सर्वेश्वरी वृक्षारोपण अभियान : पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने और हरित भविष्य की दिशा में सार्थक पहल करते हुए श्री सर्वेश्वरी समूह, रांची शाखा ने सर्वेश्वरी वृक्षारोपण अभियान 2026 की शुरुआत की। अभियान के पहले चरण में रांची जिले के बाजपुर पंचायत अंतर्गत हिसरी गांव में 250 पौधों का रोपण एवं वितरण किया गया। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाना, लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए समाज को प्रेरित करना है।
कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारियों, स्थानीय ग्रामीणों और स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने पौधारोपण के साथ-साथ पौधों की नियमित देखभाल का भी संकल्प लिया।
50 पौधों के रोपण के साथ अभियान की हुई शुरुआत
सर्वेश्वरी वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत हिसरी गांव में अनिल कश्यप के परिसर से हुई, जहां लगभग 50 पौधे लगाए गए। इसके बाद ग्रामीणों के बीच करीब 200 पौधों का वितरण किया गया, ताकि लोग अपने घरों, खेतों और सार्वजनिक स्थानों पर पौधारोपण कर सकें।
कार्यक्रम के दौरान महोगनी, शीशम, सागवान, गम्हार, जामुन, अमरूद और कटहल जैसी विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए और वितरित किए गए। इन पौधों का चयन पर्यावरणीय संतुलन के साथ-साथ ग्रामीणों को भविष्य में आर्थिक और सामाजिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर लोगों को किया गया जागरूक
वृक्षारोपण कार्यक्रम के बाद आयोजित जागरूकता सभा में वक्ताओं ने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और लगातार घटते वन क्षेत्र जैसी गंभीर समस्याओं का सामना कर रही है। ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी देखभाल भी करे।
ग्रामीणों को बताया गया कि केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे पेड़ बनने तक सुरक्षित रखना भी उतना ही आवश्यक है। यदि प्रत्येक परिवार हर वर्ष कुछ पौधे लगाए और उनकी देखभाल करे तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
फलदार और छायादार पौधों को दिया गया महत्व
अभियान में लगाए गए पौधों में फलदार और छायादार दोनों प्रकार की प्रजातियों को शामिल किया गया। जामुन, अमरूद और कटहल जैसे पौधे भविष्य में ग्रामीणों को फल उपलब्ध कराएंगे, वहीं महोगनी, शीशम, सागवान और गम्हार जैसे पौधे हरियाली बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि मिश्रित प्रजातियों का पौधारोपण जैव विविधता को बढ़ावा देता है और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में भी मददगार साबित होता है।
जलवायु परिवर्तन से निपटने का सबसे प्रभावी उपाय
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार लगातार बढ़ते तापमान, अनियमित वर्षा, सूखा और प्रदूषण जैसी समस्याओं से निपटने के लिए बड़े स्तर पर वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। पेड़ वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, जिससे वायु गुणवत्ता बेहतर होती है।
इसके अलावा वृक्ष भूजल संरक्षण, मिट्टी के कटाव को रोकने, जैव विविधता को सुरक्षित रखने और स्थानीय जलवायु को संतुलित बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ग्रामीणों ने लिया पौधों की सुरक्षा का संकल्प
कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने पौधों की सुरक्षा और नियमित देखभाल का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि लगाए गए पौधों को पेड़ बनने तक संरक्षित रखा जाएगा ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरित वातावरण मिल सके।
संगठन की ओर से लोगों से अपील की गई कि जन्मदिन, विवाह, वर्षगांठ और अन्य विशेष अवसरों पर पौधारोपण को परंपरा का हिस्सा बनाया जाए।
संगठन के सदस्यों की रही सक्रिय भागीदारी
इस अभियान को सफल बनाने में श्री सर्वेश्वरी समूह, रांची शाखा के कई सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम में राधेश्याम सिंह, विभूति शंकर सहाय, हेमंत नाथ शाहदेव, अभय सहाय, नवल किशोर सिंह, अरुण सिंह और आशुतोष कुमार सहित लगभग 20 सदस्य मौजूद रहे।
वहीं स्थानीय स्तर पर अनिल कश्यप, अंकित कश्यप, विक्रम तिवारी, कृष्णा गोप, श्रीकांत तिवारी, विनय तिवारी, सजाद अंसारी और पिंटू प्रजापति सहित कई ग्रामीणों ने भी अभियान में सहयोग किया।
रांची में हरियाली बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
रांची और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से हो रहे शहरीकरण और पर्यावरणीय बदलावों को देखते हुए इस तरह के अभियान काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सामाजिक संगठनों, प्रशासन और आम लोगों की सहभागिता से लगातार वृक्षारोपण अभियान चलाए जाएं तो आने वाले वर्षों में हरित क्षेत्र बढ़ाने के साथ-साथ जल संरक्षण और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।
क्यों जरूरी हैं ऐसे अभियान?
भारत सहित पूरी दुनिया में जलवायु परिवर्तन एक बड़ी चुनौती बन चुका है। ऐसे में वृक्षारोपण अभियान केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से भी जुड़ा हुआ है। पेड़ प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कम करने, गर्मी के प्रभाव को नियंत्रित करने और जैव विविधता को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।
यदि प्रत्येक नागरिक अपने जीवन में नियमित रूप से पौधारोपण करे और उनकी देखभाल की जिम्मेदारी निभाए, तो पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य काफी हद तक हासिल किया जा सकता है।
निष्कर्ष
रांची के हिसरी गांव में आयोजित सर्वेश्वरी वृक्षारोपण अभियान 2026 पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल है। 250 पौधों का रोपण और वितरण केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को हरियाली, स्वच्छ वातावरण और सतत विकास का संदेश देने का प्रयास है। यदि इस अभियान की भावना को व्यापक स्तर पर अपनाया जाए, तो रांची सहित पूरे झारखंड में हरित क्रांति को नई गति मिल सकती है।







