Jharkhand State Millet Mission झारखंड सरकार की ऐसी पहल है जिसका उद्देश्य राज्य में मोटे अनाज यानी Millets, खासकर रागी (मड़ुआ), की खेती को बढ़ावा देना, किसानों की आय के अवसर बढ़ाना और पोषण सुरक्षा को मजबूत करना है। झारखंड में कम पानी और अपेक्षाकृत कम लागत में उगने वाली फसलों के रूप में मिलेट्स को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राज्य के 2025-26 के Economic Survey के अनुसार रागी की खेती का क्षेत्र 2021-22 के करीब 19,030 हेक्टेयर से बढ़कर 2025-26 में लगभग 38,000 हेक्टेयर होने का अनुमान है। इसी पहल को दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में “Jharkhand Madua Kranti” के नाम से भी आगे बढ़ाया गया, जिसमें खास तौर पर finger millet यानी रागी पर जोर दिया गया है।
Jharkhand State Millet Mission क्या है?
Jharkhand State Millet Mission राज्य में मिलेट्स की खेती और उससे जुड़े value chain को बढ़ावा देने की सरकारी पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को मिलेट्स की खेती के लिए प्रोत्साहित करना और उत्पादन से लेकर processing तथा market linkage तक बेहतर व्यवस्था तैयार करना है।
झारखंड में रागी को स्थानीय रूप से मड़ुआ भी कहा जाता है। इसके अलावा क्षेत्र और programme के अनुसार अन्य millets को भी बढ़ावा दिया जा सकता है।
सरकारी और कृषि क्षेत्र से जुड़ी जानकारी के अनुसार झारखंड में मिलेट्स को पोषण, जलवायु अनुकूल खेती और किसानों की आजीविका से जोड़कर देखा जा रहा है। APEDA के Jharkhand millet catalogue में भी राज्य सरकार द्वारा विशेष रूप से रागी को बढ़ावा देने की जानकारी दी गई है।
Jharkhand Madua Kranti क्या है?
Jharkhand Madua Kranti राज्य में रागी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा नया branding/mission approach है। Economic Survey 2025-26 के अनुसार Jharkhand State Millet Mission को दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में “Jharkhand Madua Kranti” के रूप में rebrand किया गया।
इसका focus विशेष रूप से मड़ुआ यानी finger millet की खेती को बड़े स्तर पर बढ़ाने पर है।
इस पहल के पीछे कई उद्देश्य हैं:
- किसानों को मिलेट की खेती के लिए प्रोत्साहित करना
- रागी का उत्पादन बढ़ाना
- कम वर्षा वाले क्षेत्रों में वैकल्पिक फसल को बढ़ावा देना
- किसानों को बेहतर बीज और तकनीकी जानकारी देना
- स्थानीय स्तर पर processing को बढ़ावा देना
- मिलेट आधारित खाद्य उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना
- ग्रामीण रोजगार और livelihood opportunities बढ़ाना
झारखंड में Millet की खेती क्यों महत्वपूर्ण है?
झारखंड की कृषि काफी हद तक वर्षा पर निर्भर है। ऐसे में कम पानी में बेहतर तरीके से उगने वाली फसलों का महत्व बढ़ जाता है।
2026 में कम rainfall के बीच झारखंड सरकार ने millet farming को बढ़ावा देने के लिए अभियान चलाया। रिपोर्ट के अनुसार सरकार किसानों को बेहतर millet seeds, technical assistance और modern cultivation techniques की जानकारी देने पर जोर दे रही है।
Millets को climate-resilient crops के रूप में भी देखा जाता है क्योंकि कुछ millet varieties कम पानी की परिस्थितियों में भी खेती के लिए उपयुक्त होती हैं।
Jharkhand State Millet Mission के प्रमुख उद्देश्य
1. मिलेट की खेती का क्षेत्र बढ़ाना
इस mission का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य झारखंड में millet cultivation को बढ़ाना है। खासकर रागी की खेती को अधिक किसानों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
सरकारी Economic Survey के आंकड़ों के अनुसार रागी का क्षेत्र 19,030 हेक्टेयर से बढ़कर लगभग 38,000 हेक्टेयर के अनुमान तक पहुंचा है।
2. किसानों को बेहतर बीज उपलब्ध कराना
मिलेट उत्पादन बढ़ाने के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज महत्वपूर्ण हैं। किसानों को उपयुक्त varieties और cultivation practices की जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
3. आधुनिक कृषि तकनीक
किसानों को केवल बीज उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है। सही समय पर बुआई, मिट्टी की तैयारी, weed management, harvesting और storage जैसी तकनीकों की जानकारी भी जरूरी है।
इसलिए technical training और farmer awareness mission का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
4. किसानों की आय के अवसर बढ़ाना
Millet cultivation के साथ processing और value addition को बढ़ावा मिलने से किसानों के लिए अतिरिक्त market opportunities तैयार हो सकती हैं।
रागी से आटा, cookies, snacks, health food और अन्य products बनाए जा सकते हैं। इससे केवल raw millet बेचने के बजाय processed products के जरिए value addition की संभावना बढ़ती है।
Jharkhand Millet Mission से किसानों को क्या फायदा हो सकता है?
किसानों को मिलने वाले वास्तविक लाभ district, programme और लागू guidelines के अनुसार अलग हो सकते हैं। इसलिए किसी निश्चित financial assistance को सभी किसानों के लिए guaranteed benefit नहीं मानना चाहिए।
फिर भी mission के माध्यम से किसानों को निम्न प्रकार का support मिल सकता है:
- Millet cultivation की training
- Improved seed और input support, जहां programme में उपलब्ध हो
- खेती की तकनीकी जानकारी
- Demonstration और awareness programmes
- Processing और value addition से जुड़ी opportunities
- Market linkage को बढ़ावा
- Farmer groups/FPOs के माध्यम से collective marketing
- Millet-based entrepreneurship के अवसर
Jharkhand में कौन-कौन से Millet महत्वपूर्ण हैं?
राज्य में रागी या मड़ुआ को विशेष महत्व दिया जा रहा है। इसके अलावा millets की अन्य varieties और मोटे अनाज को भी कृषि diversification के दृष्टिकोण से देखा जा सकता है।
हालांकि किसी किसान को अपने क्षेत्र के लिए कौन-सी variety उगानी चाहिए, यह soil, rainfall, local climate, seed availability और कृषि विभाग की सलाह पर निर्भर करता है।
इसलिए खेती शुरू करने से पहले अपने जिला कृषि कार्यालय या संबंधित कृषि पदाधिकारी से स्थानीय सलाह लेना बेहतर है।
Jharkhand State Millet Mission में कौन किसान लाभ ले सकते हैं?
Mission के अलग-अलग components में eligibility अलग हो सकती है। सामान्य तौर पर millet cultivation करने वाले किसानों, farmer groups और agriculture-related organisations को programme-specific support मिल सकता है।
किसी specific subsidy या financial assistance के लिए किसान को संबंधित notification की eligibility देखनी चाहिए।
आवेदन से पहले ये जानकारी तैयार रखना उपयोगी हो सकता है:
- Aadhaar Card
- Bank Account Details
- Mobile Number
- Land-related documents
- Farmer registration details, यदि लागू हों
- Passport-size photograph
- अन्य documents जो संबंधित department मांगे
ध्यान दें: सभी documents हर component के लिए जरूरी हों, यह आवश्यक नहीं है।
Jharkhand Millet Mission के लिए आवेदन कैसे करें?
Jharkhand State Millet Mission को एक सामान्य one-form cash-benefit scheme समझना सही नहीं होगा। इसके अलग-अलग components का implementation कृषि विभाग, district-level authorities और संबंधित agencies के माध्यम से हो सकता है।
किसान आवेदन या participation के लिए:
- अपने प्रखंड कृषि कार्यालय से संपर्क करें।
- जिला कृषि पदाधिकारी कार्यालय में programme की जानकारी लें।
- अपने क्षेत्र में चल रहे millet training या distribution programme के बारे में पूछें।
- यदि online application की notification जारी हो तो official portal से आवेदन करें।
- किसी भी private website या agent को payment करने से पहले सरकारी notification verify करें।
क्योंकि scheme के rules और application process समय के साथ बदल सकते हैं, इसलिए latest information के लिए Jharkhand Agriculture Department की official website देखना सबसे सुरक्षित तरीका है।
Jharkhand Millet Mission की Official Website
Jharkhand State Millet Mission से संबंधित latest agriculture notifications, departmental updates और सरकारी जानकारी के लिए Department of Agriculture, Animal Husbandry & Co-operative, Government of Jharkhand की official website देखें।
Official Agriculture Department:
Jharkhand Agriculture Department – Official Website
Directorate of Agriculture:
Directorate of Agriculture, Jharkhand – Official Website
Official website पर उपलब्ध latest notification को ही application, eligibility और assistance की अंतिम जानकारी मानें।
Jharkhand में Millet Production कितना बढ़ा?
Economic Survey 2025-26 के अनुसार 2025-26 में राज्य का combined millet output लगभग 63,000 tonnes projected है, जो 2022-23 के low level से करीब तीन गुना बताया गया है। इसी अवधि में रागी का cultivated area लगभग 38,000 hectares तक पहुंचने का अनुमान है।
यह आंकड़े बताते हैं कि राज्य में millet cultivation को बढ़ाने की दिशा में लगातार प्रयास हो रहे हैं।
Millets खाने के क्या फायदे हैं?
Millets को generally nutritious grains माना जाता है। इनमें dietary fibre, minerals और अन्य nutrients पाए जाते हैं। रागी विशेष रूप से calcium content के लिए जाना जाता है।
हालांकि किसी व्यक्ति की specific health condition के अनुसार diet अलग हो सकती है। इसलिए किसी बीमारी के इलाज के रूप में millet को प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए।
महिलाओं और ग्रामीण उद्यमिता के लिए अवसर
Millet cultivation केवल खेती तक सीमित नहीं है। इसके processing और food products बनाने में ग्रामीण महिलाओं, SHGs और छोटे entrepreneurs के लिए भी अवसर हो सकते हैं।
Millet flour, snacks, cookies, ready-to-cook products और अन्य value-added foods स्थानीय बाजारों में बेचे जा सकते हैं।
इस तरह mission का प्रभाव खेती के साथ-साथ food processing, self-employment और rural entrepreneurship तक पहुंच सकता है।
Jharkhand State Millet Mission: मुख्य बातें
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| Mission | Jharkhand State Millet Mission |
| नया focus/branding | Jharkhand Madua Kranti |
| प्रमुख फसल | रागी/मड़ुआ |
| मुख्य उद्देश्य | Millet cultivation और value chain को बढ़ावा |
| Target | Farmers, farmer groups और millet ecosystem |
| प्रमुख support | Seed, training, technical guidance और market/value addition opportunities, programme के अनुसार |
| आवेदन | संबंधित कृषि विभाग/जिला स्तर के programme के अनुसार |
| Official Department | Department of Agriculture, Jharkhand |
FAQ: Jharkhand State Millet Mission
Jharkhand State Millet Mission क्या है?
यह झारखंड में मिलेट्स की खेती, उत्पादन, processing और market ecosystem को बढ़ावा देने वाली राज्य की पहल है। रागी यानी मड़ुआ पर विशेष focus किया जा रहा है।
Jharkhand Madua Kranti क्या है?
Jharkhand Madua Kranti, Jharkhand State Millet Mission के नए branding/focus approach का नाम है, जिसमें finger millet यानी रागी की खेती को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है।
क्या Jharkhand Millet Mission में किसानों को पैसे मिलते हैं?
अलग-अलग programme components में financial या input support का प्रावधान हो सकता है, लेकिन कोई एक निश्चित राशि सभी किसानों के लिए लागू नहीं मानी जानी चाहिए। Latest government notification के अनुसार eligibility और benefit verify करें।
Jharkhand में Millet Mission की official website कौन-सी है?
Latest information के लिए Government of Jharkhand के Department of Agriculture और Directorate of Agriculture की official websites देखें।
Jharkhand में कौन-सा Millet सबसे ज्यादा focus में है?
वर्तमान सरकारी Economic Survey में रागी यानी मड़ुआ/finger millet पर विशेष focus और इसके cultivated area में वृद्धि का उल्लेख है।
निष्कर्ष
Jharkhand State Millet Mission 2026 राज्य में sustainable agriculture, nutrition और किसानों की livelihood opportunities को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। रागी यानी मड़ुआ की खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने इसे Jharkhand Madua Kranti के नए focus के साथ आगे बढ़ाया है।
रागी का क्षेत्र लगभग 19,030 हेक्टेयर से बढ़कर 2025-26 में करीब 38,000 हेक्टेयर होने का अनुमान और combined millet output का लगभग 63,000 tonnes तक पहुंचने का projection इस क्षेत्र में हो रहे विस्तार को दर्शाता है।
किसानों के लिए इसका लाभ केवल खेती तक सीमित नहीं है। बेहतर seeds, technical training, processing, value addition और market linkage के माध्यम से millet ecosystem ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नए अवसर पैदा कर सकता है।
सरकारी योजनाओं, बिजनेस गाइड, MSME, Startup, शिक्षा, रोजगार और झारखंड की ताज़ा खबरों से जुड़ी ऐसी ही उपयोगी जानकारी के लिए Bhaiyajii News पर नियमित विजिट करते रहें।







