले से ज्यादा सुरक्षित और तेज काम करेगा।
सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार आने वाले दिनों में झारभूमि पोर्टल को और अधिक मजबूत बनाने की तैयारी कर रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की तकनीकी समस्याओं से बचा जा सके। इसके लिए सर्वर क्षमता बढ़ाने और डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने पर भी काम किया जा रहा है।
क्या है झारभूमि पोर्टल?
झारभूमि पोर्टल झारखंड सरकार का डिजिटल भूमि रिकॉर्ड प्लेटफॉर्म है। इस पोर्टल के माध्यम से राज्य के नागरिक ऑनलाइन जमीन से जुड़ी कई सेवाओं का लाभ उठाते हैं। इसमें खाता, खतियान, रजिस्टर-II, भू-लगान, दाखिल-खारिज, भूमि नक्शा और रजिस्ट्री जैसी सेवाएं शामिल हैं।
सरकार ने भूमि रिकॉर्ड को पारदर्शी और डिजिटल बनाने के उद्देश्य से इस पोर्टल को शुरू किया था। इससे लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर कम लगाने पड़ते हैं और अधिकांश काम ऑनलाइन हो जाते हैं। पिछले कुछ वर्षों में झारभूमि पोर्टल झारखंड के नागरिकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण डिजिटल सेवा बन चुका है।
रजिस्ट्री शुरू होने से बाजार में लौटेगी रफ्तार
विशेषज्ञों का मानना है कि रजिस्ट्री सेवा बहाल होने से अब राज्य के प्रॉपर्टी बाजार में फिर से तेजी आएगी। पिछले कुछ दिनों से जमीन और फ्लैट की खरीद-बिक्री लगभग ठप हो गई थी। अब सेवाएं शुरू होने के बाद लंबित मामलों का निपटारा तेजी से होने की उम्मीद है।
रियल एस्टेट कारोबारियों का कहना है कि शादी-विवाह और निवेश के सीजन में बड़ी संख्या में लोग जमीन खरीदते हैं। ऐसे समय में रजिस्ट्री बंद रहने से कारोबार प्रभावित हुआ था। अब पोर्टल शुरू होने से लोगों का भरोसा फिर बढ़ेगा।
सरकार ने लोगों से की अपील
राजस्व विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत पोर्टल का ही उपयोग करें। विभाग ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को पोर्टल इस्तेमाल करने में समस्या आती है, तो वह संबंधित निबंधन कार्यालय या हेल्पलाइन से संपर्क कर सकता है।
इसके अलावा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि पोर्टल अब सामान्य रूप से काम कर रहा है और सभी जिला निबंधन कार्यालयों को नियमित रूप से कार्य करने का निर्देश दे दिया गया है।
डिजिटल सिस्टम पर बढ़ती निर्भरता
झारखंड में भूमि रिकॉर्ड और रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होने के कारण तकनीकी समस्याओं का असर सीधे आम लोगों पर पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल सेवाओं के विस्तार के साथ मजबूत सर्वर और बैकअप सिस्टम की आवश्यकता भी बढ़ गई है।
हालांकि डिजिटल सिस्टम ने पारदर्शिता बढ़ाई है, लेकिन सर्वर डाउन होने जैसी घटनाएं प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं। ऐसे में सरकार के लिए यह जरूरी है कि तकनीकी ढांचे को लगातार अपडेट किया जाए।
भविष्य में मिल सकती हैं नई सुविधाएं
सूत्रों के मुताबिक सरकार आने वाले समय में झारभूमि पोर्टल में कई नई सुविधाएं जोड़ सकती है। इसमें मोबाइल आधारित सेवाएं, तेज ऑनलाइन वेरिफिकेशन सिस्टम और डिजिटल दस्तावेज सत्यापन जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं। इससे लोगों को जमीन संबंधी कामों में और अधिक आसानी मिलेगी।
राज्य सरकार भूमि रिकॉर्ड को पूरी तरह पेपरलेस बनाने की दिशा में भी काम कर रही है। इससे भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि डिजिटल सिस्टम मजबूत रहा तो झारखंड भूमि प्रबंधन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है।
निष्कर्ष
झारभूमि पोर्टल की तकनीकी खराबी ठीक होने के बाद जमीन और फ्लैट रजिस्ट्री सेवा का फिर से शुरू होना झारखंड के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। पिछले कई दिनों से बंद पड़ी सेवाओं के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब पोर्टल के सामान्य होने से जमीन खरीद-बिक्री, दाखिल-खारिज और अन्य भूमि संबंधी कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
राज्य सरकार और तकनीकी टीम की कोशिशों से फिलहाल समस्या दूर हो गई है, लेकिन भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने इसके लिए मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होगी।





