RIMS गवर्निंग बॉडी बैठक : झारखंड के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थान राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS), रांची में 21 जुलाई को 65वीं गवर्निंग बॉडी की बैठक आयोजित होने जा रही है। इस बैठक को स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा जगत के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में कैंसर उपचार सेवाओं को और मजबूत बनाने के साथ-साथ अस्पताल के बुनियादी ढांचे, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद, नई स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, मानव संसाधन और प्रशासनिक मामलों से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा।
राज्य के लाखों मरीजों के लिए RIMS अंतिम रेफरल अस्पताल है। ऐसे में गवर्निंग बॉडी की बैठक में लिए जाने वाले फैसलों का सीधा असर मरीजों की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस बैठक के बाद अस्पताल में कई नई योजनाओं को गति मिल सकती है।
कैंसर उपचार सेवाओं को मजबूत बनाने पर रहेगा विशेष फोकस
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा कैंसर उपचार सुविधाओं का विस्तार बताया जा रहा है। झारखंड में हर साल बड़ी संख्या में कैंसर के नए मरीज सामने आते हैं। बेहतर इलाज की सुविधा नहीं मिलने के कारण कई मरीजों को दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और अन्य राज्यों के बड़े अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
ऐसे में RIMS में कैंसर विभाग को और अधिक आधुनिक बनाने, अत्याधुनिक मशीनों की व्यवस्था करने, विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने तथा मरीजों को एक ही परिसर में बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। यदि इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है तो राज्य के मरीजों को बाहर जाने की आवश्यकता काफी हद तक कम हो सकती है।
आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद पर भी चर्चा
बैठक में अस्पताल के विभिन्न विभागों के लिए नई और आधुनिक मेडिकल मशीनें खरीदने के प्रस्ताव पर भी विचार होने की संभावना है। समय के साथ बदलती चिकित्सा तकनीकों को देखते हुए RIMS लगातार अपनी सुविधाओं को उन्नत बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
एमआरआई, सीटी स्कैन, कैंसर जांच उपकरण, ऑपरेशन थिएटर से जुड़े आधुनिक संसाधन तथा अन्य जीवन रक्षक मशीनों की उपलब्धता बढ़ाने पर भी चर्चा हो सकती है। इससे मरीजों को बेहतर और तेज चिकित्सा सुविधा मिलने की उम्मीद है।
मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की तैयारी
गवर्निंग बॉडी की बैठक में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की भी समीक्षा की जाएगी। अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में ओपीडी व्यवस्था, बेड क्षमता, दवा उपलब्धता, जांच सुविधाएं, इमरजेंसी सेवाएं और मरीजों की सुविधा से जुड़े कई बिंदुओं पर चर्चा होने की संभावना है।
इसके अलावा अस्पताल में साफ-सफाई, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और मरीजों के लिए बेहतर प्रबंधन व्यवस्था पर भी विचार किया जा सकता है।
डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों से जुड़े प्रस्ताव
RIMS में कई विभागों में विशेषज्ञ डॉक्टरों और तकनीकी कर्मचारियों की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है। बैठक में रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया, नए पदों के सृजन और विभिन्न विभागों की कार्यक्षमता बढ़ाने को लेकर भी निर्णय लिए जा सकते हैं।
यदि पर्याप्त संख्या में विशेषज्ञ चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति होती है तो मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और अस्पताल की सेवाएं और अधिक प्रभावी बनेंगी।
मेडिकल शिक्षा और रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा
RIMS केवल अस्पताल ही नहीं बल्कि झारखंड का प्रमुख मेडिकल शिक्षण संस्थान भी है। बैठक में मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, अनुसंधान गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और सुपर स्पेशियलिटी विभागों को मजबूत करने जैसे विषयों पर भी चर्चा की संभावना है।
नई तकनीकों के उपयोग, शोध परियोजनाओं और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर और बेहतर हो सकता है।
झारखंड के मरीजों को होगा सीधा लाभ
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बैठक में प्रस्तावित योजनाओं को मंजूरी मिलती है तो इसका सबसे बड़ा लाभ झारखंड के मरीजों को मिलेगा। वर्तमान में कई गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है, जिससे आर्थिक और मानसिक दोनों तरह का दबाव बढ़ता है।
RIMS में बेहतर सुविधाएं विकसित होने से मरीजों को अपने राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध हो सकेगा। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी।
स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम
झारखंड सरकार लगातार सरकारी अस्पतालों को आधुनिक बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। RIMS इस अभियान का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र है। गवर्निंग बॉडी की बैठक में लिए जाने वाले निर्णय आने वाले वर्षों में राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की दिशा तय कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए राज्य स्तर पर मजबूत स्वास्थ्य ढांचा विकसित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि RIMS में अत्याधुनिक कैंसर सेंटर और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का विस्तार होता है तो यह पूरे पूर्वी भारत के लिए भी महत्वपूर्ण चिकित्सा केंद्र बन सकता है।
निष्कर्ष
21 जुलाई को होने वाली RIMS की 65वीं गवर्निंग बॉडी बैठक केवल एक प्रशासनिक बैठक नहीं बल्कि झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। कैंसर उपचार सेवाओं के विस्तार, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद, डॉक्टरों की नियुक्ति, मरीजों की सुविधाओं में सुधार और अस्पताल के समग्र विकास जैसे मुद्दों पर लिए जाने वाले फैसलों का सीधा लाभ राज्य के लाखों लोगों को मिलेगा। अब सभी की नजर इस बैठक में लिए जाने वाले महत्वपूर्ण निर्णयों पर टिकी है।







