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JPSC-JSSC Protest: पुराने विधानसभा भवन के पास रोके गए छात्र, बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े प्रदर्शनकारी | Jharkhand News | Bhaiyajii News

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JPSC-JSSC Protest : झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन 10 अगस्त को बड़े घटनाक्रम में बदल गया। 24 जिलों से रांची पहुंचे आंदोलनकारी अभ्यर्थियों ने विधानसभा मार्च किया। प्रदर्शनकारी पुराने विधानसभा भवन से आगे बढ़ते हुए नए विधानसभा की ओर जाने की कोशिश कर रहे थे। प्रशासन ने उन्हें रोकने के लिए कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की थी। हालांकि, कुछ जगहों पर छात्रों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और आगे बढ़ गए। बाद में पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

पुराने विधानसभा भवन के पास रोके गए छात्र

रिपोर्ट के मुताबिक, बड़ी संख्या में छात्र पुराने विधानसभा भवन के पास जुटे थे। उनके हाथों में तिरंगा, पोस्टर और बैनर थे। छात्र JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार समेत अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी कर रहे थे।

प्रशासन ने छात्रों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए रास्ते में बैरिकेडिंग की थी। पुराने विधानसभा के पास प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ने लगा। कुछ समय बाद ADM और SDO भी छात्रों से बातचीत करने के लिए विधानसभा गेट नंबर-1 के पास पहुंचे।

पहली बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े प्रदर्शनकारी

आंदोलन के दौरान छात्रों ने पहली बैरिकेडिंग को तोड़ दिया। इसके बाद वे नए विधानसभा भवन की तरफ आगे बढ़ने लगे। रिपोर्ट के अनुसार योगदा कॉलेज के पास भी कई बैरिकेडिंग हटाई गईं।

पुलिस और प्रशासन लगातार छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अपील कर रहे थे। वहीं छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए थे और विधानसभा की ओर बढ़ना चाहते थे।

इस बीच JPSC-JSSC Reform March के प्रतिनिधिमंडल ने भी प्रदर्शनकारियों से संयम बनाए रखने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील की।

पुलिस ने किया लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल

बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। इसके अलावा आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए।

लाठीचार्ज के दौरान कुछ छात्रों के चोटिल होने की जानकारी सामने आई। एक छात्र के सिर पर चोट लगने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है। हालांकि, घायलों की कुल संख्या को लेकर कोई अंतिम आधिकारिक आंकड़ा सामने आने तक इसे निश्चित संख्या के तौर पर प्रकाशित करना उचित नहीं होगा।

वहीं दूसरी ओर, कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट किए जाने तथा पत्थरबाजी की खबर भी सामने आई। प्रशासन के लिए ऐसे हालात में भीड़ को नियंत्रित करना बड़ी चुनौती बन गया।

वाटर कैनन का भी इस्तेमाल

प्रदर्शनकारियों को विधानसभा की ओर आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया। पानी की तेज बौछार से प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने की कोशिश की गई।

वाटर कैनन के इस्तेमाल के बावजूद कुछ प्रदर्शनकारी मौके पर डटे रहे। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र सड़क पर बैठकर धरना देने लगे।

यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ जब विधानसभा का सत्र चल रहा था और विधानसभा परिसर की सुरक्षा प्रशासन के लिए बेहद महत्वपूर्ण थी।

विधानसभा से करीब 200 मीटर पहले रुका मार्च

रिपोर्ट के अनुसार, सुबह करीब 10 बजे शुरू हुआ मार्च विधानसभा से लगभग 200 मीटर पहले आकर रुक गया। यहां प्रदर्शनकारियों की बड़ी भीड़ जमा हो गई।

विधायक जयराम महतो भी छात्रों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से विधानसभा के गेट की ओर आगे नहीं बढ़ने और वहीं शांतिपूर्ण तरीके से धरना देने की अपील की।

इसके बाद कुछ छात्र सड़क पर बैठ गए, जबकि अन्य छात्र सड़क के किनारे धरने पर बैठे दिखाई दिए।

छात्रों से बातचीत करने पहुंचे ADM और SDO

तनावपूर्ण स्थिति के बीच प्रशासन ने बातचीत का रास्ता भी अपनाया। विधानसभा गेट नंबर-1 के बाहर ADM और SDO छात्रों से बातचीत करने पहुंचे।

प्रशासन की कोशिश थी कि छात्रों को समझाकर प्रदर्शन को शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखा जाए और उन्हें प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने से रोका जाए।

छात्रों की तरफ से लगातार अपनी मांगों को दोहराया जा रहा था। आंदोलनकारी चाहते हैं कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच हो और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट समाधान दिया जाए।

तीन लेयर की मानव श्रृंखला बनाकर रोकने की कोशिश

स्थिति को संभालने के लिए JPSC-JSSC Reform March के प्रतिनिधिमंडल ने भी छात्रों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। प्रतिनिधिमंडल ने तीन लेयर की मानव श्रृंखला बनाई।

इस दौरान छात्रों और प्रतिनिधिमंडल के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। प्रदर्शनकारियों को विधानसभा की ओर जाने से रोकने के लिए लगातार अपील की जाती रही।

कई छात्र सड़क पर बैठकर वंदे मातरम, भारत माता की जय और अन्य नारे लगाते रहे।

कच्चे रास्ते से भी विधानसभा की ओर बढ़े छात्र

मुख्य रास्ते पर बैरिकेडिंग लगाए जाने के बाद कुछ प्रदर्शनकारी कच्चे रास्ते और पहाड़ी रास्ते से आगे बढ़ने लगे। रिपोर्ट के अनुसार कुछ छात्र जगन्नाथ मंदिर तक पहुंच गए।

इससे प्रशासन के सामने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने की चुनौती और बढ़ गई। पुलिस ने कई जगहों पर बैरिकेडिंग लगाकर रास्ते रोकने की कोशिश की।

यह स्थिति बताती है कि आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर कितने दृढ़ हैं। हालांकि, ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है।

आंदोलन में अलग-अलग तरीके से दिखा विरोध

JPSC-JSSC आंदोलन के दौरान छात्रों ने अलग-अलग तरीके अपनाकर अपनी बात रखने की कोशिश की। कुछ प्रदर्शनकारी अलग-अलग वेशभूषा में भी नजर आए।

रिपोर्ट के मुताबिक कुछ छात्र स्पाइडरमैन और अन्य पात्रों के रूप में प्रदर्शन में शामिल हुए। इनका उद्देश्य प्रतीकात्मक तरीके से अपनी मांगों और सरकार तक संदेश पहुंचाना था।

देवेंद्र नाथ महतो भी पहुंचे धरना स्थल

भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भी आंदोलन स्थल पर पहुंचे। रिपोर्ट के मुताबिक वह पालकी के जरिए धरना स्थल तक आए।

इससे पहले भी उनके स्वास्थ्य को लेकर खबरें सामने आई थीं और विधानसभा मार्च में उनकी मौजूदगी आंदोलन के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों में रही।

उनकी मौजूदगी से आंदोलनकारी छात्रों में उत्साह देखा गया। हालांकि लंबे समय तक भूख हड़ताल स्वास्थ्य के लिए गंभीर हो सकती है, इसलिए उनकी स्वास्थ्य स्थिति से जुड़ी जानकारी आधिकारिक मेडिकल अपडेट के आधार पर ही दी जानी चाहिए।

क्यों जारी है JPSC-JSSC आंदोलन?

JPSC-JSSC आंदोलन की मुख्य वजह भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों की नाराजगी है। आंदोलनकारी अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित गड़बड़ियों की जांच और भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं।

छात्रों की ओर से CBI जांच की मांग भी लगातार उठाई जा रही है। सरकार की ओर से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की गई है, लेकिन सभी मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी है।

इसी गतिरोध के कारण आंदोलन लगातार जारी है और अब यह विधानसभा मार्च तक पहुंच गया है।

पूर्व JPSC अध्यक्ष की गिरफ्तारी से बढ़ी चर्चा

इसी बीच झारखंड CID ने पूर्व JPSC अध्यक्ष L. Khiangte को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कथित भर्ती परीक्षा अनियमितताओं की जांच से जुड़ी है।

गिरफ्तारी के बाद JPSC विवाद को लेकर जवाबदेही और जांच की मांग और तेज हो गई है। हालांकि किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी को दोष सिद्ध होने के रूप में नहीं देखा जा सकता। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

अब आगे क्या होगा?

विधानसभा मार्च के दौरान छात्रों को पुराने विधानसभा के पास रोकना, बैरिकेडिंग तोड़ना और पुलिस कार्रवाई पूरे आंदोलन का अहम घटनाक्रम है। अब सबकी नजर सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच आगे होने वाली बातचीत पर है।

यदि सरकार छात्रों की प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय लेती है तो आंदोलन को समाप्त करने की दिशा में रास्ता खुल सकता है। वहीं यदि प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बनती है तो छात्र आंदोलन आगे भी जारी रह सकता है।

प्रशासन के सामने भी चुनौती है कि प्रदर्शनकारियों की मांगों को सुनते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखी जाए। छात्रों के लिए भी शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से अपनी बात रखना महत्वपूर्ण होगा।

निष्कर्ष

JPSC-JSSC Protest के दौरान 10 अगस्त को रांची में बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। पुराने विधानसभा भवन के पास छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ने की कोशिश की। स्थिति बिगड़ने पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया।

फिलहाल छात्र विधानसभा के आसपास धरने पर हैं और प्रशासन की ओर से बातचीत की कोशिश जारी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार और छात्रों के बीच बातचीत से JPSC-JSSC विवाद का समाधान निकलेगा या आंदोलन आगे भी जारी रहेगा?

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Manish Singh Chandel
Manish Singh Chandelhttps://bhaiyajiinews.in
Manish Singh Chandel रांची और झारखंड से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से रिपोर्टिंग करने वाले एक अनुभवी पत्रकार हैं। वे Bhaiyajii News में मुख्य संवाददाता (Chief Reporter) के रूप में कार्यरत हैं और राज्य से जुड़े प्रशासनिक, सामाजिक, शैक्षणिक, रोजगार, कानून व्यवस्था और जनहित के मुद्दों पर नियमित रूप से तथ्यात्मक और ज़मीनी रिपोर्टिंग करते हैं। स्थानीय खबरों की गहरी समझ और तेज़ रिपोर्टिंग के लिए जाने जाने वाले मनीष सिंह चंदेल रांची एवं झारखंड के विभिन्न इलाकों से सामने आने वाली घटनाओं, सरकारी फैसलों और नागरिक समस्याओं को प्राथमिकता के साथ कवर करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य आम जनता तक सटीक, निष्पक्ष और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है। बतौर मुख्य संवाददाता, वे ब्रेकिंग न्यूज़, फॉलो-अप रिपोर्ट, व्याख्यात्मक लेख (Explainables) और जनहित से जुड़ी विशेष रिपोर्ट्स पर काम करते हैं। प्रशासनिक सूत्रों, स्थानीय अधिकारियों और ज़मीनी स्तर की जानकारी के आधार पर तैयार की गई उनकी खबरें पाठकों के बीच विश्वसनीयता के लिए जानी जाती हैं। Manish Singh Chandel मानते हैं कि स्थानीय पत्रकारिता लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी होती है। इसी सोच के साथ वे रांची और झारखंड के नागरिक मुद्दों, विकास कार्यों, शिक्षा एवं रोजगार से जुड़ी सूचनाओं को सरल भाषा में प्रस्तुत करते हैं, ताकि हर वर्ग तक खबर की सही जानकारी पहुँच सके। Bhaiyajii News के साथ उनकी भूमिका सिर्फ खबरें प्रकाशित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे संपादकीय मानकों, तथ्य-जांच और समयबद्ध रिपोर्टिंग को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी निभाते हैं।
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