झारखंड के पलामू जिले से जुड़ा एक गंभीर और संवेदनशील मामला इन दिनों राजधानी रांची में चर्चा का विषय बना हुआ है। पलामू में कार्यरत ग्रुप D कर्मचारियों को बिना किसी स्पष्ट और वैध कारण के सरकारी नौकरी से बाहर किए जाने का आरोप है। इस फैसले के खिलाफ कर्मचारी पिछले कई दिनों से न्याय की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी आवाज़ सरकार तक नहीं पहुंच पाई है।
पैदल मार्च से शुरू हुआ संघर्ष
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्रुप D कर्मचारियों ने 3 जनवरी 2026 को पलामू से पैदल मार्च की शुरुआत की थी। कड़ाके की ठंड, लंबी दूरी और सीमित संसाधनों के बावजूद कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर 8 जनवरी 2026 को रांची पहुंचे। उनका उद्देश्य था कि वे अपनी बात सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सामने रख सकें और अपने निष्कासन से जुड़े दस्तावेज़ सौंप सकें।
CM से मिलने से रोके जाने का आरोप
कर्मचारियों का आरोप है कि जब वे मुख्यमंत्री आवास पहुंचे, तो प्रशासन ने उन्हें मिलने से रोक दिया। इतना ही नहीं, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें जबरन वहां से हटा दिया गया, जिसके बाद वे निराश होकर रांची के नागाबाबा खटाल, धरना स्थल पर बैठने को मजबूर हुए।
यह घटना कर्मचारियों के आंदोलन के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हुई, क्योंकि इसके बाद मामला केवल नौकरी से निकाले जाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रशासनिक व्यवहार पर भी सवाल उठने लगे।
19 जनवरी से अनिश्चितकालीन धरना
मुख्यमंत्री से मुलाकात न हो पाने के बाद, ग्रुप D कर्मचारियों ने 19 जनवरी 2026 से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। धरना स्थल पर पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी शामिल हैं। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि:
- अब तक कोई सरकारी प्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं आया
- उनकी मांगों पर कोई लिखित या मौखिक आश्वासन नहीं दिया गया
- वे पूरी तरह उपेक्षित और अनसुने महसूस कर रहे हैं
धरना स्थल पर बैठे कर्मचारियों की हालत दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है, लेकिन इसके बावजूद वे आंदोलन खत्म करने को तैयार नहीं हैं।
मीडिया की चुप्पी पर सवाल
सबसे हैरानी की बात यह है कि इतने लंबे समय से चल रहे इस आंदोलन को मुख्यधारा के मीडिया में बहुत कम जगह मिली है।
Bhaiyajii News ने इस मुद्दे को पहले भी प्रमुखता से उठाया था और आज भी निष्पक्ष पत्रकारिता के तहत इस खबर को लगातार कवर कर रहा है, ताकि प्रभावित कर्मचारियों की आवाज़ जनता और प्रशासन तक पहुंचे।
आज की स्थिति: धरना अब भी जारी
आज भी ग्रुप D कर्मचारी नागाबाबा खटाल, धरना स्थल, रांची में डटे हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारी सरकार से यह अपेक्षा कर रहे हैं कि:
- निष्कासन की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच हो
- उन्हें न्याय और पुनर्विचार का अवसर दिया जाए
दस्तावेज़ और आवेदन सार्वजनिक
ग्रुप D कर्मचारियों द्वारा दिए गए सभी आवेदन, शिकायत पत्र और संबंधित दस्तावेज़ पारदर्शिता के उद्देश्य से Bhaiyajii News की वेबसाइट पर अपलोड किए गए हैं, ताकि पाठक स्वयं तथ्यों को देख और समझ सकें।
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