पलामू पुलिस | — झारखंड में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत पलामू पुलिस को एक अहम सफलता हाथ लगी है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई सघन वाहन जांच के दौरान पुलिस ने लगभग 800 ग्राम प्रतिबंधित अफीम के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह अफीम डालटनगंज से ट्रेन के जरिए पंजाब भेजी जानी थी, जहां इसे ऊंचे दामों पर बेचने की योजना बनाई गई थी।
यह कार्रवाई न केवल जिले में सक्रिय तस्करों के लिए कड़ा संदेश है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि पलामू पुलिस संगठित अपराध और नशे के नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
गुप्त सूचना से खुला तस्करी का राज
दिनांक 29 जनवरी 2026 को पुलिस अधीक्षक, पलामू को विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली कि कुछ व्यक्ति पाकी की ओर से एक टेम्पू में सवार होकर अफीम की खेप लेकर आ रहे हैं। सूचना में यह भी बताया गया कि उक्त लोग रजवाडीह चौक होते हुए डालटनगंज पहुंचेंगे और वहां से ट्रेन पकड़कर राज्य से बाहर निकलने की फिराक में हैं।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल सत्यापन और कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद सदर थाना प्रभारी द्वारा संध्या गश्ती में तैनात अधिकारियों एवं जवानों को अलर्ट किया गया और रजवाडीह चौक पर विशेष चेकिंग अभियान चलाने का आदेश दिया गया।
रजवाडीह चौक पर सघन वाहन जांच
निर्देश के आलोक में पुलिस टीम ने रजवाडीह चौक पर टेम्पू, ऑटो, बाइक और अन्य संदिग्ध वाहनों की बारीकी से जांच शुरू की। इसी दौरान एक टेम्पू पुलिस की नजर में आया, जिससे दो युवक बैग लेकर उतरते दिखे। दोनों की गतिविधियां सामान्य यात्रियों से अलग प्रतीत हो रही थीं और वे बार-बार इधर-उधर देखकर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे।
पुलिस को संदेह हुआ कि यही वे व्यक्ति हो सकते हैं, जिनके बारे में गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी। संदेह के आधार पर दोनों युवकों को रोका गया और विधिवत तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उनके बैग से अफीम जैसा मादक पदार्थ बरामद हुआ, जिसे मौके पर ही जब्त कर लिया गया।
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
बरामदगी के बाद दोनों आरोपितों से सख्ती से पूछताछ की गई। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि यह अफीम उन्होंने ग्राम ताल, थाना तरहसी निवासी तेतर यादव से खरीदी थी। उनका उद्देश्य इस अफीम को जालंधर ले जाकर बेचने का था, जहां इसकी कीमत स्थानीय बाजार की तुलना में कई गुना अधिक मिलती है।
आरोपितों ने यह भी बताया कि वे पहले भी इस तरह की तस्करी में शामिल रहे हैं और अलग-अलग मार्गों का इस्तेमाल कर पुलिस की नजर से बचने की कोशिश करते थे। इस खुलासे के बाद पुलिस ने तस्करी के पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।
NDPS Act के तहत मामला दर्ज
दोनों आरोपितों को मौके से गिरफ्तार कर बरामद सामग्री की विधिवत जप्ती सूची तैयार की गई और उन्हें सदर थाना लाया गया। इस संबंध में सदर थाना कांड संख्या-13/2026, दिनांक 29.01.2026 के तहत धारा 17(b)/22(b)/29 NDPS Act में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, NDPS Act के तहत यह एक गंभीर अपराध है, जिसमें दोष सिद्ध होने पर आरोपितों को लंबी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा अफीम की आपूर्ति कहां-कहां की जाती थी।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए दोनों अभियुक्तों की पहचान इस प्रकार की गई है:
- सूचित भुईयां, उम्र लगभग 25 वर्ष
पिता – गणेश भुईयां
पता – ग्राम पथरा कला, पोस्ट + थाना पोंकी, जिला पलामू - कुलेन्द्र भुईयां, उम्र लगभग 25 वर्ष
पिता – केवल भुईयां
पता – ग्राम रिमी रामपुर, थाना लावालोग, जिला चतरा
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों युवक सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय थे और आसान पैसों के लालच में इस अवैध धंधे से जुड़ गए थे।
जप्त सामग्री का विवरण
पुलिस ने आरोपितों के पास से निम्नलिखित सामग्री जब्त की है:
- अफीम जैसा मादक पदार्थ — लगभग 800 ग्राम
- मोबाइल फोन — 02 नग (जिनकी कॉल डिटेल्स की जांच की जा रही है)
- नकद राशि — ₹800/-
मोबाइल फोन से तस्करी से जुड़े अन्य संपर्कों और लेन-देन के सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस की सख्त चेतावनी
पुलिस अधीक्षक, पलामू ने इस कार्रवाई को बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि जिले में नशे के कारोबार को किसी भी हाल में पनपने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उनके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाएगा।
उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि यदि उन्हें अपने आसपास किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या नशे के कारोबार की जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस द्वारा दी गई सूचना को गोपनीय रखा जाएगा।
समाज पर नशे का दुष्प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि अफीम और अन्य मादक पदार्थ युवाओं के भविष्य के लिए बेहद घातक हैं। नशे की लत न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को बर्बाद करती है, बल्कि पूरे परिवार और समाज को भी प्रभावित करती है। ऐसे में पुलिस की यह कार्रवाई समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
आगे की कार्रवाई जारी
पुलिस अब तेतर यादव समेत अन्य संभावित आरोपितों की तलाश में छापेमारी कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि अफीम की यह खेप कहां से लाई गई थी और इससे पहले कितनी बार ऐसी तस्करी की जा चुकी है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।




