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मन्नान मल्लिक को विधानसभा में अंतिम विदाई, हेमंत सोरेन ने कहा- हमेशा महसूस होगी कमी | Jharkhand News | Bhaiyajii News |

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मन्नान मल्लिक अंतिम विदाई : झारखंड के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक के निधन के बाद मंगलवार को रांची स्थित झारखंड विधानसभा परिसर में उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी गई। विधानसभा परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत राज्य के कई बड़े नेताओं, मंत्रियों, विधायकों और जनप्रतिनिधियों ने पहुंचकर मन्नान मल्लिक को अंतिम सम्मान दिया। नेताओं ने उनके राजनीतिक योगदान, जनसेवा और सरल व्यक्तित्व को याद करते हुए कहा कि झारखंड की राजनीति में उनकी कमी हमेशा महसूस होगी।

मन्नान मल्लिक के निधन से धनबाद सहित पूरे झारखंड में शोक का माहौल है। लंबे समय तक राजनीति में सक्रिय रहने वाले मन्नान मल्लिक ने कांग्रेस संगठन और राज्य की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई थी। उनके निधन को राजनीतिक क्षेत्र के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।

विधानसभा परिसर में दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि

रांची विधानसभा परिसर में मन्नान मल्लिक के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मन्नान मल्लिक एक अनुभवी राजनेता थे, जिन्होंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में जनता के हितों को प्राथमिकता दी।

उन्होंने कहा कि मन्नान मल्लिक का व्यक्तित्व बेहद सरल और प्रभावशाली था। उनका जनता से सीधा जुड़ाव था और वे हमेशा लोगों की समस्याओं को उठाने के लिए सक्रिय रहते थे। मुख्यमंत्री ने उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य ने एक अनुभवी नेता को खो दिया है।

झारखंड की राजनीति में मन्नान मल्लिक का योगदान

मन्नान मल्लिक झारखंड के उन नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने राज्य गठन के बाद की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। धनबाद क्षेत्र से उनका राजनीतिक जुड़ाव काफी मजबूत रहा। वे विधायक और मंत्री के रूप में जनता का प्रतिनिधित्व कर चुके थे।

उनकी पहचान एक ऐसे नेता के रूप में थी, जो संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच हमेशा सक्रिय रहते थे। कांग्रेस पार्टी में उन्होंने लंबे समय तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं और पार्टी को मजबूत करने में योगदान दिया।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, मन्नान मल्लिक का अनुभव और प्रशासनिक समझ उन्हें अलग पहचान दिलाती थी। वे सदन के अंदर और बाहर जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने के लिए जाने जाते थे।

नेताओं ने याद किया मन्नान मल्लिक का सरल स्वभाव

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल नेताओं ने मन्नान मल्लिक के व्यवहार और राजनीतिक शैली को याद किया। कई नेताओं ने कहा कि वे सभी दलों के नेताओं के साथ बेहतर संबंध रखते थे और राजनीति में व्यक्तिगत रिश्तों को महत्व देते थे।

उनका मानना था कि लोकतंत्र में संवाद और सहयोग जरूरी है। यही वजह थी कि विरोधी दलों के नेता भी उनका सम्मान करते थे।

मन्नान मल्लिक अपने क्षेत्र के लोगों के बीच काफी लोकप्रिय थे। वे आम लोगों से सीधे मिलते थे और उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास करते थे।

कांग्रेस पार्टी को बड़ी क्षति

मन्नान मल्लिक के निधन से झारखंड कांग्रेस को भी बड़ा झटका लगा है। पार्टी नेताओं ने उन्हें संगठन का मजबूत स्तंभ बताया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनके मार्गदर्शन और अनुभव की कमी हमेशा महसूस होगी।

कांग्रेस नेताओं के अनुसार, मन्नान मल्लिक ने पार्टी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी। वे कार्यकर्ताओं को हमेशा जनता के बीच रहकर काम करने की सलाह देते थे।

धनबाद और झारखंड में शोक की लहर

मन्नान मल्लिक का धनबाद से गहरा संबंध रहा है। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद धनबाद में बड़ी संख्या में लोगों ने शोक व्यक्त किया। सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने भी उनके निधन पर दुख जताया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मन्नान मल्लिक ने क्षेत्र के विकास और जनहित के मुद्दों को हमेशा प्राथमिकता दी। उनकी राजनीतिक यात्रा और जनता से जुड़ाव उन्हें लंबे समय तक यादगार बनाए रखेगा।

अनुभवी नेतृत्व की कमी महसूस होगी

झारखंड की राजनीति में अनुभवी नेताओं की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है। मन्नान मल्लिक जैसे नेता अपने अनुभव और राजनीतिक समझ के कारण अलग पहचान रखते थे।

उनके निधन के बाद राज्य की राजनीति में एक अनुभवी आवाज की कमी महसूस होगी। नेताओं ने कहा कि उनके विचार और कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे।

निष्कर्ष

मन्नान मल्लिक को झारखंड विधानसभा में दी गई अंतिम विदाई ने यह साबित किया कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में लोगों के बीच एक मजबूत विश्वास बनाया था। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत तमाम नेताओं ने उन्हें याद करते हुए कहा कि उनका योगदान हमेशा स्मरणीय रहेगा।

झारखंड की राजनीति में मन्नान मल्लिक का नाम एक अनुभवी, सरल और जनसेवा से जुड़े नेता के रूप में दर्ज रहेगा। उनकी कमी न केवल कांग्रेस पार्टी बल्कि पूरे राजनीतिक क्षेत्र को लंबे समय तक महसूस होगी।

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