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रांची में शादी के तीन महीने बाद टूटा रिश्ता, दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए विवाहिता ने पति समेत चार लोगों के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत | Jharkhand News | Bhaiyajii News |

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रांची दहेज प्रताड़ना मामला : झारखंड की राजधानी रांची में दहेज प्रताड़ना का एक गंभीर मामला सामने आया है। शादी के महज तीन महीने बाद एक विवाहिता ने अपने पति समेत ससुराल पक्ष के चार लोगों पर दहेज की मांग, मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत पर जगन्नाथपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

यह घटना रांची जिले के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र की है, जहां विवाहिता ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ही उसे अतिरिक्त दहेज लाने के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। जब उसने परिवार की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए दहेज देने में असमर्थता जताई तो उसके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार शुरू कर दिया गया।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, पीड़िता निकू कुमारी की शादी 14 मार्च 2026 को बिरसा चौक निवासी सुनील सिंह के साथ हिंदू रीति-रिवाज से संपन्न हुई थी। विवाह के दौरान लड़की पक्ष ने अपनी क्षमता के अनुसार लाखों रुपये खर्च किए थे। साथ ही सोने-चांदी के आभूषण, नकद राशि और घरेलू उपयोग के कई सामान भी दिए गए थे।

विवाहिता का आरोप है कि शादी के कुछ दिनों बाद ही ससुराल पक्ष ने अतिरिक्त नकद राशि की मांग शुरू कर दी। परिवार के लोग बार-बार उससे मायके से पैसे लाने का दबाव बनाने लगे। जब उसने इस मांग का विरोध किया तो उसके साथ दुर्व्यवहार शुरू कर दिया गया।

पति पर शराब पीकर मारपीट करने का आरोप

पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा है कि उसका पति अक्सर शराब के नशे में घर लौटता था और छोटी-छोटी बातों पर विवाद कर उसके साथ मारपीट करता था। कई बार उसे गाली-गलौज और अपमानजनक व्यवहार का भी सामना करना पड़ा।

महिला का आरोप है कि वह रिश्ते को बचाने के लिए लगातार समझौता करती रही, लेकिन प्रताड़ना का सिलसिला बंद नहीं हुआ। समय के साथ स्थिति और गंभीर होती चली गई।

सास, गोतनी और भैंसुर भी आरोपी

मामले में पति के अलावा सास कांति देवी, गोतनी रीमा सिंह और भैंसुर नीरज सिंह को भी आरोपी बनाया गया है। शिकायत में कहा गया है कि सभी लोग मिलकर विवाहिता पर अतिरिक्त दहेज लाने का दबाव बनाते थे।

महिला ने आरोप लगाया है कि उससे 50 हजार रुपये लाने की मांग की गई थी। मांग पूरी नहीं होने पर उसे मानसिक रूप से परेशान किया गया। कई बार उसे अपमानित किया गया और घर में उसका रहना मुश्किल बना दिया गया।

मायके पहुंचकर भी किया हंगामा

पीड़िता के अनुसार, जब वह अपने मायके में रहने लगी तो भी उसे परेशान किया जाता रहा। शिकायत में कहा गया है कि 20 जून को उसका पति मायके पहुंचा और वहां हंगामा किया। आरोप है कि उसने गाली-गलौज की, मारपीट की कोशिश की और पूरे परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।

इस घटना के बाद पीड़िता और उसके परिजनों ने पुलिस की शरण लेने का निर्णय लिया और जगन्नाथपुर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस जांच में जुटी

जगन्नाथपुर थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है। सभी पक्षों से पूछताछ के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित धाराओं के तहत आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की विवेचना जारी है।

झारखंड में बढ़ रहे दहेज प्रताड़ना के मामले

झारखंड में पिछले कुछ वर्षों के दौरान दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा से जुड़े मामलों में वृद्धि देखने को मिली है। रांची, धनबाद, जमशेदपुर, बोकारो और अन्य जिलों से समय-समय पर ऐसे मामले सामने आते रहे हैं।

महिला अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि समाज में जागरूकता बढ़ने के कारण अब पीड़ित महिलाएं सामने आकर शिकायत दर्ज करा रही हैं। हालांकि दहेज जैसी सामाजिक कुरीति को पूरी तरह समाप्त करने के लिए व्यापक सामाजिक बदलाव की आवश्यकता है।

दहेज प्रताड़ना के मामलों में क्या कहता है कानून?

भारत में दहेज लेना और देना दोनों ही कानूनन अपराध हैं। दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 के तहत दहेज मांगना दंडनीय अपराध माना गया है। इसके अलावा विवाहिता के साथ शारीरिक या मानसिक क्रूरता करने पर भी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

कानून का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करना और विवाह के बाद होने वाली आर्थिक एवं मानसिक प्रताड़ना को रोकना है। विशेषज्ञों का मानना है कि कानूनी जागरूकता और त्वरित न्याय व्यवस्था से ऐसे मामलों में कमी लाई जा सकती है।

निष्कर्ष

रांची में सामने आया यह मामला दहेज प्रथा के खिलाफ चल रही लड़ाई की गंभीरता को दर्शाता है। शादी के केवल तीन महीने बाद विवाहिता का पुलिस तक पहुंचना इस बात का संकेत है कि कथित तौर पर उसे गंभीर प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। अब पूरे मामले में पुलिस जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल इस घटना ने एक बार फिर दहेज प्रथा और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर समाज में चर्चा छेड़ दी है।

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