RINPAS नशा मुक्ति मैराथन : झारखंड की राजधानी रांची में नशा मुक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से आयोजित रिनपास (RINPAS) नशा मुक्ति मैराथन का समापन सम्मान समारोह के साथ हुआ। इस अवसर पर मैराथन के विजेताओं को सम्मानित किया गया, जबकि प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल खेल प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं था, बल्कि युवाओं और आम नागरिकों के बीच नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना भी था।
रिनपास की इस पहल को सामाजिक जागरूकता अभियान के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, युवाओं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, स्वास्थ्यकर्मियों और आम नागरिकों ने भाग लिया। आयोजन के दौरान पूरे परिसर में नशा मुक्त झारखंड का संदेश गूंजता रहा।
नशा मुक्ति अभियान को मिला जनसमर्थन
रिनपास द्वारा आयोजित इस मैराथन को लोगों का भरपूर समर्थन मिला। सुबह से ही प्रतिभागियों में उत्साह देखने को मिला। विभिन्न आयु वर्ग के लोगों ने इस आयोजन में हिस्सा लेकर यह संदेश दिया कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी संस्थानों की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि खेल, व्यायाम और सामूहिक गतिविधियां युवाओं को नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रखने का प्रभावी माध्यम बन सकती हैं। इसी सोच के साथ रिनपास ने इस मैराथन का आयोजन किया।
विजेताओं को किया गया सम्मानित
समापन समारोह में मैराथन की विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को ट्रॉफी, मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। सम्मान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों ने कहा कि यह पुरस्कार उनके लिए केवल उपलब्धि नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा भी है।
कार्यक्रम के दौरान आयोजकों ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि अन्य युवाओं को भी स्वस्थ जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।
सभी प्रतिभागियों को मिले प्रमाण पत्र
मैराथन में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। आयोजकों का कहना था कि हर प्रतिभागी इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है और नशा मुक्त समाज के निर्माण में उसकी भूमिका अहम है।
प्रमाण पत्र मिलने के बाद प्रतिभागियों ने भविष्य में भी ऐसे सामाजिक अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया।
युवाओं में दिखा विशेष उत्साह
कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता युवाओं की सक्रिय भागीदारी रही। स्कूलों, कॉलेजों और विभिन्न संस्थानों से जुड़े छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में इस आयोजन में हिस्सा लिया। कई स्वयंसेवी संगठनों ने भी अभियान को सफल बनाने में सहयोग किया।
प्रतिभागियों ने कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं को सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा देते हैं। साथ ही समाज में नशे के खिलाफ मजबूत संदेश भी पहुंचाते हैं।
रिनपास की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण
रांची स्थित रिनपास (RINPAS) लंबे समय से मानसिक स्वास्थ्य और नशा मुक्ति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। संस्थान नशे की लत से जूझ रहे लोगों के उपचार के साथ-साथ जागरूकता अभियान भी चलाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नशे की समस्या केवल स्वास्थ्य से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि इसका असर परिवार, समाज और आर्थिक स्थिति पर भी पड़ता है। इसलिए समय-समय पर ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम आवश्यक हैं।
नशे से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, नशे की शुरुआत अक्सर जिज्ञासा, गलत संगति या तनाव के कारण होती है। यदि समय रहते जागरूकता फैलाई जाए और युवाओं को सही मार्गदर्शन मिले तो इस समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।
मैराथन जैसे कार्यक्रम लोगों को यह संदेश देते हैं कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन ही बेहतर समाज की नींव हैं।
समाज से की गई अपील
कार्यक्रम के दौरान लोगों से अपील की गई कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। यदि किसी व्यक्ति को नशे की लत है तो उसे सामाजिक बहिष्कार की बजाय उचित इलाज और परामर्श उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
विशेषज्ञों ने कहा कि परिवार का सहयोग, समाज का समर्थन और समय पर चिकित्सा सहायता किसी भी व्यक्ति को नशे की गिरफ्त से बाहर निकाल सकती है।
झारखंड में बढ़ रही जागरूकता
झारखंड में हाल के वर्षों में नशा मुक्ति को लेकर विभिन्न सरकारी और सामाजिक संस्थाओं द्वारा लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। रिनपास की यह मैराथन भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचता है और युवाओं को नशे से दूर रहने की प्रेरणा मिलती है।
निष्कर्ष
रांची में आयोजित रिनपास नशा मुक्ति मैराथन का सम्मान समारोह केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह नशा मुक्त समाज के निर्माण का मजबूत संदेश भी बनकर उभरा। विजेताओं का सम्मान और सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरण ने इस आयोजन को यादगार बना दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसे जागरूकता अभियान लगातार चलाए जाएं तो आने वाले समय में झारखंड को नशा मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की जा सकती है।







