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Ranchi Tribal Day : 9-10 अगस्त को मोरहाबादी में क्या-क्या होगा? 5 हजार कलाकार दिखाएंगे आदिवासी संस्कृति की झलक | Jharkhand News | Bhaiyajii New

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Ranchi Tribal Day : विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर राजधानी रांची में 9 और 10 अगस्त 2026 को दो दिवसीय झारखंड आदिवासी महोत्सव-2026 का आयोजन किया जा रहा है। मोरहाबादी मैदान में होने वाले इस बड़े आयोजन में राज्य की आदिवासी संस्कृति, कला, परंपरा, खान-पान और विरासत को एक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। आयोजन में करीब 5,000 कलाकारों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है।

इस बार महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ जतरा, आदिवासी खान-पान, कला-शिल्प प्रदर्शनी, पुस्तक मेला, 5D इमर्सिव जोन, ड्रोन शो, फिल्म महोत्सव और परिधान फैशन शो जैसे कई आकर्षण रखे गए हैं।

9 और 10 अगस्त को होगा आयोजन ( Ranchi Tribal Day )

मोरहाबादी मैदान में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम दो दिनों तक चलेगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 9 अगस्त को दोपहर 1:30 बजे महोत्सव का शुभारंभ होगा। इसके बाद अलग-अलग सांस्कृतिक और जनजातीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

आयोजन का उद्देश्य झारखंड की विभिन्न जनजातीय समुदायों की समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करना है। राज्य की 33 जनजातियों की संस्कृति को एक साझा मंच पर प्रदर्शित करने की तैयारी है।

5 हजार कलाकार देंगे प्रस्तुति

इस वर्ष का सबसे बड़ा आकर्षण बड़ी संख्या में कलाकारों की भागीदारी होगी। रिपोर्टों के अनुसार करीब 5,000 कलाकार महोत्सव में अपनी कला और संस्कृति की प्रस्तुति देंगे। अलग-अलग जनजातीय समुदायों के पारंपरिक नृत्य, संगीत और लोक कलाओं को कार्यक्रम में जगह दी जाएगी।

इससे रांची आने वाले लोगों को झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों की सांस्कृतिक विविधता को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।

जतरा और पारंपरिक कार्यक्रम होंगे खास

झारखंड की पारंपरिक संस्कृति में जतरा का विशेष महत्व है। आदिवासी महोत्सव में जतरा को भी प्रमुख आकर्षण के रूप में शामिल किया गया है।

पारंपरिक वाद्य यंत्रों, लोक नृत्य और सामुदायिक प्रस्तुतियों के माध्यम से झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित किया जाएगा। इससे युवा पीढ़ी को अपनी पारंपरिक संस्कृति से जोड़ने का भी प्रयास होगा।

आदिवासी खान-पान का भी मिलेगा स्वाद

महोत्सव में पारंपरिक जनजातीय खान-पान के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। अलग-अलग क्षेत्रों के पारंपरिक व्यंजनों को स्टॉल के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जाएगा।

रांची के लोगों और बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए यह आयोजन केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम ही नहीं, बल्कि झारखंड के पारंपरिक भोजन और जीवनशैली को जानने का अवसर भी होगा।

कला और शिल्प प्रदर्शनी

मोरहाबादी मैदान में आदिवासी कला और शिल्प की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। स्थानीय कलाकार और शिल्पकार अपने उत्पादों को प्रदर्शित करेंगे।

हस्तशिल्प, पारंपरिक कलाकृतियां और जनजातीय संस्कृति से जुड़े उत्पादों के माध्यम से स्थानीय कारीगरों को अपनी कला दिखाने और बाजार से जोड़ने का अवसर मिल सकता है।

आदिवासी पुस्तक मेला भी होगा

महोत्सव में आदिवासी पुस्तक मेला भी आकर्षण का केंद्र रहेगा। इसमें जनजातीय इतिहास, संस्कृति, साहित्य और सामाजिक जीवन से जुड़ी पुस्तकों को प्रदर्शित किया जाएगा।

इस पहल से युवाओं और विद्यार्थियों को झारखंड की जनजातीय विरासत के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

फिल्म और डॉक्यूमेंट्री फेस्टिवल

इस बार आयोजन में वृत्तचित्र और फिल्म महोत्सव को भी शामिल किया गया है। आदिवासी समाज, संस्कृति, परंपरा और जीवन से जुड़े विषयों पर बनी फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री को प्रदर्शित किया जाएगा।

यह कार्यक्रम विशेष रूप से युवाओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है।

परिधान फैशन शो भी होगा आकर्षण

महोत्सव में आदिवासी परिधान फैशन शो भी आयोजित किया जाएगा। इसमें पारंपरिक जनजातीय परिधानों और आभूषणों को आधुनिक प्रस्तुति के साथ प्रदर्शित किए जाने की तैयारी है।

इससे झारखंड की अलग-अलग जनजातियों की पारंपरिक वेशभूषा और डिजाइन को बड़े मंच पर पहचान मिलने की उम्मीद है।

ड्रोन शो और 5D इमर्सिव जोन

पारंपरिक कार्यक्रमों के साथ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल भी इस महोत्सव में देखने को मिलेगा। ड्रोन शो और 5D इमर्सिव जोन को प्रमुख आकर्षणों में शामिल किया गया है।

इससे दर्शकों को झारखंड की संस्कृति और विरासत को आधुनिक तकनीक के जरिए देखने का अलग अनुभव मिल सकता है।

प्रशासन ने की सुरक्षा और ट्रैफिक की तैयारी

बड़े स्तर पर होने वाले आयोजन को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, यातायात, चिकित्सा, साफ-सफाई और स्टॉल व्यवस्था की समीक्षा की है। अधिकारियों को कार्यक्रम के दौरान आने वाली संभावित चुनौतियों का पहले से आकलन करने और व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।

मोरहाबादी मैदान में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए यातायात व्यवस्था भी महत्वपूर्ण रहेगी।

आम लोगों के लिए क्यों खास है आयोजन?

झारखंड आदिवासी महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं है। यह राज्य की जनजातीय पहचान, परंपरा और कला को एक बड़े मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर है।

रांची में रहने वाले लोगों के साथ-साथ राज्य के दूसरे जिलों से आने वाले दर्शक भी इस आयोजन में हिस्सा ले सकते हैं। खासकर बच्चों और युवाओं के लिए यह झारखंड की पारंपरिक संस्कृति को समझने का अच्छा अवसर हो सकता है।

9-10 अगस्त को क्या-क्या देखने को मिलेगा?

महोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हैं:

  • आदिवासी सांस्कृतिक कार्यक्रम
  • पारंपरिक नृत्य और संगीत
  • जतरा
  • जनजातीय खान-पान
  • कला और शिल्प प्रदर्शनी
  • आदिवासी पुस्तक मेला
  • डॉक्यूमेंट्री और फिल्म महोत्सव
  • परिधान फैशन शो
  • 5D इमर्सिव जोन
  • ड्रोन शो
  • विभिन्न जनजातीय समुदायों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

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रांची में बढ़ेगी चहल-पहल

9 और 10 अगस्त को मोरहाबादी मैदान के आसपास बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। प्रशासन की ओर से भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे में कार्यक्रम में जाने वाले लोगों को प्रशासन द्वारा जारी ट्रैफिक और पार्किंग संबंधी निर्देशों का पालन करना चाहिए।

निष्कर्ष

Ranchi Tribal Day 2026 के तहत 9 और 10 अगस्त को मोरहाबादी मैदान में आयोजित होने वाला झारखंड आदिवासी महोत्सव राज्य की संस्कृति और विरासत का बड़ा उत्सव बनने जा रहा है। करीब 5,000 कलाकारों, पारंपरिक नृत्य-संगीत, खान-पान, कला-शिल्प, पुस्तक मेले, फिल्म फेस्टिवल, फैशन शो और ड्रोन शो जैसे कार्यक्रमों के कारण यह आयोजन रांची के लोगों के लिए खास आकर्षण रहेगा।

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Manish Singh Chandel
Manish Singh Chandelhttps://bhaiyajiinews.in
Manish Singh Chandel रांची और झारखंड से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से रिपोर्टिंग करने वाले एक अनुभवी पत्रकार हैं। वे Bhaiyajii News में मुख्य संवाददाता (Chief Reporter) के रूप में कार्यरत हैं और राज्य से जुड़े प्रशासनिक, सामाजिक, शैक्षणिक, रोजगार, कानून व्यवस्था और जनहित के मुद्दों पर नियमित रूप से तथ्यात्मक और ज़मीनी रिपोर्टिंग करते हैं। स्थानीय खबरों की गहरी समझ और तेज़ रिपोर्टिंग के लिए जाने जाने वाले मनीष सिंह चंदेल रांची एवं झारखंड के विभिन्न इलाकों से सामने आने वाली घटनाओं, सरकारी फैसलों और नागरिक समस्याओं को प्राथमिकता के साथ कवर करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य आम जनता तक सटीक, निष्पक्ष और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है। बतौर मुख्य संवाददाता, वे ब्रेकिंग न्यूज़, फॉलो-अप रिपोर्ट, व्याख्यात्मक लेख (Explainables) और जनहित से जुड़ी विशेष रिपोर्ट्स पर काम करते हैं। प्रशासनिक सूत्रों, स्थानीय अधिकारियों और ज़मीनी स्तर की जानकारी के आधार पर तैयार की गई उनकी खबरें पाठकों के बीच विश्वसनीयता के लिए जानी जाती हैं। Manish Singh Chandel मानते हैं कि स्थानीय पत्रकारिता लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी होती है। इसी सोच के साथ वे रांची और झारखंड के नागरिक मुद्दों, विकास कार्यों, शिक्षा एवं रोजगार से जुड़ी सूचनाओं को सरल भाषा में प्रस्तुत करते हैं, ताकि हर वर्ग तक खबर की सही जानकारी पहुँच सके। Bhaiyajii News के साथ उनकी भूमिका सिर्फ खबरें प्रकाशित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे संपादकीय मानकों, तथ्य-जांच और समयबद्ध रिपोर्टिंग को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी निभाते हैं।
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